औरंगजेब को किसने मारा? - letsdiskuss
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Student ( Makhan Lal Chaturvedi University ,Bhopal) | पोस्ट किया | शिक्षा


औरंगजेब को किसने मारा?


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बुन्देला वीर छत्रसाल ने औरंगजेब को मारा था और जैसा महाप्रभु जी ने कहा था ठीक उसी प्रकार उसके शरीर पर एक चीरा दिया। जिससे वो औरंगजेब 3 महीने तक बिस्तर पर रह कर तड़पता रहा। इसी तरह वो तडप तडप कर मरा। औरंगजेब अपने समय का सबसे धनी और शक्तिशाली व्यक्ति था। कहा जाता है वह एक पवित्र जीवन जीता था और सभी दुर्गुणों से मुक्त था। जो कि उसके समयकाल के राजाओं में पाया जाता था। खानपान वेशभूषा में वह संयमित रहता था।

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औरंगजेब मुगल शासक का सबसे क्रूर राजाओं में से एक था इसने कई वर्षों तक राज्य किया है तो चलिए जानते हैं कि आखिर इतनी क्रूर राजा की मृत्यु कैसे हुई और किसने मारा। औरंगजेब को मारने वाले व्यक्ति का नाम है बुंदेला राजा वीर छत्रसाल और महाराजा ने योजना बनाकर मारा था इन दोनों ने औरंगजेब को मारने के लिए जहर से युक्त एक खंजर बनवाया था और औरंगजेब को एक चीरा लगाया किसकी वजह से औरंगजेब बिस्तर पर 3 महीनों तक तड़पता रहा फिर इसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। और उसके पापों का अंत हो गया।Letsdiskuss

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औरंगजेब, जिसका पूरा नाम मुही-उद-दीन मुहम्मद औरंगजेब था, छठा मुगल सम्राट था जिसने 1658 से 1707 तक शासन किया। वह ताज महल के निर्माता शाहजहाँ और मुमताज महल का पुत्र था। औरंगजेब को उसके जटिल शासन, धार्मिक नीतियों और उसके द्वारा शासित विशाल साम्राज्य के कारण भारतीय इतिहास में सबसे विवादास्पद शख्सियतों में से एक माना जाता है।

औरंगजेब एक उल्लेखनीय शासक था जिसने मुगल साम्राज्य को उसकी सबसे बड़ी क्षेत्रीय सीमा तक विस्तारित किया, जो उसके शासनकाल में अपने चरम पर पहुंच गया। वह अपने प्रशासनिक कौशल, सैन्य कौशल और इस्लाम के रूढ़िवादी सिद्धांतों के प्रति अपनी निष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनके शासन को विजय और चुनौतियों दोनों से चिह्नित किया गया था, खासकर धार्मिक सहिष्णुता और शासन के प्रति उनकी नीतियों के संबंध में।

अपने पूरे शासनकाल में, औरंगजेब को कई विद्रोहों और युद्धों का सामना करना पड़ा, जिनमें दक्कन में मराठों के साथ लड़ाई, सिख विद्रोह और क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संघर्ष शामिल थे। कराधान, धार्मिक थोपने और अन्य धर्मों के प्रति असहिष्णुता की उनकी नीतियों ने उनके साम्राज्य के भीतर विभिन्न विद्रोहों और संघर्षों को जन्म देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

औरंगजेब की मृत्यु 3 मार्च, 1707 को 88 वर्ष की आयु में हुई। उनकी मृत्यु का कारण किसी हिंसक या राजनीति से प्रेरित घटना के बजाय प्राकृतिक था, जिसका कारण गंभीर बुखार था। लगभग आधी शताब्दी तक शासन करने के बाद, औरंगजेब की भारत के अहमदनगर में मृत्यु हो गई।

औरंगजेब की हत्या का कोई रिकॉर्ड नहीं है। उनकी प्राकृतिक मृत्यु हो गई, उन्होंने अपनी नीतियों, विशेषकर धार्मिक मामलों और शासन के कारण एक जटिल विरासत छोड़ दी.

औरंगजेब की मृत्यु के कारण उसके पुत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण सत्ता संघर्ष शुरू हो गया, जिसके परिणामस्वरूप उत्तराधिकार युद्ध हुआ जिसे उत्तराधिकार युद्ध के रूप में जाना जाता है। अंततः, उनका पुत्र बहादुर शाह प्रथम विजयी हुआ और मुगल सिंहासन पर बैठा।

औरंगजेब की विरासत विवादास्पद बनी हुई है। उन्हें उनके क्षेत्रीय विस्तार, प्रभावी शासन और मुगल साम्राज्य को मजबूत करने के लिए याद किया जाता है। हालाँकि, उनकी कठोर धार्मिक नीतियों, भारी कराधान और हिंदू मंदिरों के विनाश सहित गैर-मुसलमानों के प्रति असहिष्णुता ने आलोचना की है।

