Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
Current Topicsसबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कं...
H

| Updated on March 28, 2025 | news-current-topics

सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी कौन सी है?

1 Answers
logo

@nikkachauhan9874 | Posted on March 28, 2025

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का बाजार पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है, और इसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि दुनिया में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी कौन सी है। आज, 28 मार्च 2025 तक, इस सवाल का जवाब देना आसान नहीं है क्योंकि यह कई कारकों पर निर्भर करता है—जैसे कि बिक्री के आंकड़े, क्षेत्रीय प्रभाव, और समय के साथ बदलते रुझान। फिर भी, हाल के आंकड़ों और बाजार के विश्लेषण के आधार पर, हम इस सवाल का विस्तृत जवाब देने की कोशिश करेंगे। इस लेख में हम वैश्विक और भारतीय संदर्भ में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनियों पर नजर डालेंगे, उनके इतिहास, रणनीति, और सफलता के कारणों को समझेंगे।

 

सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी कौन सी है? - Letsdiskuss

 

वैश्विक परिदृश्य: टेस्ला बनाम बीवाईडी

जब बात दुनिया भर में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की आती है, तो दो नाम सबसे ऊपर आते हैं—टेस्ला (Tesla) और बीवाईडी (BYD)। ये दोनों कंपनियां पिछले कुछ सालों से इस क्षेत्र में अग्रणी रही हैं, लेकिन हाल के वर्षों में बाजार की गतिशीलता में बदलाव देखने को मिला है।

 

टेस्ला: इलेक्ट्रिक कार क्रांति का अगुआ

टेस्ला, जिसकी स्थापना 2003 में एलन मस्क और अन्य सह-संस्थापकों ने की थी, लंबे समय तक इलेक्ट्रिक कार बाजार की निर्विवाद नेता रही है। टेस्ला ने अपनी शुरुआत मॉडल रोडस्टर से की, लेकिन मॉडल एस, मॉडल 3, मॉडल वाई, और मॉडल एक्स जैसे वाहनों ने इसे आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया। टेस्ला की सफलता का राज इसकी उन्नत बैटरी तकनीक, लंबी ड्राइविंग रेंज, और सुपरचार्जर नेटवर्क में छिपा है।

 

2022 में, टेस्ला ने लगभग 1.31 मिलियन इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो इसे उस समय दुनिया की सबसे बड़ी ईवी निर्माता बनाती थी। 2023 में भी टेस्ला ने अपनी बढ़त बनाए रखी, लेकिन 2024 में एक नया मोड़ आया। टेस्ला की बिक्री में वृद्धि जारी रही, लेकिन यह बीवाईडी से पीछे छूट गई। टेस्ला की ताकत अमेरिका, यूरोप, और कुछ हद तक चीन जैसे बाजारों में है, जहां इसकी ब्रांड वैल्यू और प्रीमियम मॉडल इसे अलग बनाते हैं।

 

बीवाईडी: चीन का उभरता सितारा

बीवाईडी (Build Your Dreams), एक चीनी कंपनी, ने हाल के वर्षों में टेस्ला को कड़ी टक्कर दी है। इसकी स्थापना 1995 में हुई थी, और शुरू में यह बैटरी निर्माण पर केंद्रित थी। 2000 के दशक में बीवाईडी ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया। बीवाईडी की खासियत यह है कि यह न केवल शुद्ध इलेक्ट्रिक कारें (BEV) बनाती है, बल्कि प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (PHEV) भी बेचती है, जो इसकी कुल बिक्री में बड़ा योगदान देते हैं।

 

2024 में, बीवाईडी ने टेस्ला को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन बेचने वाली कंपनी का खिताब हासिल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीवाईडी ने 2024 में लगभग 3 मिलियन से ज्यादा वाहन बेचे, जिनमें से करीब 1.8 मिलियन शुद्ध इलेक्ट्रिक कारें थीं। अगर हम केवल बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) की बात करें, तो बीवाईडी ने टेस्ला को मामूली अंतर से हराया। बीवाईडी की सफलता का कारण इसकी किफायती कीमतें, चीन जैसे विशाल बाजार में मजबूत पकड़, और सरकारी सब्सिडी का लाभ है। इसके अलावा, बीवाईडी की हाई-एंड तकनीक, जैसे ब्लेड बैटरी, ने इसे सुरक्षा और प्रदर्शन में भी आगे रखा।

 

टेस्ला और बीवाईडी की तुलना

  • बिक्री के आंकड़े: 2024 में टेस्ला की बिक्री करीब 1.8 मिलियन BEV तक पहुंची, जबकि बीवाईडी ने 1.8 मिलियन से थोड़ा ज्यादा BEV बेचे। अगर PHEV को शामिल करें, तो बीवाईडी की कुल संख्या 3 मिलियन से ऊपर चली जाती है।

  • बाजार: टेस्ला का दबदबा पश्चिमी देशों में है, जबकि बीवाईडी का फोकस मुख्य रूप से चीन और कुछ एशियाई देशों पर है।

  • उत्पाद रेंज: टेस्ला केवल BEV बनाती है, जबकि बीवाईडी BEV और PHEV दोनों पर काम करती है, जिससे इसकी पहुंच व्यापक है।

