S
Updated on Feb 12, 2024education

गीता के किस अध्याय का पाठ प्रतिदन करना चाहिए?

14
1 Answers

avatar
Answered on Feb 11, 2024

हिंदू धर्म मे भगवतगीता को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। 

इसका एक एक अध्याय जीवन को एक नई दिशा देता है। 

भगवतगीता में कुल 18 अध्याय और 700 श्लोक निहित हैं। 

 

कुरुक्षेत्र मे जब अर्जुन ने अपने ही भाइयो और परिवार के लोगो को आपस में लड़ते देखा तो उनका मन विचलित हो गया और वह लड़ने से मना करने लगे। अब श्री कृष्ण ने उन्हे उपदेश देते हुए सारी बातो को कहा जो गीता का सार कही जाती हैं। 

 

गीता बहुत ही पवित्र ग्रंथ मानी जाती है। इसका नियमित पठन करने वाले व्यक्ति सारी मुश्किलो से आसानी से बाहर निकल जाते है। 

वैसे तो भगवत गीता के सभी पाठ रोज पढ़ना चाहिए। लेकिन 6 वें अध्याय में जीवन का सार है। जिसे पढ़कर हमे अपने जीवन मे उतारना चाहिए। 

इसक अलावा 18 वें अध्याय का भी पठन करना चाहिए इसमे मोक्षसन्यास योग है। जिसमे संपूर्ण गीता के पाठो का समावेश है। यह मानव के अस्तित्व के गुणो को उभारता है। 

 

जैसा की आप जानते है गीता एक पवित्र ग्रंथ है। तो इसे आप किसी भी जगह बैठ के ना पढ़े। 

गीता पढ़ते समय एक शांत और एकांत स्थान का चयन करे। और पूरा एक पाठ पढ़ कर उसका सार जानकर ही आप पढ़ना बंद करे। 

गीता को पढ़ने और पढ़ने के बाद अपने माथे से लगाकर नमन करे। 

स्वच्छ होकर ही इसका पठन करे । बीच बीच मे  अन्य कामो को करने के लिए ना उठे और ना ही किसी व्यक्ति से बात करे। 

गीता को सही ढंग से पढ़ना बहुत ही आवश्यक है अत: जब आप पूरी तरह से व मन से एकाग्र हो तभी इसका पाठ करे। यह तभी आपको पूरी तरह से फल देगा। और इसके एक एक श्लोक को धीरे धीरे पढ़कर और उसके अर्थ को जाने और अपने जीवन में उसे उतारने का प्रयास करे। 

गीता का पाठ करने के लिए सुबह का समय सबसे उचित समय माना गया है। 

 

 

Letsdiskuss

6