मानव शरीर में पाचन की क्रिया मुंह से ही शुरू हो जाती है, और इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका हमारी लार (Saliva) निभाती है। मानव की लार में मुख्य रूप से टायलिन (Ptyalin) नामक एंजाइम पाया जाता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में लार एमाइलेज (Salivary Amylase) भी कहते हैं। इसके अलावा लार में एक और महत्वपूर्ण एंजाइम होता है जिसे लाइसोसोम (Lysozyme) कहा जाता है।
इन दोनों एंजाइमों के कार्य और महत्व नीचे विस्तार से समझाए गए हैं:
1. लार एमाइलेज या टायलिन (Salivary Amylase / Ptyalin)
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मुख्य कार्य: यह एंजाइम हमारे भोजन में उपस्थित जटिल कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च या मांड) को सरल शर्करा (मॉल्टोज़ और डेक्सट्रिन) में तोड़ने का काम करता है।
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पाचन की शुरुआत: जब हम रोटी या चावल चबाते हैं, तो कुछ समय बाद वे हमें मीठे लगने लगते हैं। ऐसा इसी टायलिन एंजाइम के कारण होता है, जो स्टार्च को ग्लूकोज/मॉल्टोज में बदल देता है। हमारे भोजन का लगभग 30% स्टार्च मुंह के भीतर ही पच जाता है।
2. लाइसोसोम (Lysozyme) - सुरक्षा कवच
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मुख्य कार्य: यह एक जीवाणुरोधी (Anti-bacterial) एंजाइम है।
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कीटाणुओं का नाश: जब हम भोजन करते हैं, तो हवा या हाथों के माध्यम से कई हानिकारक बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव भी हमारे मुंह में प्रवेश कर जाते हैं। लाइसोसोम एंजाइम इन बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति को नष्ट करके उन्हें मुंह में ही मार डालता है, जिससे हम कई तरह के संक्रमणों और बीमारियों से बच जाते हैं।
लार के अन्य घटक
लार में केवल एंजाइम ही नहीं होते, बल्कि इसमें 99% पानी, बलगम (Mucus), और कुछ खनिज लवण (इलेक्ट्रोलाइट्स) भी होते हैं, जो भोजन को गीला, चिकना और निगलने योग्य बनाते हैं।
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