बंधुआ मजदूर : वह व्यक्ति जो लिए हुए ऋण चुकाने के बदले ऋण दाता के लिए श्रम करता है या सेवाएं देता है उसे बंधुआ मजदूर कहते हैं। इन्हें अनुबंध श्रमिक या बंधक मजदूर भी कहते हैं। कभी-कभी बंधुआ मजदूर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती रहती है प्राचीन यूनान में बंधुआ मजदूर बहुत प्रचलित थी।वर्तमान समय में अनुबंध श्रम सबसे अधिक दक्षिण एशिया होता है। बंधुआ मजदूरी समाप्त करने के उद्देश्य से भारत में सन् 1976 में कानून बनाकर इसे अवैध घोषित किया गया।


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