दुनिया का सबसे मजबूत पदार्थ ग्रेफीन होता है, ग्रेफीन स्टील से भी अधिक मजबूत होता है। ग्रेफीन 1स्क्वाययर मीटर की शीट का वजन लगभग 0.77 जीयमएस होता है। ग्रेफीन पदार्थ बहुत ही लचीला होता है, इसक़े मेटेरियल में बहुत से फीचर्स मौजूद होते हैं कि कोई भी व्यक्ति सोच नहीं सकता है। ग्रेफीन क़े मटेरियल का उपयोग ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक तथा नॉन-इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने क़े लिए करते है। क्योंकि ग्रेफीन पदार्थ जंग रोधक होता है और ग्रेफीन कागज से भी 10 गुना अधिक हल्का हो सकता है।
ग्रेफीन पदार्थ की खोज सर्वप्रथम वर्ष 2004 में प्रोफेसर कोंसटांटि नोवोसोलो और आंद्रे जीम जी ने किया था। ग्रेफीन पतले कार्बन परमाणुओं से मिलकर बना होता है तथा ग्रेफीन पदार्थ स्टील से भी कई गुना अधिक मजबूत होता है। ग्रेफीन पदार्थ बहुत ही पतला, पारदर्शी, मजबूत तथा लचीला मटेरियल होता है। ग्रेफीन जैसे पदार्थ की खोज करने क़े लिए कोंसटांटि नोवोसोलो और आंद्रे जीम क़ो 2010 में भौतकी का नोबल पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है।
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ग्रेफीन से बने इलेक्ट्रिक सामान अधिक मजबूत होते है, जैसे कि बिजली के खम्बे, ट्रांसफार्मर, और बिजली के वायर आदि चीजे मजबूत होती है।ग्रेफीन से बने पदार्थ बिजली वायर का उपयोग दूर -दूर तक बिजली पहुचाने क़े लिए किया जाता है।
ग्रेफीन सिलिकान से कई गुना अधिक होता है, ग्रेफीन का उपयोग चिप बनाने क़े लिए तथा कम्प्यूटर के अन्य बॉडी पार्ट्स बनाने में ग्रेफीन का इस्तेमाल किया जाता है।
सेल फोन की डिस्प्ले तथा बैटरी बनाने क़े लिए ग्रेफीन उपयोग किया जाता है,क्योंकि ग्रेफीन अधिक मजबूत होता है और अधिक समय तक ग्रेफीन चलता है, मोबाइल फोन की बैटरी बनाने में ग्रेफीन इस्तेमाल किये जाने क़े कारण मोबाइल की बैटरी जल्दी चार्ज हो जाती है। वही मोबाइल फोन की डिस्प्ले मजबूत होने के कारण मोबाइल गलती से जमीन गिर जाता है, तो मोबाइल का डिस्प्ले जल्दी खराब नहीं होता है।



