दुनिया के पहले सफल विमान की उड़ान का श्रेय राइट ब्रदर्स (Wright Brothers), यानी ऑरविल राइट और विल्बर राइट को दिया जाता है। उन्होंने इतिहास में पहली नियंत्रित, संचालित और भारी-से-वायु (heavier-than-air) विमान उड़ान को सफल बनाया।
यह ऐतिहासिक उड़ान 17 दिसंबर 1903 को अमेरिका के किटी हॉक (Kitty Hawk), नॉर्थ कैरोलाइना में हुई थी। उस दिन ऑरविल राइट ने विमान “Flyer I” को उड़ाया और यह उड़ान लगभग 12 सेकंड तक चली, जिसमें विमान ने लगभग 120 फीट (करीब 36 मीटर) की दूरी तय की। उसी दिन उनके भाई विल्बर राइट ने भी उड़ान भरी थी, जो थोड़ी लंबी थी।
यह विमान लकड़ी, कपड़े और हल्के इंजन से बनाया गया था और इसमें कोई आधुनिक सुविधा नहीं थी। यह पूरी तरह से एक प्रयोगात्मक (experimental) विमान था, जिसने आगे चलकर पूरी दुनिया में हवाई यात्रा के युग की शुरुआत की।
अब अगर “किराया” की बात करें तो यह समझना जरूरी है कि उस समय यह कोई वाणिज्यिक (commercial) विमान सेवा नहीं थी। यानी 1903 में इस विमान से कोई टिकट या किराया नहीं लिया जाता था, क्योंकि यह केवल एक प्रयोगात्मक उड़ान थी, न कि यात्री सेवा।
वास्तविक हवाई किराया और यात्री उड़ानें कुछ साल बाद शुरू हुईं। दुनिया की पहली वाणिज्यिक यात्री विमान सेवा लगभग 1914 में अमेरिका में St. Petersburg–Tampa Airboat Line के रूप में शुरू हुई थी। इसमें एक तरफ का टिकट लगभग 5 डॉलर था, जो उस समय के हिसाब से एक महत्वपूर्ण राशि थी।
समय के साथ हवाई यात्रा विकसित होती गई और आज यह सबसे तेज और आम परिवहन साधनों में से एक बन चुकी है।
निष्कर्ष रूप में, दुनिया के पहले विमान ने 17 दिसंबर 1903 को राइट ब्रदर्स द्वारा उड़ान भरी थी, और उस समय कोई किराया नहीं था क्योंकि यह एक प्रयोगात्मक उड़ान थी, न कि यात्री सेवा। बाद में 1914 में पहली वाणिज्यिक उड़ान सेवा शुरू हुई, जहां सीमित किराया लिया जाने लगा।
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