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Brijesh Mishra· 6 years ago
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मर्म चिकित्सा क्या है और क्या यह प्रभावशाली है?

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मर्म चिकित्सा वास्तव में अपने अंदर की शक्ति को पहचानने जैसा है। शरीर की स्वचिकित्सा शक्ति (सेल्फ हीलिंग पॉवर) ही मर्म चिकित्सा है। मर्म चिकित्सा से सबसे पहले शांति व आत्म नियंत्रण आता है और सुख का अहसास होता है।


शरीर में 107 मर्म स्थान हैं, जिनसे मेडिकल के छात्रों को उपचार व सर्जरी के दौरान बचाने की सीख दी जाती है। 37 बिंदु शरीर में गले से ऊपर के हिस्से में होते हैं और उनसे लापरवाही भरी कोई छेड़छाड़ जानलेवा भी साबित हो सकती है, इसलिए उनके साथ केवल चिकित्सकों को ही उपचार की अनुमति है, लेकिन अन्य बिंदुओं की जानकारी होने पर आम लोग भी अपने या परिजनों, मित्रों या किसी भी रोगी का इलाज कर सकते हैं।


शरीर के हर हिस्से व अंग के लिए शरीर में अलग-अलग हिस्सों में मर्म स्थान नियत हैं। किसी भी अंग में होने वाली परेशानी के लिए उससे संबंधित मर्म स्थान को 0.8 सैकेंड की दर से बार-बार दबाकर स्टिमुलेट करने से फौरन राहत मिलती है।


गर्दन, पीठ, कमर व पैर दर्द में तो मर्म चिकित्सा के जरिए चुटकी में खत्म हो सकता है।


मर्म चिकित्सा के परिणामों का सप्रमाण प्रस्तुतिकरण एवं प्रदर्शन इस पद्धति की विश्वसनीयता प्रदशिर्त करने में सहायक सिद्ध होता है। मर्म चिकित्सा के परिणाम इतने सद्य: फलदायी एवं आश्चर्य चकित करने वाले होते है कि प्रथम दृष्ट्या इन पर विश्वास करना सम्भव ही नहीं है और यदि कोई इन्हें देखता या अनुभव करता है तो इसका चमत्कार की श्रेणी में आकलन करता है जबकि यह सद्य:कार्यकारी पद्धति पूर्णतया वैज्ञानिक है तथा प्रकृति के मूल-भूत सिद्वान्तों पर ही कार्य करती है। इसको पाखण्ड, जादू और चमत्कार कहना ईश्वरीय स्वरोग निवारण क्षमता का अपमान करना है।


यह पूर्णतया सत्य है कि मर्म विज्ञान विश्व की सबसे प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। जहां अन्य चिकित्सा पद्धतियों का इतिहास कुछ सौ वर्षों से लेकर हजारों वर्ष तक का माना जाता है वहीं मर्म चिकित्सा पद्धति को काल खण्ड में नहीं बांधा जा सकता है। मर्म चिकित्सा द्वारा क्रियाशील किए जाने वाले तंत्र (१०७ मर्म स्थान) इस मनुष्य व्शरीर में मनुष्य के विकास क्रम से ही उपलब्ध हैं। समस्त चिकित्सा पद्धतियां मनुष्य द्वारा विकसित की गई हैं परन्तु मर्म चिकित्सा प्रकृति/ईश्वर प्रदत्त चिकित्सा पद्धति है। अत: इसके परिणामों की तुलना अन्य चिकित्सा पद्धतियों से नहीं की जा सकती है। अन्य किसी भी पद्धति से असाध्य अनेक रोगों को मर्म चिकित्सा द्वारा आसानी से उपचारित किया जा सकता हैं।


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Answered on03/07/20
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