अगर आपको साधारण से शब्दों में बताया जाएं तो वसुधा “ शब्द का अर्थ पृथ्वी होता है वसुधैव और कुटुंबकम का अर्थ है सारी पृथ्वी एक कुटुंब/परिवार के समान।वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ है जहांँ एक और पूरी वसुधा अर्थात हमारी पृथ्वी को एक परिवार के रूप में बांध देता है वही यह भावनात्मक रूप से मनुष्य को अपने विचारों और कार्यों के प्रभाव को विस्तृत करने की बात कहता है।
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| Updated on January 2, 2026 | astrology
वसुधैव कुटुंबकम् का अर्थ क्या है?
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@poojamishra3572 | Posted on January 2, 2026
वसुदेव कुटुंबकम् हमारे हिंदू धर्म जिसे सनातन धर्म भी कहते हैं का मूल मंत्र है जिसका अर्थ है पूरा विश्व भले ही वह किसी भी धर्म जाती रंग का सब एक परिवार के सामान है। हमारे धर्म में हीं नहीं यह हमारे भारत वर्ष के संस्कार का द्योतक है। विश्व के स्तर पर हम भारतीयों की विचारधारा का यह मूल है। वसुदेव कुटुंबकम् महा उपनिषद व कई अन्य ग्रंथों में लिखा हुआ है। इसका शाब्दिक अर्थ है धरती ही परिवार है। संसद भवन के प्रवेश कक्ष में भी यह लिखा हुआ है।पुराणों के अनुसार कहा गया है की आध्यात्म की दृष्टि से अधिक लोगों की आत्मीयता के बंधनों में बंधना, सुख-दुख को मिल-जुलकर बाँटना, अपने अधिकार को गौण रखते हुए कर्तव्य का पालन करना, पारिवारिकता है। पारिवारिकता के इस आत्मीयता के विकसित रूप को, समाजवाद या साम्यवाद कहते हैं।
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@godambarinegi3296 | Posted on February 17, 2020
- वसुधैव कुटुंबकम् का अर्थ है-संपूर्ण वसुधा परिवार है।
- अर्थात इस पृथ्वी पर रहनेवाले सभी व्यक्ति चाहे वो किसी भी देश किसी भी धर्म अथवा जाति के हों पृथ्वी रूपी परिवार के सदस्य हैं। प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है सब से प्रेम करे।
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क्या आप जानते हैं कि वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ क्या होता है शायद आपको इसका अर्थ मालूम नहीं होगा तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं वसुधैव कुटुंबकम सनातन धर्म का मूल संस्कार व विचारधारा है जो महा उपनिषद सहित कई ग्रंथों में लिपिबद्ध है। यदि सामान्य भाषा में बोला जाए वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ है धरती ही परिवार है। यानी कि पूरे विश्व में जितने भी रंग रूप जाति के लोग रहते हैं वह सभी वसुधैव कुटुंबकम के अंतर्गत आते हैं यहां पर किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होता।

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