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Jan 15, 2022education

एशिया के किस आदमी को नोबेल पुरस्कार मिला था?

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Jan 14, 2022

रविंद्रनाथ टैगोर का जन्म 7मई सन 1861 को बांग्ला फैमिली मे हुआ था,उनके पिता जी का नाम देवेन्द्रनाथ टैगोर था, जो धर्मिक तथा समाजिक सेवा मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देते थे, और रविंद्रनाथ की माता जी का नाम शारदा देवी था। रविंद्रनाथ टैगोर ने भारत राष्ट्रीय गान 'जन गण मन अधिनायक ' को बांग्ला भाषा मे लिखें है। रविंद्रनाथ टैगोर ने 157 काव्य संग्रहो की लिखा है, उनको बहुत से नोबेल पुरुस्कार देकर उनको सम्मानित किया गया है। रविंद्रनाथ टैगोर भारत के नहीं बल्कि एशिया के प्रथम ऐसे व्यक्ति थे जिनको सन 1913 मे गीतांजलि कृति लिखने पर नोबेल पुरुस्कार देकर उनको सम्मानित किया गया था।

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Jan 15, 2022

नोबेल पुरस्कार एक वार्षिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है जिसे यह पहली बार यह 1913 में भौतिक, रसायन विज्ञान, एवं शरीर विज्ञान, या चिकित्सक शांति और अर्थशास्त्र के पहले एशिया से नोबेल पुरस्कार प्राप्तकर्ता रविंद्र नाथ टैगोर है जिन्हे नोबेल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था। रविंद्र नाथ टैगोर भारत से ही नहीं बल्कि एशिया के प्रथम व्यक्ति थे जिन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। रविंद्रनाथ टैगोर ने भारत के राष्ट्रीय गान 'जन गण मन अधिनायक ' को बांग्ला भाषा मे लिखें है रविंद्रनाथ टैगोर ने 157 काव्य संग्रहो को भी लिखा है, उनको बहुत से नोबेल पुरुस्कार देकर उनको सम्मानित किया गया है.।Article image

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Jan 15, 2022

* एशिया में सबसे पहले नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले व्यक्ति का नाम रविंद्रनाथ टैगोर है जिन्हें 1913 में गीतांजलि कृति लिखने पर नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ! इन्होंने ही हमारे देश भारत के राष्ट्र गान 'जन गण मन अधिनायक' को लिखा था ! रविंद्र नाथ टैगोर ने अपने जीवन में बहुत से काव्य संग्रह को लिखा है जिसके लिए उन्हें बहुत सारे नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है !Article image

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Jan 15, 2022

रविंद्र नाथ टैगोर जी का जन्म 7 मई 1861 में कोलकाता में हुआ था और यही वे व्यक्ति है जिन्हें एशिया का प्रथम नोबेल पुरस्कार मिला था। इन्होंने बहुत ही छोटी उम्र में कविताएं लिखनी शुरू कर दी थी। जब उन्होंने गीतांजलि कृति लिखी थी। तब उन्हें नोबेल पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया था। रवींद्रनाथ टैगोर दुनिया के एक ऐसे कवि हैं जिनकी रचनाओं को दो अलग अलग देश के लोगों ने इनकी रचना को अपना राष्ट्रगान। इन्होंने शांतिनिकेतन की स्थापना भी की है। रवींद्रनाथ टैगोर में कई विदेशों की यात्रा की है जापान अमेरिका ब्रिटेन चीन और कई देशों मे भी गए हैं। और सन 1941 में गुरु रविंद्र नाथ टैगोर जी का मृत्यु हो गई थी।Article image

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