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Othersमकर संक्रांति के दिन ही भीष्म पितामह ने...
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| Updated on January 13, 2022 | others

मकर संक्रांति के दिन ही भीष्म पितामह ने क्यों छोड़ा था शरीर?

2 Answers
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@krishnapatel8792 | Posted on January 11, 2022

हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाए जाते हैं उन्हीं त्योहारों में से एक मकर संक्रांति का त्यौहार है इस त्यौहार को भारत के अलग अलग राज्य में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है और यह बात को बहुत कम लोग जानते हैं कि महाभारत के पितामह भीष्म मकर संक्रांति के दिन ही अपने प्राण त्यागे थे क्योंकि इसी दिन गंगा जी भागीरथी के पीछे पीछे चल कर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में चली गई थी और इस दिन जो भी व्यक्ति की मृत्यु होती है उसे सीधा मोक्ष प्राप्ति मिलती है तभी पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपना शरीर त्यागा था।Article image

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@aanchalsingh1985 | Posted on January 12, 2022

हमारे हिंदू धर्म में कई त्योहार मनाए जाते हैं उन्हीं त्योहारों में से एक मकर संक्रांति का त्यौहार भी होता है। और कई राज्यों में इस त्यौहार को मकर संक्रांति के नाम से जानते हैं मगर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रकार से इस त्यौहार को मनाया जाता है । और मकर संक्रांति के दिन सूर्य का राशि में परिवर्तन होता है और इस दिन से सभी प्रकार के शुभ कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। लेकिन मकर संक्रांति का जो खास जुड़ाव है वह महाभारत से है कहा जाता है कि भीष्म पितामह 58 दिनों तक बाणो में लेटे हुए थे लकिन वे अपने प्राण नहीं त्यागे थे लेकिन उन्हें अपने प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने का इंतजार था मकर संक्रांति के दिन जब सूर्य उत्तरायण में परिवर्तन हुआ तो भीष्म पितामह ने अपने प्राण त्याग दिए थेउन्हें इस दिन का ही इंतजार था कहा जाता है इस दिन जिसकी मृत्यु होती है वह सीधे मोक्ष को प्राप्त होता है.।Article image

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