किसी कविता को पढ़कर या सुनकर ह्रदय मे जो आनंद की अनुभूति होती है, उसे रस कहते है। काव्य मे रसो की संख्या 9 होती है, इसे दोहे के रूप मे समझा जा सकता है।
उदाहरण :-
शांत रौद्र, अदभुत करुण,हास्यवीर,श्रग्रार।
महाभयानक जानिये,अरु वीभत्स,अपार।
रस का नाम भाव
श्रग्रार रस प्रेम
वीर रस उत्साह
हास्य रस हास
रौद्र रस क्रोध
भयानक रस भय
वीभत्स रस घृणा
करुण रस शोक
अदभुत रस विस्मय
शांत रस निर्वेद


