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Sep 30, 2022education

तुलसीदास कौन थे ?

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4 Answers

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Apr 5, 2020
तुलसीदास 1532 –1623, जिन्हें गोस्वामी तुलसीदास के नाम से भी जाना जाता है, एक हिंदू वैष्णव संत और कवि थे, जो देवता राम की भक्ति के लिए प्रसिद्ध थे। तुलसीदास ने संस्कृत और अवधी में कई लोकप्रिय रचनाएँ लिखीं; उन्हें महाकाव्य रामचरितमानस के लेखक के रूप में जाना जाता है, जो संस्कृत के रामायण के एक लेख में राम के जीवन पर आधारित है।
तुलसीदास ने अपना अधिकांश जीवन वाराणसी शहर में बिताया। वाराणसी में गंगा नदी पर तुलसी घाट का नाम उनके नाम पर रखा गया है। उन्होंने वाराणसी में भगवान हनुमान को समर्पित संकटमोचन मंदिर की स्थापना की, माना जाता है कि इस स्थान पर उन्हें देवता के दर्शन होते हैं। तुलसीदास ने रामलीला नाटकों की शुरुआत की, रामायण का एक लोक-रंगमंच रूपांतरण
उन्हें हिंदी, भारतीय और विश्व साहित्य के महानतम कवियों में से एक माना जाता है।भारत में कला, संस्कृति और समाज पर तुलसीदास और उनकी रचनाओं का प्रभाव व्यापक रूप से देखा जाता है और उन्हें शाब्दिक भाषा, रामलीला नाटकों, हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, लोकप्रिय संगीत और टेलीविजन श्रृंखलाओं में देखा जाता है।

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Apr 6, 2020

तुलसीदास जी एक महान कवि थे जिन्होंने रामायण ग्रंथ को सरल भाषा मे राम चरित मानस नामक पुस्तक में लिखा हैं। राम चरित मानस एक महान रचना है जो बहुत ही लोकप्रिय हैं। राम चरित मानस में हिन्दू के 7 वे अवतार भगवान मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र का सम्पूर्ण जीवन को सरल भाषा मे बताया गया हैं।

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Sep 30, 2022

तुलसीदास जी एक महान कवि है, जिनका पूरा नाम गोस्वामी तुलसीदास जी है। तुलसीदास जी का जन्म (1497) ईसवी मे माना गया है।तुलसीदास जी ही वह महान कवि है जिन्होंने रामचरित मानस को सरल शब्दों मे लिखा है । तुलसीदास जी ने रामचरितमानस को लिखने के लिए 2 वर्ष और 7 महीने का समय लिए थे। तुलसीदास जी रामचरितमानस को काशी में बैठकर लिखे थे। महान कवि तुलसीदास जी के पिता का नाम आत्माराम दुबे, और इनकी माता जी का नाम हुलसी बाई था। तुलसीदास जी ने अपना सबसे अधिक जीवन वाराणसी में व्यतीत किए थे। तुलसीदास जी को भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा भक्त बताया गया है।Article image

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Sep 30, 2022

तुलसीदास जी एक कवि थे। जिनका पूरा नाम गोस्वामी तुलसीदास जी है। जिनके आराध्य श्री राम जी थे। तुलसीदास काजन्म 1497 मे बांदा जिले के राजपुर मे हुआ था। जिनके पिता का नाम आत्माराम दुबे और माता का नाम हुलसी बाई था। तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की और उसमें भगवान श्री राम के प्रति अपनी श्रद्धा दिखाएं। जिनका पूरा जीवन वनारस में बीता है। यह हिंदी जगत के एक जाने-माने कवि हैं।Article image

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