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Updated on Feb 7, 2024health-beauty

प्राणायाम किसे कहते हैं ?

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Answered on Feb 6, 2024

वैसे तो प्राणायाम के बारे में आप सभी लोगों को जानकारी तो होगी ही यदि जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है तो आज मैं उन लोगों को प्राणायाम की जानकारी दूंगी इसलिए आप इसलिए को एक बार पूरा अवश्य पढ़े और प्राणायाम की जानकारी प्राप्त करें।

चलिए जानते हैं कि प्राणायाम किसे कहते हैं:-

मैं आपको बता दूं कि प्राणायाम का अर्थ होता है प्राण को आयाम देना। प्राण शक्ति का हमारे पूरे शरीर में संचार होता है। श्वास को सही प्रकार लेकर हम प्राण शक्ति को आयाम दे सकते हैं। अर्थात श्वास सही तरीके से लेकर हम अपनी प्राण शक्ति को बढ़ा सकते हैं इसे ही हम प्राणायाम कहते हैं।

इसके अलावा प्राणायाम को हम सरल शब्दों में सांस लेने व छोड़ने की गति को कुछ देर रोकना इसे भी प्राणायाम कहते हैं।

चलिए हम आपको प्राणायाम के फायदे बताते हैं:-

मैं आपको बता दूं कि प्राणायाम वायु मार्ग के स्त्राव को साफ कर सकता है। और फेफड़ों के अनुपालन को बढ़ा सकता है। इसके अलावा यह सांस लेने के दौरान स्वस्थ मांसपेशियों की कार्य प्रणाली को बढ़ा सकता है जिससे उन्हें मजबूती की प्राप्ति होती है। आप रोजाना 10 मिनट तक प्राणायाम का अभ्यास सुबह शाम खाली पेट कर सकते हैं।

चलिए जानते हैं कि प्राणायाम के प्रकार कितने हैं:-

बताया जाता है की मूल रूप से 12 प्रकार के प्राणायाम होते हैं जिनके फायदे भी अलग-अलग होते हैं।

  • सबसे पहले नंबर पर आता है नाड़ी सोधन।
  • दूसरे नंबर पर आती है शीतल प्राणायाम।
  • तीसरे नंबर पर आती है उज्जयी प्राणायाम।
  • चौथे नंबर पर आती है कपालभाति प्राणायाम।
  • पांचवें नंबर पर आता है दीर्गा प्राणायाम।
  • छठवें नंबर पर आता है विलोम प्राणायाम।
  • सातवें नंबर पर आता है अनुलोम प्राणायाम।
  • आठवें नंबर पर आता है भ्रामरी प्राणायाम।
  • नौवे नंबर पर आता है भस्त्रिका प्राणायाम।
  • दसवे नंबर पर आती है शीतली प्राणायाम।
  • 11वीं नंबर पर आता है मूर्छा प्राणायाम।
  • और अंतिम 12 नंबर पर आता है पलवनी प्राणायाम।

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Answered on Feb 4, 2024

चलिए आज हम आपको बताते हैं कि प्राणायाम किसे कहते हैं। प्राणायाम को आमतौर पर सांस नियंत्रण की प्रक्रिया समझा जाता है। प्राणायाम में किए जाने वाले अभ्यास को देखकर यह ठीक ही लगता है परंतु इसके पीछे सच बात कुछ और ही है। प्राणायाम दो शब्दों के मेल से बना है प्राण और आयाम। प्राण का मतलब महत्वपूर्ण ऊर्जा या जीवन शक्ति है। वह शक्ति जो सभी चीजों में मौजूद है, चाहे वह जीवित हो या निर्जीव। प्राणायाम स्वास्थ्य के माध्यम से यह उर्जा शरीर के सभी नाड़ीयों में पहुंचाती है। यम शब्द का अर्थ है नियंत्रण और योग में इसे विभिन्न नियमों या अचार को निरूपित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। मगर प्राणायाम शब्द में प्राण के साथ यम नहीं आयम की संधि की गई है आयाम का मतलब है एक्सटेंशन या विस्तार करना। तो इसलिए प्राणायाम का सही मतलब है प्राण का विस्तार करना।

तो चलिए अब मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि प्राणायाम के प्रकार कितने होते हैं।

  • नाड़ी शोधन प्राणायाम
  • शीतली प्राणायाम
  • कपालभाति प्राणायाम
  • डिग्र प्राणायाम
  • बाह्य प्राणायाम
  • भ्रामरी प्राणायाम
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम
  • अग्निसार क्रिया
  • ऊगदित त प्राणायाम
  • भास्त्रिका प्राणायाम
  • उज्जायी प्राणायाम

तो चलिए अब मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि प्राणायाम के लाभ क्या होते हैं-

  • प्राणायाम का अभ्यास तनाव, अस्थमा और हकलाने से संबंधित विकारों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
  • प्राणायाम से अवसाद के इलाज के लिए भी कारगर है
  • प्राणायाम के अभ्यास से स्थिर मन और दृढ़ इच्छा शक्ति प्राप्त होती है।
  • प्राणायाम आपके शरीर में प्राण शक्ति बढ़ाता है।
  • प्राणायाम रूकी हुई नाड़ी को भी खोलने में हमारी मदद करता है।
  • प्राणायाम मन को स्पष्ट और शरीर को सेहत प्रदान करता है।
  • प्राणायाम करने से शरीर,मन और आत्मा का मेल बना रहता है।

प्राणायाम के नियम-

प्राणायाम सुबह के समय खाली पेट करें। प्राणायाम ताजी हवा और ऊर्जा से मन और शरीर को भरने का तरीका है। इसलिए सुबह इसके लिए सही समय है। प्राणायाम करने से पहले स्नान अवश्य करें। स्नान के बाद हम ताजा महसूस करते हैं तो यह प्राणायाम के लाभों को पूर्ण रूप से महसूस करने में मदद करता है।

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