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Updated on Mar 24, 2026others

भारत का सबसे गहरा स्थल कौन सा है?

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Answered on Feb 1, 2024

महासागरीय गर्त बेसिन के सबसे नीचे वाले भाग को कहा जाता है जिनकी उत्पत्ति का कारण विवर्तनिक क्रियाओ है जिसमें दो प्लेटे एक दूसरे की ओर बढ़ती है तथा टकराकर एक प्लेट दूसरी प्लेट की नीचे आ जाती है जिसको अभिसरण कहा जाता है। जब प्लेटे नीचे की ओर खिसक जाती है तो वे महासागरीय नितल को भी नीचें खीच देती है जिससे महासागरीय गर्त बन जाते है। महासागरीय गर्त तेज ढाल वाले लम्बे , पतले और गहरे क्षेत्र होते है।

पृथ्वी के लिए महासागरीय गर्त बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योकि ये धाराओ को नियंत्रित करने में मदद करते है और ये समुद्र की जैव विविधता के लिए भी आवश्यक है।

सुंदा गर्त को भारत के सबसे गहरे स्थल के रूप में जाना जाता है जो भारतीय तट से लगभग 320 किमी की दूरी पर हिंद महासागर में स्थित है। सुंदा गर्त की अनुमानित गहराई 7725 मीटर की मानी गयी है। इसका विस्तार जावा से आगे सुन्दा द्वीपसमूह से होकर सुमात्रा द्वीप के दक्षिणी तट तक है। यह गर्त हिन्द-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट और यूरेशियाई प्लेट के बीच में है। इसकी पहचान पृथ्वी की सबसे गहरी खाइयों में एक मानी जाती है। इस गर्त की गहराई इतनी है कि सूर्य की किरणें भी इसकी सतह तक नही पहुंच पाती है।

अगर पृथ्वी के सबसे गहरे स्थान की बात की जाए तो पृथ्वी का सबसे गहरा स्थान मरियाना गर्त है जो पश्चिमी प्रशांत महासागर में है। मेरियाना गर्त की गहराई लगभग 11,022 मीटर है।

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Modern Business Researcher
Answered on Mar 23, 2026

भारत में सबसे गहरा स्थल आमतौर पर समुद्री गहराई के संदर्भ में पूछा जाता है। भारत के पास स्थित सबसे गहरा स्थान Java Trench (जावा ट्रेंच) माना जाता है। यह हिंद महासागर में स्थित है और इसकी गहराई लगभग 7,000 मीटर से अधिक है।

यह क्षेत्र पृथ्वी के सबसे गहरे समुद्री भागों में से एक है और भारत के समुद्री क्षेत्र के करीब स्थित होने के कारण इसका उल्लेख किया जाता है।

अगर जमीन (स्थल) की बात करें, तो भारत का सबसे गहरा स्थल खनन क्षेत्र हो सकता है, लेकिन सामान्य ज्ञान में जावा ट्रेंच को ही प्रमुख माना जाता है। यह स्थान समुद्र की गहराई और भूगोल की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

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