अगर पुराण ना होते हैं तो हिंदू धर्म के रीति रिवाज मान्यताएं ईश्वर के प्रति विश्वास प्राचीन सभ्यता आदि के बारे में हमें ज्ञान ना हो पाता। पुराणों के माध्यम से ही हमें विभिन्न संस्कृतियों मान्यताओं आश्रम व्यवस्था, वर्ण व्यवस्था, विवाह व्यवस्था, विभिन्न कर्तव्य, नैतिकता, आदि के बारे में ज्ञान प्राप्त होता है। पुराणों की कुल संख्या 18 मानी गई है। इन पुराणों में विभिन्न सृष्टियों, संसारो का ज्ञान भी प्राप्त होता है। इनकी रचना पुरातन संस्कृत भाषा में हुई है। बाद में इनका विभिन्न भाषाओं में अनुवाद भी किया जा चुका है। इनमें विभिन्न देवताओं की जीवनी का वर्णन भी किया गया है।
Asked 5 years ago
पुराण क्या हैं?
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पुराण जैसा कि नाम से ही सुस्पष्ट होता है कि पुराण शब्द का शाब्दिक अर्थ है प्राचीन या पुराना। पुराण हिंदू धर्म के महान ग्रंथ है जो कि हिंदुओं के लिए एक प्राचीन धरोहर से है। मूलतः पुराणों से हमें धर्म- अधर्म ,कर्म -कुकर्म ,पाप -पुण्य आदि का ज्ञान होता है। और कुछ पुराणों में तो सृष्टि के आरंभ से लेकर अंत तक का संपूर्ण विवरण देखने को मिलता है। पुराणों की कुल संख्या 18 मानी जाती है। जो की मूलतः संस्कृत भाषा में लिखित है।
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Answered By Arjun Kumar
Society & Culture ExplorerI am a student and I love art study
Answered on05/25/21