  • कीमत: बीवाईडी की कारें आमतौर पर टेस्ला से सस्ती होती हैं, जो इसे मध्यम वर्ग के लिए आकर्षक बनाती है।

 

इसलिए, अगर हम शुद्ध इलेक्ट्रिक कारों (BEV) की बात करें, तो बीवाईडी और टेस्ला के बीच कांटे की टक्कर है, लेकिन कुल इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV + PHEV) में बीवाईडी स्पष्ट विजेता है।

 

भारतीय संदर्भ: टाटा मोटर्स का दबदबा

अब बात करते हैं भारत की, जहां इलेक्ट्रिक कारों का बाजार अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है। भारत में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी टाटा मोटर्स है। टाटा ने अपनी किफायती और भरोसेमंद ईवी रेंज के दम पर भारतीय बाजार में मजबूत पकड़ बनाई है।

 

टाटा मोटर्स की सफलता

टाटा मोटर्स ने 2020 में नेक्सन ईवी के लॉन्च के साथ इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में कदम रखा। इसके बाद टिगोर ईवी, टियागो ईवी, और पंच ईवी जैसे मॉडल्स ने इसकी स्थिति को और मजबूत किया। 2024 तक, टाटा मोटर्स भारत में 80% से ज्यादा ईवी बाजार पर कब्जा जमाए हुए है। सितंबर 2024 में, टाटा ने 3,621 इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम था, लेकिन फिर भी यह अपने प्रतिद्वंद्वियों से कहीं आगे रही।

टाटा की सफलता के पीछे कई कारण हैं:

 

  • किफायती कीमत: टियागो ईवी की शुरुआती कीमत 7.99 लाख रुपये है, जो इसे भारत की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार बनाती है।

  • रेंज और फीचर्स: नेक्सन ईवी 300-400 किलोमीटर की रेंज देती है, जो भारतीय सड़कों के लिए पर्याप्त है।

  • ब्रांड विश्वास: टाटा का लंबा इतिहास और मजबूत सर्विस नेटवर्क ग्राहकों को भरोसा देता है।

  • स्थानीय उत्पादन: भारत में ही उत्पादन होने से लागत कम रहती है और सरकारी सब्सिडी का लाभ मिलता है।

 

भारत में अन्य खिलाड़ी

  • एमजी मोटर: एमजी जेडएस ईवी के साथ दूसरी सबसे बड़ी खिलाड़ी है। सितंबर 2024 में इसने 1,051 यूनिट्स बेचीं।

  • महिंद्रा: एक्सयूवी400 और हाल ही में लॉन्च हुई बीई 6 और एक्सईवी 9ई के साथ महिंद्रा भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

  • हुंडई और किआ: कोना ईवी और ईवी6 जैसे मॉडल्स के साथ ये कंपनियां प्रीमियम सेगमेंट में सक्रिय हैं, लेकिन उनकी बिक्री सीमित है।

 

वैश्विक और भारतीय बाजार का अंतर

वैश्विक स्तर पर जहां टेस्ला और बीवाईडी जैसे दिग्गज प्रीमियम और मास-मार्केट दोनों सेगमेंट में काम करते हैं, वहीं भारत में अभी किफायती मॉडल्स की मांग ज्यादा है। टाटा मोटर्स ने इस अंतर को समझा और मध्यम वर्ग के लिए सस्ती, भरोसेमंद कारें पेश कीं। दूसरी ओर, टेस्ला ने भारत में अभी तक आधिकारिक रूप से प्रवेश नहीं किया है, हालांकि इसके 2025 में आने की चर्चा है। बीवाईडी भी भारत में मौजूद है, लेकिन इसकी बिक्री (सितंबर 2024 में 163 यूनिट्स) अभी टाटा से बहुत पीछे है।

 

भविष्य की संभावनाएं

  • टेस्ला: अगर टेस्ला भारत जैसे उभरते बाजारों में सस्ते मॉडल लाती है, तो यह फिर से वैश्विक лидер बन सकती है।

  • बीवाईडी: यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया में विस्तार के साथ बीवाईडी अपनी बढ़त बनाए रख सकती है।

  • टाटा मोटर्स: भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर (चार्जिंग स्टेशन) बढ़ने के साथ टाटा का दबदबा और मजबूत होगा।

 

निष्कर्ष

तो, सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कंपनी कौन सी है? वैश्विक स्तर पर, 2024 के आंकड़ों के आधार पर बीवाईडी ने टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है, खासकर अगर हम BEV और PHEV दोनों को शामिल करें। शुद्ध इलेक्ट्रिक कारों (BEV) में भी बीवाईडी मामूली अंतर से आगे है। वहीं, भारत में टाटा मोटर्स निर्विवाद रूप से नंबर एक है, और इसका बाजार में दबदबा अभी जारी रहने की उम्मीद है। यह स्थिति समय के साथ बदल सकती है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है, और नई तकनीकें, नीतियां, और प्रतिस्पर्धा इसे और रोमांचक बनाएंगी।

 

0 Comments