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मयंक मानिक· 8 years ago
Exploring lifestyle, entertainment, and cultural trends through engaging, informative, and practical content.मुगले ए आज़म के कौन से गाने को फिल्म से हटाने की मांग की गए थी ?
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सभी जानते है भारतीय सिनेमा इतिहास की कई मशहूर फिल्म्स है जिनमे से से एक फिल्म है मुगल-ए-आजम | जो अपने समय की सबसे प्रसिद्द फिल्म रही है | इस फिल्म के दर्जनों किस्से मशहूर हैं | जो लोगो ने सुने है | निर्देशक आसिफ ने इस फिल्म को बनाने में जितना समय लिया उस फिल्म से लेकर फिल्म के संगीत तक ने अपने समय मे धमाल मचा कर रखा हुआ था | इस फिल्म का संगीत नौशाद साहब ने तैयार किया था |
संगीत पक्ष से जुड़े दो किस्से तो बहुत ही मशहूर हैं | पहला जब के आसिफ ने नौशाद को पैसों से भरा बैग दिया था और नौशाद साहब ने गुस्से में पैसे हटा दिए थे | इसके बाद जब बड़े मान मुनौव्वल के बाद वो तैयार हुए तो बड़े गुलाम अली खान फिल्म में गाने को तैयार नहीं थे |
उन्होंने मना करने की बजाए बहुत बड़ी रकम मांग दी थी, जिसके लिए के.आसिफ तैयार हो गए |
इस फिल्म में नौशाद साहब ने राग दरबारी, राग दुर्गा, राग केदार और राग रागेश्री जैसी शास्त्रीय धुनों के आधार पर गाने तैयार किए थे | जब प्यार किया तो डरना क्या, प्रेम जोगन बन के, मोहे पनघट पे, मोहब्बत की झूठी कहानी पर रोए जैसे गाने आज भी संगीत प्रेमियों के दिलो दिमाग में ताजा हैं | इस फिल्म के संगीत पक्ष की एक और खास बात थी कि जाने माने सारंगी वादक पंडित रामनारायण ने इस फिल्म के गानों में सारंगी बजाई थी |
चूंकि नौशाद साहब ने ही बैजू बावरा का संगीत भी तैयार किया था इसलिए उन दोनों की नजदीकियां भी थीं | विजय भट्ट ने जब ‘मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे’ गाना सुना तो आपत्ति दर्ज कराई | उनका कहना था कि " एक मुगल बादशाह को हिंदुओं का त्योहार होली मनाते देखना दर्शक स्वीकार नहीं करेंगे , इस बात को लेकर बवाल भी हो सकता है " नौशाद साहब ने उनकी इस बात को नकारते हुए अपनी बाते राखी,और साथ ही उन्होंने स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स का ऐसा ताना-बाना बुना कि वो गाना तार्किक लगने लगे |
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श्याम कश्यप Author
Updated on05/27/26
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Pyar Kiya To Darna Kya गाने को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी और कुछ लोगों ने इसे फिल्म से हटाने की मांग की थी। कारण यह था कि गाने में अनारकली का शाही दरबार में खुलेआम अपने प्रेम का इज़हार दिखाया गया था, जिसे उस दौर में काफी साहसिक माना गया। फिल्म के भव्य सेट, शीश महल और मधुबाला की performance ने इस गाने को ऐतिहासिक बना दिया। बाद में यही गीत मुग़ले-ए-आज़म की सबसे बड़ी पहचान बन गया। Honestly, आज भी इसे भारतीय सिनेमा के सबसे iconic और evergreen songs में गिना जाता है।
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Kavya SharmaCovering the culture, trends, and everyday choices that define how modern India lives.
Updated on06/04/26
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