ऑटिस्टिक चाइल्ड की परवरिश में उनके पैरंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ? - letsdiskuss
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गीता पांडेय

head cook ( seven seas ) | पोस्ट किया |


ऑटिस्टिक चाइल्ड की परवरिश में उनके पैरंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?


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fitness trainer at Gold Gym | पोस्ट किया


बच्चों की सही परवरिश करना किसी भी माँ बाप के लिए आसान नहीं होता हर माँ बाप चाहतें है उनके बच्चों को सही संस्कार, विचार और सही केयर मिले | लेकिन अगर कोई बच्चा ऑटिस्टिक चाइल्ड होता है तो उसे ख़ास देखभाल की जरुरत होती है |  
ऑटिस्टिक एक मानसिक रोग है जिसमें कोई भी रोगी आम लोगों की तरह परिवार और समाज से आम लोगों की तरह नहीं जुड़ सकता, क्योंकि एक ऑटिस्टिक रोगी में इतनी क्षमता नहीं होती है इसलिए ऐसे बच्चों को स्पेशल चाइल्ड भी कहा जाता है | हाला की अभी तक ऐसा शोध नहीं हुआ जिसमें ऑटिस्टिक को एक मानसिक बीमारी करार किया गया हो | 

Letsdiskuss (courtesy-Raising Children Network )

क्या है ऑटिज्म ?
ऑटिज्म एक तरह का न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर होता है जिसमें दूसरे लोगों से व्यवहार करने की क्षमता को सीमित कर देता है और अलग - अलग बच्चो में इसके अलग अलग लक्षण दिखाई देते है , लेकिन इन सभी ऑटिस्टिक बच्चों का आईक्यू सामान्य बच्चों की तरह ही होता है | यहाँ तक की 90 % ऑटिस्टिक बच्चें बहुत जीनियस होते है |

ऑटिस्टिक चाइल्ड की परवरिश के लिए उनके पेरेंट्स के लिए ध्यान रखने योग्य बातें -

1- बच्चों को शारीरिक खेल के लिए प्रोत्साहित करें -
हमेशा कोशिश करें कि आप अपने ऑटिस्टिक चाइल्ड को फिजिकल खेलों के लिए प्रोत्साहन दें की वह ज्यादा से ज्यादा शारीरिक खेलों पर ध्यान दें |

2- छोटे - छोटे वाक्यों में बात करें -
हमेशा ध्यान रहे कि ऑटिस्टिक बच्चों को एक सतह ज्यादा शब्द समझ नहीं आते इसलिए उनसे छोटे छोटे वाक्यों में बात करें , जिससे उन्हें आपके साथ बात करने में आसानी हो |

3- उनके हर काम की तारीफ़ करें -
कोशिश करें आप उनकी हर बात की तारीफ़ करें और उन्हें प्रोत्साहन दें की वह जो कर रहे है बहुत अच्छा कर रहे है |

4- स्कूल में जरूर दाखिल करवाए -
ऑटिस्टिक बच्चों का अपना एक अलग स्कूल होता है इसलिए कोई भी माता पिता यह ना सोचे की उनका बच्चा औरो की तरह पढ़ने लिखने में सक्षम नहीं है |


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