दोस्तों आपने एटीएस का नाम तो सुना ही होगा। अगर नहीं सुना है तो चले इस पोस्ट के जरिए हम एटीएस के बारे में बताते हैं और एटीएस का फुल फॉर्म क्या होता है इसके बारे में भी बताएंगे।
ATS का फुल फॉर्म Anti terrorist squad(आतंकवाद निरोधक दस्ता )है।
एटीएस एक विशेष पुलिस बल है जो देश में आतंकवादी गतिविधियों को रोकता है। एटीएस अधिकारियों को सभी प्रकार के आतंकवादी हमले से निपटने के लिए शिक्षा दी जाती है।भारतीय राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश,महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, गुजरात, पश्चिम बंगाल,और बिहार में एटीएस के नाम से जाने जाने वाली एक विशिष्ट पुलिस सेवा है। यह पुलिस देश भर के विभिन्न आतंकवादी के हमलों को रोकता है। यानी कोई आतंकवादी देश में हमला करता है तो ATS पुलिस उन आतंकवादी के हमलों को रोकते हैं।
ATS पुलिस देश में आतंकवाद से निपटने के लिए आतंकवाद विरोधी इकाई पर कड़ी नजर रखती है। यह नागरिकों को आतंकवादी हमले से बचाती है, बमो को नष्ट करती है और बारूदी सुरंग में विस्फोट करती है।एटीएस हानिकारक पदार्थो जैसे बम, इत्यादि पर जानकारी एकत्रित करने के लिए विदेश में यात्रा करती है।
भारत का पहला ATS 1990 में महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस आफताब अहमद खान जिसे ए ए खान के नाम से जाना जाता है के द्वारा स्थापित किया गया था। महाराष्ट्र पुलिस के मूल एटीएस को समाप्त कर दिया गया और फिर उसका पुनर्गठन किया गया।
महाराष्ट्र पुलिस एटीएस स्थापित करने वाला देश का पहला पुलिस विभाग था। लेकिन इसे 1993 में समाप्त कर दिया गया था और इसके बाद इसे 2004 में फिर से महाराष्ट्र पुलिस बल के रूप मे शामिल कर लिया गया था।
चलिए हम एटीएस के मुख्य कार्यों के बारे में बताते हैं-
- एटीएस राष्ट्रवादी ताकतों से जुड़ी अधिक जानकारी एकत्रित करते हैं।
- आईबी और रॉ जैसी खुफिया एजेंसियों के साथ सहयोग करके एक दूसरे से जानकारी साझा करते हैं।
- नशीली दावों और नकली मुद्रा,जैसी धोखाधड़ी का पता लगाते हैं और उन्हें नष्ट करते हैं।




