Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
Current Topicsश्राप और अभिशाप में क्या अन्तर होता है ?
A

Anushka

| Updated on February 13, 2024 | news-current-topics

श्राप और अभिशाप में क्या अन्तर होता है ?

2 Answers
logo

@abhishekgaur6728 | Posted on February 12, 2024

श्राप और अभिशाप, दोनों ही नकारात्मक अर्थ वाले शब्द हैं, जो किसी व्यक्ति को कष्ट और दुख देने के लिए बोले जाते हैं।
हालांकि, इन दोनों शब्दों में सूक्ष्म अंतर भी मौजूद हैं।

 

श्राप:

किसी व्यक्ति को कष्ट देने के लिए ऋषि-मुनि, देवता, या अन्य शक्तिशाली व्यक्तियों द्वारा बोला जाता है।इसमें आमतौर पर किसी विशिष्ट घटना या परिणाम का उल्लेख होता है जो व्यक्ति को भोगना होगा।श्राप का प्रभाव स्थायी या अस्थायी हो सकता है।श्राप से मुक्ति के लिए व्यक्ति को क्षमा याचना, तपस्या, या अन्य उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है।

 

अभिशाप:

किसी व्यक्ति को क्रोध, घृणा, या ईर्ष्या के कारण बोला जाता है।इसमें आमतौर पर सामान्य दुख और कष्ट की कामना की जाती है।
अभिशाप का प्रभाव श्राप की तुलना में कम होता है।अभिशाप से मुक्ति के लिए क्षमा याचना या अन्य उपायों का सहारा लेना आवश्यक नहीं होता है।


उदाहरण:

 

श्राप: ऋषि दुर्वासा ने शकुंतला को श्राप दिया कि राजा दुष्यंत उसे भूल जाएगा।

अभिशाप: एक क्रोधित पिता ने अपने बेटे को अभिशाप दिया कि वह कभी सुखी नहीं रहेगा।

निष्कर्ष:

श्राप और अभिशाप, दोनों ही नकारात्मक भावनाओं से प्रेरित होते हैं। श्राप में ऋषि-मुनि या देवताओं की शक्ति शामिल होती है, जबकि अभिशाप में क्रोध, घृणा, या ईर्ष्या जैसी भावनाएं शामिल होती हैं। श्राप का प्रभाव स्थायी या अस्थायी हो सकता है, जबकि अभिशाप का प्रभाव कम होता है। श्राप से मुक्ति के लिए क्षमा याचना या अन्य उपायों का सहारा लेना पड़ सकता है, जबकि अभिशाप से मुक्ति के लिए क्षमा याचना या अन्य उपायों का सहारा लेना आवश्यक नहीं होता है।

 

 

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि श्राप और अभिशाप केवल धार्मिक और पौराणिक कथाओं में ही पाए जाते हैं। वास्तविक जीवन में इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। 

 

 

श्राप और अभिशाप में क्या अन्तर होता है ?

0 Comments
S

@sonamsingh1730 | Posted on February 12, 2024

 क्या आप जानते हैं कि श्राप और अभिश्राप में क्या अंतर है। यदि आप जानते हैं तो अच्छी बात है और यदि आपको इसकी जानकारी नहीं है तो मैं आपको इसकी जानकारी दूंगी।

 

यहां पर मैं आपको बताने वाली हूं श्राप और अभिश्राप में अंतर :-

मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्राप  से एक व्यक्ति बुरी तरह से प्रभावित होता है। जबकि अभिश्राप से उस व्यक्ति का पूरा परिवार प्रभावित होता है। जब श्राप मनुष्य की अनुवांशिकी में आ जाता है तो वह अभिश्राप बन जाता है। मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्राप एक संस्कृत भाषा का शब्द है। श्राप का अर्थ किसी को बद्दुआ देना भी होता है। मैं आपको बता दूं कि श्राप एक ही जन्म में मिलने वाली सजा होती है। और अभिश्राप अनेक जीवनो तक पीछा करती है।

 

 चलिए मैं आपको श्राप का उदाहरण बताती हूं:-

 

 ऐसी मान्यता है कि ऋषि दुर्वासा ने शकुंतला को श्राप दिया था कि वह राजा दुष्यंत को भूल जाएगी।

 इसके अलावा मैं आपको यहां पर अभिश्राप का भी उदाहरण बताऊंगी  :-

 बताया जाता है कि एक क्रोधित पिता ने अपनी बेटी को श्राप दिया था कि वह कभी भी खुश नहीं रहेगी।

 इस प्रकार मैंने आपको यहां पर उदाहरण सहित श्राप और अभिश्राप में अंतर बता दिया है।

 बताया जाता है कि प्राचीन काल में ऋषि मुनि लोग हमेशा क्रोधित होने पर श्राप दे दिया करते थे। और उनका दिया हुआ श्राप हमेशा सत्य साबित होता था। और आज के समय में श्राप जैसी कुछ भी चीज नहीं बची हैं।

 यदि आपको जानकारी पसंद आई हो तो आप हमारे पोस्ट को लाइक और कमेंट कर सकते हैं। क्योंकि यहां पर मैंने आपको बिल्कुल सटीक और सही जानकारी दी है। आप हमारे पोस्ट को एक बार पूरा अवश्य पढ़े।

 

 

Letsdiskuss

0 Comments