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Updated on Nov 7, 2023education

EVM का फुल फॉर्म क्या हैं?

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Answered on Nov 6, 2023

दोस्तों चलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि एमबीएम का फुल फॉर्म क्या होता है यदि आपको नहीं पता तो आप इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें क्योंकि हम आपको इसमें पूरी जानकारी देंगे। एमबीएम का फुल फॉर्म होता है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मशीन है जो वोटिंग के समय भी उसे की जा सकती है यह इस्तेमाल की जाती है। भारत में पहली वोटिंग मशीन का आविष्कार एम बी हनीफा ने 1980 मैं किया था। यह लगातार प्रभावित प्रक्रिया है क्योंकि प्रत्येक मतदाता केंद्र में केवल एक ही मत पत्र की आवश्यकता होती है। इसे बिना किसी परेशानी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है या पहुंचा जा सकता है। यह एक पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रिया है क्योंकि इसमें कागज का उपयोग शामिल नहीं है जो पेड़ों को बचाने में मदद करता है यदि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया हो तो आप इसे लाइक कीजिए।Article image

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Updated on Nov 6, 2023

EVM का फुल फॉर्म- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जैसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग को लागू करने के लिए डिजाइन किया गया है। ईवीएम एक मशीन है, जिसमें चुनाव में खड़े उम्मीदवारों की सूची उनके नाम और उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह के साथ अंकित होती है और ठीक सामने एक नीली बटन होती है, उसकी सहायता से मतदाता बटन दबाकर अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट देते हैं।

भारत में पहली वोटिंग मशीन का आविष्कार एम बी हनीफा ने 1980 में किया था इस मशीन का मूल डिजाइन तमिलनाडु के छह अलग-अलग शहरों में आयोजित विभिन्न सरकारी प्रदर्शनियों में जनता को दिखाया गया था। यह लागत प्रभावी प्रक्रिया है क्योंकि प्रत्येक मतदान केंद्र में केवल एक ही मत पत्र की आवश्यकता होती है और EVM की परिवहन लागत भी पारंपरिक मत पत्तियां से कम होती है।

Letsdiskuss

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Answered on Jul 2, 2022

क्या आप जानते हैं कि EVM का फुल फॉर्म क्या होता है। क्योंकि ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिन्हें पता नहीं होता है कि EVM का फुल फॉर्म क्या होता है तो आज यहां पर हम आपको EVM से जुड़ी तमाम जानकारी देंगे। EVM का फुल फॉर्म होता है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन। ये मशीन एक ऐसी डिवाइस है जो दो यूनिट से मिलकर बनी होती है कंट्रोल यूनिट और वैलेटिंग यूनिट। हम आपको बता दें कि EVM मशीन बिजली से नहीं चलती है बल्कि यह मशीन बैटरी के द्वारा चलती है। इसलिए लाइट ना होने पर भी वोटिंग करने की प्रोसेस नहीं रुकती है।Article image

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Awni rai
Answered on Mar 12, 2020

EVM का मतलब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग को लागू करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उपयोग हाल ही में 2017 में पूरे भारत में पांच राज्यों में हुए राज्य चुनावों में किया गया है। आज, इसने भारत में स्थानीय, राज्य और आम (संसदीय) चुनावों में कागजी मतपत्रों की जगह ले ली है।


ईवीएम मशीन में मुख्य रूप से दो इकाइयाँ होती हैं; कंट्रोल यूनिट और बैलेटिंग यूनिट। ये दोनों इकाइयाँ एक केबल द्वारा जुड़ जाती हैं। बैलेटिंग यूनिट को मतदान डिब्बे के अंदर रखा जाता है और नियंत्रण इकाई मतदान अधिकारी के पास रहती है। बैलेटिंग यूनिट में पार्टी के प्रतीकों और संबंधित उम्मीदवार नामों के साथ क्षैतिज रूप से लेबल किए गए नीले बटन होते हैं। नियंत्रण इकाई में एक "बैलट" चिह्नित बटन है। मतदाता ने मतपत्र इकाई पर वांछित नीले बटन को दबाकर अपना वोट डाला। जैसे ही अंतिम मतदाता वोट डालते हैं मतदान अधिकारी "क्लोज बटन" दबाते हैं ताकि ईवीएम किसी भी वोट को स्वीकार न करे। चुनाव समाप्त होने के बाद, बैलेटिंग यूनिट को कंट्रोल यूनिट से काट दिया जाता है और अलग रखा जाता है।


  • भारत में पहली वोटिंग मशीन का आविष्कार एम। बी। हनीफा ने 1980 में किया था। इस मशीन का मूल डिज़ाइन तमिलनाडु के छह अलग-अलग शहरों में आयोजित विभिन्न सरकारी प्रदर्शनियों में जनता को दिखाया गया था।
  • 1982 में, EVM का उपयोग केरल में परवूर निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में सीमित संख्या में मतदान केंद्रों के लिए किया जाता है।
  • 1989 में, इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से भारत के चुनाव आयोग द्वारा ईवीएम का गठन किया गया था।


लाभ

  • यह अमान्य या संदिग्ध वोटों की संभावना को कम करता है।
  • यह पारंपरिक प्रणाली की तुलना में वोटों की गिनती का तेज़ तरीका प्रदान करता है। यह चुनाव अधिकारियों के समय और प्रयासों को बचाता है।
  • यह एक पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रिया है क्योंकि इसमें कागज का उपयोग शामिल नहीं है जो पेड़ों को बचाने में मदद करता है।
  • यह लागत प्रभावी प्रक्रिया है क्योंकि प्रत्येक मतदान केंद्र में केवल एक ही मतपत्र की आवश्यकता होती है और ईवीएम की परिवहन लागत भी पारंपरिक मतपेटियों से कम होती है।
  • इसे बिना किसी परेशानी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया या पहुंचाया जा सकता है।
  • कम समय में अधिक लोग वोट डाल सकते हैं।
  • भविष्य के संदर्भ के लिए डेटा को अधिक समय तक बचाया जा सकता है।

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