* हमें आईएएस बनने के लिए एनसीईआरटी की बुक जैसे -राजनीति, भूगोल, पर्यावरण, अर्थशास्त्र और पारिस्थितिक विषयों का अध्ययन करना चाहिए ! जिसके कारण हम आईएएस का एग्जाम पास कर सकें और आईएस बन सके ! वैसे तो कोई भी एग्जाम सरल नहीं होता है चाहे वह आईएएस हो या फिर किसी भी डिपार्टमेंट का हो ! इसीलिए सबसे पहले हमें अपने आप को काबिल बनाना चाहिए और मेहनत करनी चाहिए ! 

आईएएस बनने के लिए किन विषयों का अध्ययन करना चाहिए?
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आईएएस का फुल फॉर्म इंडिया एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस होता है इसे हिंदी में भारतीय प्रशासनिक सेवा कहा जाता है। आईएएस की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षा होती है और यह भारत के सर्वश्रेष्ठ पदों में से एक है आईएएस बनने के लिए काफी ज्यादा दिमाग तेज होना चाहिए तथा सोचने समझने और निर्णय लेने की क्षमता भी होनी चाहिए। चलिए आज हम आपको बता रहे हैं कि आईएएस क़ी परीक्षा पास करने के लिए हमें कौन सी बुक से अध्ययन करना चाहिए। हमें एनसीईआरटी की बुक, राजनीति, भूगोल, पर्यावरण, अर्थशास्त्र और पारिस्थितिक विषयों का अध्ययन अच्छी तरह से कर लेना चाहिए। ताकि आईएएस का एग्जाम निकल सके और आईएएस बन पाए.।
आईएएस की तैयारी करने के लिए बहुत मेहनत करना पड़ता है अक्सर कई लोगों को इसकी पढ़ाई के बारे में अच्छे से ज्ञान ना होने के कारण देश लोग कई किताबों को पढ़ते हैं और समय बर्बाद कर देते हैं अंत में जब परीक्षा की बारी आती है तो वे उसमें फेल हो जाते हैं। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आईएएस पास करने के लिए हमें एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ना चाहिए क्योंकि इसमें मध्ययुगीन भारत का इतिहास खंड में अधिक प्रसांगिक किताब है इस किताब में भारत के मध्य युगीन इतिहास के बारे में विस्तार से बताया गया है।
स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन के साथ-साथ सुजाता मेनन की किताब आईएएस प्रीलिम्स के आधुनिक इतिहास के पाठ्यक्रम के लिए अच्छी किताब है।
आईएएस बनना हर एक व्यक्ति का सपना होता है, वह यही चाहता है कि पढ़ लिखकर आईएएस बने। लेकिन आईएएस बनने से पहले आईएएस की तैयारी कैसे करे उसके बारे मे जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए ताकि आईएएस एग्जाम की तैयारी करने मे कोई परेशानी ना आये।
आईएएस बनने के लिए इन बुक्स जैसे -इतिहास, भूगोल,भारतीय राजनीति, अर्थशास्त्र,पर्यावरण तथा परिस्थितिक आदि विषयों का अध्ययन कर लेने से आईएएस एग्जाम अच्छे से क्लियर कर पाएंगे और आईएएस बन पाएंगे।

राष्ट्रगान को गाने में लगने वाला समय, इसे गाए जाने की गति, राष्ट्रगान के संस्करण और छंदों को जोड़ने या हटाने जैसे कारकों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। किसी देश के राष्ट्रगान की आमतौर पर एक मानक अवधि होती है, और इसे उचित समय सीमा के भीतर गाना परंपरा और सम्मान का विषय है। राष्ट्रगान गाने के लिए यहां कुछ सामान्य दिशानिर्देश दिए गए हैं:
1.सम्मानजनक अवधि: राष्ट्रगान गाना एक प्रतीकात्मक और गंभीर कार्य है, और इसे सम्मान और गरिमा के साथ किया जाना चाहिए। अधिकांश राष्ट्रगान कुछ ही मिनटों में गाए जा सकते हैं।
2.मानक छंद: कई राष्ट्रगानों का एक मानक संस्करण होता है जिसमें विशिष्ट संख्या में छंद और एक कोरस शामिल होता है। इन छंदों और कोरस को गाने में आम तौर पर कुछ मिनट लगते हैं।
3.आधिकारिक दिशानिर्देश: कुछ देशों में, राष्ट्रगान के उचित गायन के संबंध में आधिकारिक दिशानिर्देश हैं। ये दिशानिर्देश गाए जाने वाले छंदों की संख्या और इसे जिस गति से निष्पादित किया जाना चाहिए उसे निर्दिष्ट कर सकते हैं।
4. प्रथागत गति: स्पष्ट उच्चारण और अभिव्यक्ति की अनुमति देने के लिए राष्ट्रगान आमतौर पर मध्यम गति से गाए जाते हैं। बहुत जल्दी गाने से राष्ट्रगान की गंभीरता से समझौता हो सकता है।
5.विशेष अवसर: राष्ट्रीय छुट्टियों या आधिकारिक कार्यक्रमों जैसे विशेष अवसरों पर, अक्सर राष्ट्रगान का पूरा संस्करण गाया जाता है, जिससे इसकी अवधि बढ़ सकती है। हालाँकि, इसे आमतौर पर एक उचित समय सीमा के भीतर गाया जाता है।
हालाँकि राष्ट्रगान गाने के लिए कोई निश्चित अधिकतम समय नहीं है, लेकिन इस कार्य को श्रद्धा के साथ करना और राष्ट्रगान के गायन के संबंध में सांस्कृतिक और आधिकारिक रीति-रिवाजों का पालन करना महत्वपूर्ण है। अवधि के बजाय देशभक्ति और प्रतीकात्मक महत्व पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

अगर आपका सपना आईएएस (IAS) अधिकारी बनने का है, तो सबसे पहले सही विषयों की तैयारी पर ध्यान देना जरूरी है। मेरे हिसाब से IAS की तैयारी सिर्फ किताबें पढ़ने का नाम नहीं है, बल्कि सही दिशा में लगातार मेहनत करने का नाम है
UPSC परीक्षा में सफल होने के लिए आपको इतिहास, भूगोल, भारतीय राजनीति (Polity), अर्थशास्त्र, पर्यावरण, सामान्य विज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ बनानी होती है। ये ऐसे विषय हैं जो प्रीलिम्स और मेंस दोनों में काफी काम आते हैं।
अगर आसान भाषा में कहूं, तो भारतीय संविधान, देश-दुनिया की खबरें, भारत का इतिहास, नक्शे और अर्थव्यवस्था आपकी तैयारी का मजबूत हिस्सा होने चाहिए। साथ ही निबंध लेखन और उत्तर लिखने की practice भी बहुत जरूरी है, क्योंकि सिर्फ पढ़ना ही काफी नहीं होता।
कई लोग अपनी graduation के subject को लेकर भी confuse रहते हैं, लेकिन सच कहूं तो IAS बनने के लिए कोई एक fixed subject नहीं है। कोई भी stream वाला छात्र सही तैयारी के साथ इस परीक्षा को clear कर सकता है।
मेरे हिसाब से इस तैयारी में सबसे जरूरी चीज है consistency, discipline और patience क्योंकि यह एक लंबी journey होती है
IAS की तैयारी शुरू करते ही ऐसे कई सवाल मन में आने लगते हैं, और शायद अब आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा कि क्या कोई बिना UPSC पास किए भी IAS अधिकारी बन सकता है?




