फलों पर स्टीकर इसलिए लगाएं जाते है ताकि ग्राहक को उस फल के बारें में पूरी जानकारी मिल पाएं कि उसमें कीटनाशक का प्रयोग किया गया है या नहीं | स्टीकर पर लिखे नंबर के जरिये कोई भी आसानी से इस बात को जान सकता है की उस फल में कौन सा रसायन इस्तेमाल हुआ है या नहीं, फलों पर स्टीकर लगाने के पीछे एक धारणा यह भी होती है की ग्राहकों को आसानी से उस फल के ग्रेड और कोड पता चल पाएं |
(courtesy -Bahuma Sticker )यह बात तो हुई की फलों पर स्टीकर क्यों लगाएं जाते है लेकिन इसके क्या फायदे और नुक्सान है यह भी जानना बहुत जरुरी है
नुक्सान -
- कई बार बेकार क्वालिटी के फलों पर स्टीकर लगा कर उसे उत्तम बता कर बेचा जाता है, यह एक बहुत बड़ा नुक्सान है फलों पर स्टीकर लगाने का |
- स्टीकर चिपकाने के लिए इस्तेमाल होने वाली गोंद को कितना भी अच्छे से साफ़ कर लिया जाएँ लेकिन कुछ न कुछ कण रह जाते है जो सेहत के लिए हानिकारक साबित होते है |
(courtesy -J-Tech Systems )फायदे -
- वही दूसरी तरफ स्टीकर लगा कर फल बेचना अच्छा है क्योंकि इससे ग्राहकों को सारी जानकारियां अच्छे से मिल जाती है |
- कीटनाशक या रसायन पदार्थों का इस्तेमाल हुआ है या नहीं आसानी से मालुम चल जाता है |