अपने पूरे शासन के दौरान, औरंगजेब की नीतियों ने विभिन्न धार्मिक और क्षेत्रीय समूहों में असंतोष फैलाया, जिससे अंततः मुगल साम्राज्य की स्थिरता और अखंडता पर असर पड़ा। उनकी मृत्यु, हालांकि हत्या के परिणामस्वरूप नहीं हुई, मुगल इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, जिससे आंतरिक संघर्षों और एक बार शक्तिशाली साम्राज्य के अंततः पतन का मार्ग प्रशस्त हुआ।

औरंगजेब की मृत्यु ने मुगल साम्राज्य के लिए पतन की अवधि भी शुरू की, जो उत्तराधिकार के बाद के युद्धों, कमजोर केंद्रीय प्राधिकरण और क्षेत्रीय शक्तियों के उदय से चिह्नित हुई, जिसने धीरे-धीरे भारतीय उपमहाद्वीप में मुगल प्रभुत्व को खत्म कर दिया।

औरंगजेब के शासन की जटिलता और उसके निधन के बाद के परिणाम गहन ऐतिहासिक जांच और बहस का विषय रहे हैं, जिससे उनकी विरासत और भारतीय इतिहास पर प्रभाव की विविध व्याख्याओं में योगदान मिला है।

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दोस्तों आपने मुगल सम्राट औरंगजेब का नाम तो सुना ही होगा पर क्या आप जानते हैं कि औरंगजेब को किसने मारा यदि नहीं जानते हैं तो चलिए हम आपको इस पोस्ट में बताते हैं तो औरंगजेब को बुंदेला वीर छत्रसाल ने मारा था। औरंगजेब का शासनकाल भारत में 1658 से 1707 तक चला औरंगजेब पूरे दक्षिण भारत में राज्य करना चाहता था लेकिन मराठों के कारण वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया।

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औरंगजेब का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा। जो की मुगल साम्राज्य का सबसे क्रूर राजा था।भारत पर राज्य करने वाला छठा मुगल बादशाह औरंगजेब अपनी क्रूरता और कट्टरता के लिए प्रसिद्ध था। तो क्या आप जानते हैं कि जो राजा इतना क्रूर था और इतना जल्लाद होने के बाद भी ऐसे राजा को कौन मार सकता है शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं। हम आपको बता दें कि औरंगजेब को बुंदेला वीर छत्रसाल ने मारा था। हम आपको बता दें कि बुंदेला राजा छत्रसाल औरंगजेब को इसलिए मारा था क्योंकि जब बुंदेला राजा छत्रसाल छोटे थे तो औरंगजेब ने उनके पिता को चलाकी से मार दिया था। इसलिए बुंदेला राजा ने अपने माता-पिता के हत्यारे से बदला लिया है। और औरंगजेब को मार दिया। जानकारी अच्छी लगी हो तो पोस्ट को लाइक अवश्य करें।

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आज हम इस पोस्ट में आपको औरंगजेब के बारे में बताएंगे।

भारत पर राज करने वाला छठ मुगल बादशाह औरंगजेब अपनी क्रूरता और कट्टरता के लिए प्रसिद्ध था। भारतीय इतिहास औरंगजेब के क्रूरता के किस्सों से भरा पड़ा है।

  • औरंगजेब का जन्म 1658 में हुआ था।
  • और औरंगज़ेब उनकी मृत्यु 1707 में हुई थी।
  • इन्होंने अपने बूढ़े पिता को बंदी बनाया था और अपने भाइयों को मरवाया था।तथा अपने ही बेटों को जहर दे दिया था।
  • औरंगजेब की मृत्यु बुंदेलखंड सम्राट के महाराज के हाथों हुई थी।आपको बता दें कि औरंगजेब को मरवाने वाले व्यक्ति का नाम बुंदेला राजा वीर छत्रसाल था। उन्होंने इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और जैसा-जैसा महाप्रभु जी ने कहा ठीक उसी प्रकार औरंगजेब के शरीर पर एक चीरा दिया जिससे वह 3 महीने तक बिस्तर पर तड़पता रहा और इसी तरह तड़प तड़प के 1707 ई. में उसकी मृत्यु हो गई।Letsdiskuss


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औरंगज़ेब: भारतीय इतिहास में एक विवादास्पद और प्रमुख मुग़ल बादशाह थे। उनका शासनकाल 1658 से 1707 तक चला। उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप पर लगभग आधी सदी तक राज किया और अपने शासनकाल में विभिन्न युद्धों और नीतियों के माध्यम से मुग़ल साम्राज्य को विस्तारित किया।

औरंगज़ेब की जीवनी:

