आई आज हम आपको बताते हैं ब्रांडेड कपड़े और लोकल कपड़ों में कितना फर्क होता है -:
1. ब्रांडेड कपड़ों की शाइनिंग बहुत अच्छी होती है जो लंबे समय तक रहती है जबकि लोकल कपड़ों की शाइनिंग बहुत ही घटिया क्वालिटी की होती है जो बहुत देर समय तक टिक नहीं पाती है।
2. ब्रांडेड कपड़ों के जो कलर होते हैं वह अच्छी क्वालिटी का कलर होता है जो लंबे समय तक चलता है जल्दी उजड़ा उजड़ा नहीं दिखाई देता कलर सालों साल तक बना रहता है आपके जो लोकल कपड़े होते हैं उनका कलर बहुत जल्दी ही खराब हो जाता है कपड़े के कलर की चमक चली जाती है।
3 ब्रांडेड कपड़े की सिलाई बहुत अच्छी होती है जो लंबे समय तक चलती है, ब्रांडेड कपड़े की सिलाई के टांके जल्दी खोलते नहीं है वह टिकाऊ होते हैं जबकि लोकल कपड़े की सिलाई बहुत ही खराब क्वालिटी की होती है उनके टाके बहुत घटिया क्वालिटी के होते हैं जिससे कपड़े जल्दी खराब हो जाते हैं।
4. ब्रांडेड कपड़े की कीमत तो जरूर बहुत ज्यादा होती है लेकिन ब्रांडेड कपड़े ब्रांडेड कहलाते हैं और लोकल कपड़ों की कीमत कम होती है जो बहुत ही घटिया क्वालिटी के होते है, वो एक कहावत हैं ना खीर मे जितनी चीनी मिलाओगे खीर उतनी ही मीठी होती हैं ठीक उसी तरह ब्रांडेड ओर लोकल कपड़े मे होता हैं जितना पैसा डालोगे चीज उतनी ही अच्छी मिलेंगी इसीलिए मै लोकल कपड़े की जगह ब्रांडेड ककपड़ा ख़रीदेने की सलाह दूंगी क्युकी एक बाऱ पैसा लगेगा लेकिन चीज अच्छी मिलेंगे।
आज हमने बताया लोकल और ब्रांडेड कपड़ा मे क्या फर्क होता हैं। धन्यवाद ????????????



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