चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है।ऑप्शन ट्रेडिंग में एक विशिष्ट तिथि के भीतर एक निश्चित मूल्य पर स्टॉक अंतर्गत परिसंपत्ति की राशि को लेकिन खरीदने या बेचने की अनुमति देता है लेकिन दायित्व नहीं देता है।
चलिए हम आपको एक आसान उदाहरण के माध्यम से समझते हैं कि ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है-
मान लीजिए जब कोई निवेशक या व्यापारी कोई विकल्प खरीदना है या बेचता है तो जो तारीख निर्धारित होती है उस तारीख के भीतर किसी भी बिंदु पर कोई विकल्प को लागू करना चाहता है तो उसे किसी भी दीपक विकल्प को लागू करने का अधिकार होता है लेकिन किसी विकल्प को खरीदने या बेचने के लिए किसी को वास्तव मे समाप्ति तिथि पर इसका उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होती है।
ऑसम ट्रेडिंग एक कॉन्ट्रैक्ट है जो खरीदार और ब्रिकता के बीच होता है।
अगर मैं ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसे कमाने की बात करूं तो ऑप्शन ट्रेडिंग से शेयर बाजार मे हर रोज ₹100,000 कमाने के लिए कम से कम 10,000 से ₹50,000 होना जरूरी होता है। आप चाहे तो ऑप्शन ट्रेडिंग इतना पैसा निवेश कर सकते हैं कि ऑप्शन ट्रेडिंग से आप प्रतिदिन ₹100000 तक कमा सकते हैं।
ऑप्शन ट्रेडिंग दो प्रकार का होता है -
कॉल और पुट।
कॉल - कॉल एक ऐसा विकल्प अनुबंध है जो आपको किसी परिसंपत्ति को खरीदने का विकल्प देता है लेकिन दायित्व नहीं देता है।
पुट - पुट एक प्रकार का मान लीजिए कि समझौता है। यदि आपकी अंतर निहित परिसंपत्ति एक विशिष्ट तिथि तक एक विशिष्ट मूल्य तक पहुंच जाती है तो यह आपको किसी परिसंपत्ति को बेचने का विकल्प देता है।
लेकिन मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ऑप्शन ट्रेडिंग बहुत जोखिम भरी होती इसमें लाभ भी होता है और घाटा भी होता है।
ऑप्शन ट्रेडिंग मे जो समय मूल्य दिया रहता है उस मूल्य में गिरावट के कारण समय के साथ विकल्पों का मूल्य कम हो जाता है। इसलिए विकल्प खरीददार जितना अधिक समय तक स्थिति में रहता है विकल्प के समय मूल्य में उतनी अधिक गिरावट होती इसके परिणाम स्वरुप ऑप्शन ट्रेडिंग में नुकसान हो सकता है।


Answered By Kiran Kushwaha
Modern India Explorer