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dheeraj kumar· 7 years ago
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अक्षांश और देशांतर में क्या अन्तर है।

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Updated on06/05/26
 

अक्षांश और देशांतर पृथ्वी पर किसी भी स्थान की सही स्थिति (location) जानने के लिए उपयोग की जाती हैं। इन दोनों के बीच मुख्य अंतर उनके दिशा, उद्देश्य और मापने के तरीके में होता है।

अक्षांश (Latitude) क्या है?

अक्षांश वे काल्पनिक रेखाएँ होती हैं जो पृथ्वी को पूर्व से पश्चिम दिशा में घेरती हैं। ये रेखाएँ भूमध्य रेखा (Equator) के समानांतर होती हैं। अक्षांश का उपयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि कोई स्थान भूमध्य रेखा से कितना उत्तर या दक्षिण में स्थित है।

अक्षांश की माप डिग्री (°) में होती है। भूमध्य रेखा 0° अक्षांश होती है, जबकि उत्तर और दक्षिण ध्रुव 90° तक होते हैं।

देशांतर (Longitude) क्या है?

देशांतर वे काल्पनिक रेखाएँ होती हैं जो उत्तर से दक्षिण दिशा में खींची जाती हैं और पृथ्वी को दो भागों में विभाजित करती हैं। ये रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाती हैं।

देशांतर यह बताता है कि कोई स्थान पूर्व या पश्चिम दिशा में प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian) से कितना दूर है। इसका मापन भी डिग्री में किया जाता है, जहाँ 0° देशांतर ग्रीनविच (London) से शुरू होता है।

अक्षांश और देशांतर में अंतर

1. दिशा का अंतर:
अक्षांश रेखाएँ पूर्व-पश्चिम दिशा में होती हैं, जबकि देशांतर रेखाएँ उत्तर-दक्षिण दिशा में होती हैं।

2. माप का आधार:
अक्षांश भूमध्य रेखा से दूरी बताता है, जबकि देशांतर ग्रीनविच रेखा से दूरी बताता है।

3. आकार और संरचना:
अक्षांश रेखाएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं, जबकि देशांतर रेखाएँ ध्रुवों पर मिलती हैं।

4. संख्या:
अक्षांश 0° से 90° उत्तर और 90° दक्षिण तक होते हैं, जबकि देशांतर 0° से 180° पूर्व और 180° पश्चिम तक होते हैं।

5. उपयोग:
अक्षांश जलवायु और मौसम समझने में मदद करता है, जबकि देशांतर समय क्षेत्र (time zones) निर्धारित करने में उपयोगी होता है।

अक्षांश और देशांतर दोनों पृथ्वी पर स्थान निर्धारित करने के महत्वपूर्ण साधन हैं। अक्षांश उत्तर-दक्षिण स्थिति बताता है, जबकि देशांतर पूर्व-पश्चिम स्थिति बताता है। दोनों मिलकर किसी भी स्थान की सटीक पहचान करने में मदद करते हैं और मानचित्रण (mapping) तथा नेविगेशन के लिए बहुत जरूरी हैं।

यहां एक और दिलचस्प विषय है जिसका आप आनंद ले सकते हैं: पृथ्वी के केंद्र के माध्यम से चलने वाला अक्षांश कौन सा है?

Tara Verma
Ten years in the classroom, shaping minds — bringing the same clarity and purpose to every piece she writes about education.
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Tara Verma is a practising teacher and education content writer with over 10 years of classroom experience across primary and secondary levels. She holds a Master's degree in Education (M.Ed.) from Delhi University and a Bachelor of Education (B.Ed.) from Jamia Millia Islamia — qualifications that ground her writing in both pedagogical theory and the day-to-day realities of teaching in India. Her content covers exam preparation strategies, learning methodologies, curriculum guidance, student mental health, career counselling for students, and the evolving state of school and higher education in India. Her work has appeared on platforms including TeacherVision India, Jagran Josh, and Careers360, where she writes for students, parents, and fellow educators who need content built on actual teaching experience — not theory alone. Over a decade of working directly with students across age groups and learning levels has given Tara a practical understanding of how education content should be written — clearly, accessibly, and with genuine awareness of the challenges students and teachers face on the ground. She has taught 1,000+ students, contributed to school curriculum development initiatives, and published 250+ articles on education across digital platforms. She is an active member of the National Council of Teachers of English (NCTE) India. Across all her writing, every recommendation is classroom-tested, every insight comes from direct teaching experience, and every article is held to the same standard she applies in her own classroom — accuracy, clarity, and genuine usefulness for the reader.

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Answered on03/06/26

अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) ग्लोब या मानचित्र पर किसी भी स्थान की सटीक स्थिति का पता लगाने के लिए खींची गई काल्पनिक रेखाएँ हैं।

  • अक्षांश (Latitude): ये रेखाएँ पूर्व से पश्चिम की ओर भूमध्य रेखा (Equator) के समानांतर खींची जाती हैं। ये पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में बांटती हैं और मुख्य रूप से किसी स्थान की जलवायु को दर्शाती हैं।

  • देशांतर (Longitude): ये रेखाएँ उत्तर से दक्षिण की ओर दोनों ध्रुवों (Poles) को मिलाते हुए खींची जाती हैं। ये पृथ्वी को पूर्वी और पश्चिमी गोलार्ध में बांटती हैं और किसी स्थान का समय (Time) तथा तिथि निर्धारित करने में मदद करती हैं।

