कुबेर भगवान के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे क्योंकि इन्हें धन का देवता माना जाता है। कुबेर जी को भगवान ब्रह्मा जी ने समस्त संपत्ति का स्वामी बनाया है। कुबेर जी को शिव का परम भक्त और नौ निधियों का देवता भी कहा गया है। कुबेर भगवान भगवान कुबेर की माता का नाम देववर्णीणी और उनके पिता का नाम महर्षि विश्रवा है। अब मैं आपको बता दूं कि भगवान कुबेर की सवारी देसी सूअर तथा नेवला को माना गया है। इसके अलावा मत्स्य एवं वायु पुराणो के अनुसार पुष्पक विमान को भगवान कुबेर का वाहन माना गया है।
चलिए हम आपको भगवान कुबेर के बारे में कुछ अन्य जानकारी देते हैं :-
कुबेर जी पहले श्रीलंका के राजा हुआ करते थे। लेकिन रावण ने उनसे लंका को हथिया लिया था। यह भी बताया जाता है कि कुबेर देव के पास एक महत्वपूर्ण पुस्तक विमान और चंद्रकांता मणि भी थी जिसे रावण ने हथिया लिया था।
कुबेर देवता के बारे में यह भी बताया जाता है कि पुनर्जन्म में कुबेर चोर थे।
कुबेर देव की शादी मूर दानव की पुत्री से हुई थी। और फिर इनके दो पुत्र हुए नल कुबेर और मानिग्रीव।
कहा जाता है कि घर की उत्तर दिशा को कुबेर देव की दशा माना जाता है। और कहते हैं कि इस दिशा की दशा सही रखने से घर में सुख शांति और धन-धान्य बना रहता है।
यदि आपको वीर देवता को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आप उन्हें उनकी पसंदीदा मिठाई यानी कि चावल की खीर बनाकर भोग लगा सकते हैं।
इसके अलावा कुबेर देवता को पीले रंग के फूल काफी पसंद है। कहते हैं की गेंदे का पौधा लगाने से धन और धान्य मैं वृद्धि होती है।
वास्तु के मुताबिक कुबेर देवता की मूर्ति को लाकर या तिजोरी में रखने से आर्थिक उन्नति होती है।



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