कोई भी स्टूडेंट जो 12वीं पास करने के बाद अगर आप आगे पढाई करना चाहते है तो आपको उसके लिए ग्रेजुएशन डिग्री करनी होगी। ग्रेजुएशन में आप अपने रुचि के अनुसार और क्वालिफिकेशन के हिसाब से अपनी पसंद का कोर्स और कॉलेज चुन सकते है। जब ग्रेजुएशन की बात आती है तो लोग सरकारी कॉलेज से ग्रेजुएशन करना पसंद करते है। लेकिन अब प्राइवेट कॉलेज भी बहुत खुल गए जहां अच्छी पढाई होती है। कोर्स को मुख्यतः 3 स्ट्रीम/फील्ड में बताया गया है:
1--आर्ट्स
2--कॉमर्स
3--विज्ञान
आर्ट्स स्ट्रीम में सबसे ज्यादा विकल्प होते है विशेषज्ञता के लिए। आर्ट्स फील्ड को परिभाषित करना बहुत मुश्किल है क्यूंकि इसमें प्रोफेशन होते है जो एक दूसरे से एकदम डिफरेंट देखते है, लेकिन इस स्ट्रीम में ही सबसे ज्यादा करियर के लिए विकल्प होते है।
कोर्स का प्रकार: अंडरग्रेज्युएट
कोर्स की अवधि: 3 साल
1. बी.ए. का फुल फॉर्म होता है बैचलर ऑफ़ आर्ट्स। बी.ए. कोर्स अलग-अलग स्पेशलाइजेशन में किया जा सकता है, जैसे की:
•बीए मनोविज्ञान
•बीए इतिहास
•बीए पुरातत्व
•बीए अर्थशास्त्र
•बीए पत्रकारिता
•बीए अंग्रेजी
•बीए हिंदी
•अन्य भाषाओं में बीए (राज्यवार) / विदेशी भाषाएं, •जैसे बीए फ्रेंच
•बीए समाजशास्त्र
•बीए राजनीति
•बीए भूगोल
•बीए भारतीय संस्कृति
•बीए सामाजिक कार्य आदि।
*करियर के विकल्प:-
•शिक्षा क्षेत्र (शिक्षक / प्रोफेसर)
•मीडिया (पत्रकारिता)
•एनजीओ (सामाजिक कार्यकर्ता)
•मीडिया (कॉपी राइटर)
•राजनीति
•दूतावास (अनुवादक)
करियर के विकल्प:
बैचलर ऑफ कॉमर्स [बी.कॉम/बी.कॉम (ऑनर्स)]
व्यवसाय प्रशासन स्नातक (बीबीए)
प्रबंधन अध्ययन स्नातक (बीएमएस)
बी.कॉम, बीबीए, बीएमएस के बाद करियर के अवसर:
प्रशासन और संचालन
परियोजना प्रबंधन (कार्यकारी स्तर)
उद्यम प्रबंधन
मानव संसाधन प्रबंधन और विकास
ग्राहक प्रबंधन
डेटा प्रबंधन और सिस्टम विश्लेषण
बिक्री और विपणन
वित्तीय प्रबंधन
संचार प्रबंधन
इंडस्ट्री और सेक्टर
•बैंकिंग
•कंसल्टेंसी
•डिजिटल मार्केटिंग
•मनोरंजन
•फाइनेंस
•सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)
•बीमा
•मीडिया
•ऑफलाइन मार्केटिंग
•विनिर्माण
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4. चार्टर्ड अकाउंटंसी
करियर : अकाउंटेंट, सीए
5. कंपनी सेक्रेटरी
करियर: सीएस
6. कोस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट
करियर: कोस्ट अकाउंटेंट
•अस्पताल / गैर सरकारी संगठन (मनोवैज्ञानिक)
