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लाइट की तरफ क्यु आकर्षित होते है कीड़े?


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कीड़े-मकोड़ों का प्रकाश की ओर आकर्षित होना एक रोचक और जटिल घटना है। यह व्यवहार न केवल मनुष्यों के लिए दिलचस्प है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय रहा है। आइए इस विषय पर विस्तार से चर्चा करें और समझें कि कीड़े प्रकाश की ओर क्यों खिंचे चले आते हैं।

 

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प्राकृतिक आकर्षण:

कीड़ों का प्रकाश की ओर आकर्षित होना एक प्राकृतिक प्रवृत्ति है। यह व्यवहार उनके जीवन और अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है। प्रकृति ने उन्हें इस तरह से विकसित किया है कि वे प्रकाश के स्रोतों की ओर आकर्षित होते हैं। यह आकर्षण कई कारणों से होता है:

  1. नेविगेशन:
    कई कीड़े, विशेष रूप से रात्रिचर प्रजातियां, चंद्रमा और तारों के प्रकाश का उपयोग नेविगेशन के लिए करते हैं। वे इन प्राकृतिक प्रकाश स्रोतों को एक निश्चित कोण पर रखकर अपनी दिशा निर्धारित करते हैं। हालांकि, जब वे कृत्रिम प्रकाश स्रोतों के संपर्क में आते हैं, तो वे भ्रमित हो जाते हैं और उनकी ओर आकर्षित होते हैं।

  2. प्रजनन:
    कुछ कीड़े प्रकाश का उपयोग मेटिंग के लिए करते हैं। उदाहरण के लिए, जुगनू अपने शरीर से प्रकाश उत्सर्जित करके अपने साथी को आकर्षित करते हैं। कृत्रिम प्रकाश स्रोत इस प्राकृतिक प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं, जिससे कीड़े इनकी ओर आकर्षित होते हैं।

  3. भोजन की खोज:
    कुछ कीड़े प्रकाश का उपयोग भोजन की खोज में करते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ मॉथ प्रजातियां फूलों द्वारा उत्सर्जित हल्के प्रकाश का उपयोग नेक्टर खोजने के लिए करती हैं। कृत्रिम प्रकाश स्रोत इन्हें भ्रमित कर सकते हैं।

  4. सुरक्षा:
    कुछ कीड़े प्रकाश का उपयोग खतरे से बचने के लिए करते हैं। उदाहरण के लिए, कुछ प्रजातियां अंधेरे से बचने के लिए प्रकाश की ओर जाती हैं, क्योंकि अंधेरा उनके लिए खतरनाक हो सकता है।

लाइट की तरफ क्यु आकर्षित होते है कीड़े?

 

वैज्ञानिक दृष्टिकोण: वैज्ञानिकों ने कीड़ों के प्रकाश की ओर आकर्षण के कई सिद्धांत प्रस्तुत किए हैं:

  1. ट्रांसवर्स ओरिएंटेशन थ्योरी:
    इस सिद्धांत के अनुसार, कीड़े प्रकाश स्रोत को एक निश्चित कोण पर रखने का प्रयास करते हैं। प्राकृतिक प्रकाश स्रोतों जैसे चंद्रमा के साथ यह काम करता है, लेकिन कृत्रिम प्रकाश स्रोतों के साथ यह भ्रम पैदा करता है।

  2. फोटोटैक्सिस:
    यह एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें जीव प्रकाश की ओर या उससे दूर जाते हैं। कई कीड़े सकारात्मक फोटोटैक्सिस प्रदर्शित करते हैं, यानी वे प्रकाश की ओर आकर्षित होते हैं।

  3. अल्ट्रावायलेट रेडिएशन:
    कुछ कीड़े अल्ट्रावायलेट विकिरण के प्रति संवेदनशील होते हैं, जो कृत्रिम प्रकाश स्रोतों से निकलता है। यह उन्हें इन स्रोतों की ओर आकर्षित करता है।

प्रभाव और परिणाम:
कीड़ों का प्रकाश की ओर आकर्षण कई प्रभाव और परिणाम पैदा करता है:

  1. पारिस्थितिक असंतुलन:
    कृत्रिम प्रकाश स्रोतों की बढ़ती संख्या कीड़ों के प्राकृतिक व्यवहार और पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर रही है। यह उनके प्रजनन, भोजन की खोज और अस्तित्व को खतरे में डाल रहा है।
  2. ऊर्जा का नुकसान:
    कीड़े जो कृत्रिम प्रकाश स्रोतों के चारों ओर मंडराते हैं, वे अपनी बहुमूल्य ऊर्जा व्यर्थ करते हैं। यह उनके जीवन काल और प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
  3. शिकारियों के लिए आसान लक्ष्य:
    प्रकाश स्रोतों के चारों ओर एकत्र होने वाले कीड़े शिकारियों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं। यह उनकी आबादी को प्रभावित कर सकता है।
  4. कृषि पर प्रभाव:
    कुछ कीड़े जो फसलों के लिए लाभदायक हैं, वे कृत्रिम प्रकाश स्रोतों की ओर आकर्षित होकर अपनी भूमिका नहीं निभा पाते। यह कृषि उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है।

लाइट की तरफ क्यु आकर्षित होते है कीड़े?

 

समाधान और उपाय: कीड़ों के प्रकाश आकर्षण के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:

  1. कम प्रकाश प्रदूषण:
    शहरी क्षेत्रों में प्रकाश प्रदूषण को कम करने से कीड़ों पर प्रभाव कम हो सकता है।

  2. उचित प्रकाश डिजाइन:
    ऐसे प्रकाश स्रोतों का उपयोग करना जो कीड़ों को कम आकर्षित करते हैं, जैसे कि पीले या नारंगी रंग के एलईडी बल्ब।

  3. समय-आधारित प्रकाश:
    रात के कुछ घंटों के लिए कृत्रिम प्रकाश को कम या बंद करना कीड़ों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

  4. प्राकृतिक आवास का संरक्षण:
    कीड़ों के प्राकृतिक आवास का संरक्षण करने से उन्हें कृत्रिम प्रकाश स्रोतों से दूर रहने में मदद मिल सकती है।

 

निष्कर्ष:
कीड़ों का प्रकाश की ओर आकर्षण एक जटिल और बहुआयामी घटना है। यह उनके जीवन और अस्तित्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन मानव निर्मित प्रकाश स्रोतों के कारण यह एक समस्या भी बन गया है। हमें इस घटना को समझने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है। केवल तभी हम प्रकृति के इस रोचक पहलू को संरक्षित कर पाएंगे और कीड़ों के साथ-साथ हमारे पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा कर पाएंगे।



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