  • जन्म: औरंगज़ेब का जन्म 3 नवंबर, 1618 को गुजरात के दाहोद में हुआ था।
  • शासनकाल: उनका शासन 1658 से 1707 तक चला।
  • औरंगज़ेब ने अपने शासनकाल में गैर-मुसलमानों के प्रति जज़िया कर जैसी भेदभावपूर्ण नीतियां लागू कीं।
  • उन्होंने बड़ी संख्या में हिंदू मंदिरों को नष्ट कर दिया और अपने शासनकाल में भारतीय उपमहाद्वीप को विस्तारित किया।
  • उन्होंने गैर-मुसलमानों के साथ कई ऐसे ज़ुल्म किए, जिसके विद्रोह में कई युद्ध होते रहे।
  • एक युद्ध के अंत में उनकी मृत्यु बुंदेलखंड साम्राज्य के महाराजा वीर छत्रसाल के हाथों हुई।

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महाराजा छत्रसाल:

भारतीय इतिहास में एक महान प्रतापी राजपूत योद्धा थे। उन्होंने मुग़ल शासक औरंगज़ेब को युद्ध में पराजित करके बुंदेलखण्ड में अपना स्वतंत्र क्षत्रिय राज्य स्थापित किया और ‘महाराजा’ की पदवी प्राप्त की। उनका जीवन मुग़लों की सत्ता के खिलाफ संघर्ष और बुंदेलखण्ड की स्वतंत्रता स्थापित करने के लिए जूझते हुए निकला। उन्होंने औरंगज़ेब को युद्ध में हाराया और उनकी मृत्यु कर दी। औरंगज़ेब को मारने वाले व्यक्ति महाराजा बुंदेला राजा वीर छत्रसाल ही थे। उन्होंने औरंगज़ेब के शरीर पर एक चीरा दिया, जिससे वह 3 महीने तक बिस्तर पर तड़पता रहा। इसी तरह तड़प तड़प कर 1707 ई. में उनकी मृत्यु हुई।

बुंदेला राजा वीर छत्रसाल

और पढ़े- औरंगजेब को क्रूर और धर्मांध शासक क्यों माना जाता है ?


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भारतीय इतिहास के महाराजा छत्रवाल अयोध्या थे उन्होंने मुगल शासक अंग्रेजी उनका शासन काल 1658 में हुआ था।औरंगज़ेब का जन्म 3 नवंबर, 1618 को गुजरात के दाहोद में हुआ था।औरंगजेब की मृत्यु बुंदेलखंड सम्राट के महाराज के हाथों हुई थी।आपको बता दें कि औरंगजेब को मरवाने वाले व्यक्ति का नाम बुंदेला राजा वीर छत्रसाल था।औरंगजेब को बुंदेला वीर छत्रसाल ने मारा था। हम आपको बता दें कि बुंदेला राजा छत्रसाल औरंगजेब को इसलिए मारा था क्योंकि जब बुंदेला राजा छत्रसाल छोटे थे तो औरंगजेब ने उनके पिता को चलाकी से मार दिया था।औरंगजेब एक उल्लेखनीय शासक था जिसने मुगल साम्राज्य को उसकी सबसे बड़ी क्षेत्रीय सीमा तक विस्तारित किया, जो उसके शासनकाल में अपने चरम पर पहुंच गया।औरंगजेब को एक चीरा लगाया किसकी वजह से औरंगजेब बिस्तर पर 3 महीनों तक तड़पता रहा फिर इसके बाद उसकी मृत्यु हो गई।बुंदेला राजा वीर छत्रसाल और महाराजा ने योजना बनाकर मारा था इन दोनों ने औरंगजेब को मारने के लिए जहर से युक्त एक खंजर बनवाया थाLetsdiskuss


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दोस्तों चलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में बताएंगे कि औरंगजेब को मारने वाला कौन था यदि आपको नहीं पता तो आप इस आर्टिकल को जरुर पढ़े क्योंकि हम इसमें आपको पूरी जानकारी देंगे ताकि आपके मन में फिर कभी ऐसा कोई प्रश्न ना उठे कि औरंगजेब को मारने वाला कौन था।औरंगजेब की मृत्यु बुंदेलखंड सम्राट के महाराज के हाथों हुई थी।आपको बता दें कि औरंगजेब को मरवाने वाले व्यक्ति का नाम बुंदेला राजा वीर छत्रसाल था। लोग इसे अत्यंत बलवान भी मानते हैं क्योंकि इसने औरंगजेब की हत्या कर दिया था। औरंगजेब का शासन काल 1658 से 1707 तक चला था, इसके बाद इस राज्य गाड़ी को मुगल खंड के साम्राट के महाराज ने हड़प लिया था। औरंगजेब को तड़पा तड़पा कर 1707 में बुंदेलखंड के राजा ने मारा था। यदि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया है तो इसे लाइक कीजिए ताकि हम आपको और भी आर्टिकल लाते रहे।Letsdiskuss


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