किस बात ने आपको निःशब्द कर दिया - letsdiskuss
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Himani Saini

| पोस्ट किया |


किस बात ने आपको निःशब्द कर दिया


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| पोस्ट किया


मेरे दोस्त की मम्मी हॉस्पिटल मे एडमिट थी, मै हॉस्पिटल से दूर मेडिकल दवाई लेने क़े लिए आया था। तभी मैंने देखा कि मेडिकल शॉप के पास पहुंचते ही मैंने पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके उतरा तो मैंने देखा कि एक भिखारी खड़ा हुआ तो उसने धीरे से कुछ बोला और शायद वह कुछ खाने क़े लिए मांग रहा था और मैने उसकी बात इग्नोर करक़े वहाँ से निकल गया। मुझे हॉस्पिटल दवाई लेकर जल्दी जाना था,मैंने जैसे ही मेडिकल से जैसे ही दवाई लेकर निकलाकर बाइक मे बैठा तो उसी आदमी क़े ऊपर मेरी नज़र पड़ी,वह बच्चे के साथ खड़ा था और उसका बच्चा बोल रहा था पापा भूख बहुत लगी तो उसने बोला कि बस बेटा आटा लेकर घर चलते फिर घर जाकर रोटी बनाकर खायेंगे। उस आदमी की बातो ने मुझे नि:शब्द कर दिया।

 

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मुझे बहुत पछतावा हुआ मै सोच रहा था खास उस आदमी की बाते पहले सुन लेता। फिर मैंने उस आदमी को अपने पास बुलाकर उसको कुछ पैसे चुपके से दे दिया ताकि उसका बच्चा पैसे देते हुए देख न पाए। वो आदमी बोला कि वह मेहनत करके पैसे कमाता है, लेकिन कुछ दिनो से  उसे कोई काम नहीं मिला इसलिए घर का राशन खत्म हो चूका है।

 

 

उस आदमी ने बोला मुझे पैसे नहीं चाहिए बल्कि आप पैसे क़े बदले मुझे 1किलो आटा दिलवा दीजिये। मुझे उस व्यक्ति की बाते सुनकर बहुत ही दुःख हुआ और मै तुरंत बाइक से उतर कर राशन की दुकान शॉप पर जाकर उस आदमी क़ो थोडा सा राशन खरीदकर दिलवाया दिया, उस आदमी ने मुझे खूब दुआए दी। इस बात ने मुझे पूरी तरह से नि:शब्द कर दिया, कभी कभी हम लोग अनजाने मे कितनी बड़ी भूल कर बैठते है क्योंकि हमे लगता है कि रोड क़े किनारे भीख मांगने वाले व्यक्ति जो भी राशन मांगते है, वह राशन बेचकर पैसे कमाने क़े लिए करते है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है, सब लोग एक जैसे नहीं होते है, कुछ लोगो की मजबूरी होती है जिस वजह से वह मदद 

दुसरो से मदद मांगते है।


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