संक्षेप में याद रखने के लिए: अक्षांश रेखाएँ "लेटी हुई" (क्षैतिज) होती हैं, जबकि देशांतर रेखाएँ "लंबी" (लंबवत) होती हैं।

longitudes and latitudes

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Answered on11/24/22

दोस्तों इस पोस्ट में अक्षांश और देशांतर रेखा में क्या अंतर होता है के बारे में जाएंगे -
• अक्षांश- भूमध्य रेखा के समानांतर किसी भी स्थान की उत्तरी अथवा दक्षिणी ध्रुव की और जो रेखा खींची जाती है उस रेखा को अक्षांश रेखा कहा जाता है भूमध्य रेखा को 0° की अक्षांश रेखा कहा जाता है ध्रुवों की ओर दूरी बढ़ाने पर भूमध्य रेखा से अक्षांश की दूरी बढ़ने लगती है 90° का अक्षांश ध्रुव एक बिंदु में परिवर्तित होता हुआ दिखाई देता है ।

• देशांतर- उत्तरी ध्रुव से दक्षिण ध्रुव से मिलने वाली रेखाओं को देशांतर रेखा कहते हैं यह ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण भूगोलीय ध्रुवों के बीच खींची हुई रेखा दिखाई पड़ती है इसका मान 0 डिग्री पर देशांतर होता है और 180 डिग्री पूर्व से 180 डिग्री पश्चिम की ओर रेखा पर स्थित है।

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Answered on11/23/22

आज हम आपको अक्षांश और देशांतर रेखा में अंतर बता रहे हैं

अक्षांश रेखा: अक्षांश भूमध्य रेखा से किसी स्थान के उत्तर अथवा दक्षिण ध्रुव की तरफ की कोड़ी दूरी की माप को कहते हैं भूमध्य रेखा के समानांतर दोनों तरफ उत्तर एवं दक्षिण मैं पश्चिम से पूरब की ओर 90-90 काल्पनिक रेखाएं खींची गई हैं। इन रेखाओं को अक्षांश रेखा कहते हैं।

देशांतर रेखा : पृथ्वी के उत्तर और दक्षिण ध्रुव को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को देशांतर रेखा कहते हैं। यह रेखाएं एक ध्रुव से शुरू होकर दूसरे ध्रुव पर समाप्त होते हैं यह एक 1 डिग्री के अंतराल में होते हुए 360 की संख्या में होते हैं।Article image

Poonam Patel
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Updated on06/04/26

पहले तो ये समझ लेते है की वाइफ स्वैपिंग होती क्या ह ?

स्वैप करने का मतलब होता है अदला-बदली करना. वाइफ स्वैपिंग में या तो दो पुरुष या पुरुषों का समूह आपस में मिलकर अपनी पत्नियों की अदला बदली करता है. ये अधिकतर एक रात या दिन का अरेंजमेंट होता है. इसके बाद इसका ज़िक्र भी कोई नहीं करता. पहले एक हाई क्लास सोसाइटी का सीक्रेट मानी जाने वाली ये प्रैक्टिस अब मिडल क्लास तक भी पहुंच गई है. इसके बारे में ज्यादा जानकारी अवेलेबल नहीं है, सिवाय चंद ख़बरों के.

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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में wife-swapping के खेल बडे पैमाने पर खेला जा रहा है। युवा कपल इस काले खेल के प्रति आकर्षित भी तेजी से होते जा रहे है। एक स्टिंग ऑपरेशन में इस काले खेल का खुलासा हुआ हैं। जिसमें पति की रजामंदी से एक-दूसरे की वाइफ के साथ संबंध बनाए जाते है। कपल स्वैपिंग के इस खेल में देशभर के करीब 15 से 20 हजार कपल शामिल है।

wife-swapping का यह खेल कुछ बड़ी पार्टियों में भी खेला जाता हैं। इस पार्टी में पार्टनर सेलेक्ट करने का तरीका भी अनोखा होता है। पार्टी के सारे मर्द अपनी गाड़ियों की चाबी एक बाउल में डाल देते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं आंखों पर पट्टी बांधकर बाउल से चाबी निकालती है। महिला के पास जिस पुरूष की गाड़ी की चाबी आती हैं, उसे उस पुरूष के साथ wife-swapping का यह खेल खेलना होता है।

और पढ़ें : वो हाउस वाइफ है इसका क्या अर्थ है ?
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Updated on05/28/26

पृथ्वी अपने धुरी पर घूमती रहती है और किसी भी देश या शहर इस पर कहाँ आया यह जानने हेतु अक्षांश और देशांतर रेखाएँ बनाई गई है जो को काल्पनिक है पर काफी महत्वपूर्ण है। इस की सहाय से किसी भी शहर का भौगलिय स्थान एवं समय जाना जा सकता है। पृथ्वी के कुल व्याप को ध्यानमे रखते हुए यह रेखाएँ बनाई गई है।

देशांतर रेखा से किसी भी देश अपने यहां का प्रमाणभूत समय तय कर सकता है। अगर अक्षांश की बात की जाए तो वैसे तो काफी सारी रेखाएँ है पर इन में से विषुववृत्त, कर्कवृत्त एवं मकरवृत्त मुख्य है। विषुववृत्त पृथ्वी के मध्य में होने से उस के दो समान हिस्से करता है। इस रेखा पर सूर्य हमेशा होने से यहाँ गर्मी ज्यादा रहती है।

विषुववृत्त के ऊपर के हिस्से में कर्कवृत्त और नीचे के हिस्से में मकरवृत्त स्थिर है। देशांतर रेखा और अक्षांश किसी भी स्थान को जानने में काफी अहम् भूमिका अदा करते है। हवाई जहाज और पानी के जहाज इन्ही रेखाओ के चलते अपनी स्थिति जान सकते है और किसी भी स्थान पर पहुंच सकते है। देशांतर रेखाओ में ग्रीनिच और अक्षांश में विषुववृत्त सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते है। ग्रीनिच देशांतर रेखा से ही सब जगह का समय तय होता है।
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