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Sks Jain

Mar 24, 2026education

गीतिकाव्य क्या है?

5 Answers
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@vandnadahiya7717Nov 19, 2022

गीतिकाव्य का अर्थ ' गाया जा सकने वाला काव्य' है एक काव्य को गीतिकाव्य नहीं कहा जा सकता जिस गीत में तीव्र संगीत आत्मकथा भव अनुभूति रहती है वह गीतिकाव्य कहलाता है गीति एक प्राचीन विधा है और हिंदी के साहित्य कोश में इसका प्रयोग प्राचीनतम है यदि छंद को गीतिकाव्य कहा जाए तो वह अनुचित नहीं होगा गीतिकाव्य का अंग्रेजी में अर्थ लिरिक के जैसा है गीतिकाव्य पर विद्वानों का आपस में मतभेद है। क्योंकि हर एक विद्वान का गीतिकाव्य के प्रति एक अलग ही परिभाषा है।

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@krishnapatel8792Nov 21, 2022

क्या आप जानते हैं कि गीतिकाव्य क्या है नहीं जानते होंगे तो आज हम आपको यहां पर बताएंगे। दोस्तों गीतिकाव्य उसे कहते हैं जो गीत या काव्य रचना को बनाते हैं गीतिकाव्य लिखने वाले गीतकार होते हैं जैसे की फिल्मों में दो से 4 गाने गाए जाते हैं इन गाना को बनाने के लिए गीत कारों की आवश्यकता पड़ती है उन्हीं को गीतिकाव्य कहते हैं इन्हें बहुत ही सम्मान के साथ बुलाया जाता है। संगीत के साथ निर्मित किए गए गीत के शब्दों को बोल भी कहते हैं। गीतिकाव्य को अंग्रेजी में लिरिक्स कहते हैं।Article image

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@poonampatel5896Dec 21, 2022

गीतिकाव्य : गीतिकाव्य वो शब्द होते हैं जो गीत या काव्य रचना को बनाते हैं गीतिकाव्य लिखने वाले गीतकार होते हैं। विशेषकर संगीत के साथ निर्मित किए गए गीत के शब्दो को बोल भी कहते हैं। ऐसा भारतीय परिप्रेक्ष्य में सिनेमा में बहुत आम है इसमें बनाई गई फिल्मों में अक्सर समानता 3 से 4 गीत होते हैं जिन्हें संगीत में ढालकर निर्मित किया जाता है इसके लिए विशेष तौर पर गीत कारों की सेवा ली जाती है और उन्हें बड़े सम्मान के साथ देखा जाता है।Article image

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@preetipatel2612Dec 21, 2022

गीत काव्य की रचना गीत गोविंद जयदेव ने की थी जिसमें भगवान कृष्ण और उनकी गोपियों के रासलीला का वर्णन किया गया था । गीतिकाव्य से आशय ऐसे गीत या काव्य रचना से होता है जो संगीत के साथ निर्मित किए जाते हैं। गीतिकाव्य लिखने वाले व्यक्ति को गीतकार कहते हैं। जिसमें गीत के कुछ बोल भी शामिल होते हैं।ऐसे गीत काव्य रचना से भारतीय परिप्रेक्ष्य सिनेमा में बहुत आम हो चुका है।Article image

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@vrindashashwat9890Mar 23, 2026

हिंदी साहित्य में गीतिकाव्य एक महत्वपूर्ण काव्य रूप है, जो भावनाओं की अभिव्यक्ति से जुड़ा होता है।

गीतिकाव्य वह काव्य होता है, जिसमें कवि अपने मन की भावनाओं, अनुभूतियों और संवेदनाओं को सरल, मधुर और संगीतात्मक रूप में व्यक्त करता है। इस प्रकार के काव्य में भावनाओं की प्रधानता होती है, न कि घटनाओं या कहानी का विस्तार।

गीतिकाव्य आमतौर पर छोटे-छोटे पदों या गीतों के रूप में लिखा जाता है और इसमें लय (rhythm) और माधुर्य (sweetness) होता है। इसमें प्रेम, प्रकृति, भक्ति, विरह आदि भावों को सुंदर तरीके से व्यक्त किया जाता है।

यह काव्य पढ़ने के साथ-साथ गाने योग्य भी होता है, इसलिए इसे गीतिकाव्य कहा जाता है। यह काव्य रूप भावनाओं को सरल और संगीतात्मक ढंग से व्यक्त करने के लिए जाना जाता है।

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