आज हम जानेंगे कि सरोजिनी नायडू ने ऐसा क्यों कहा था। यह कथन महात्मा गांधी की सादगी और गरीबी के दिखने वाले जीवन के पीछे छिपी वास्तविक व्यवस्था की ओर इशारा करता है। सरोजिनी नायडू का मशहूर व्यंग्य था कि गांधी जी को गरीब बनाए रखना ही बहुत खर्चीला काम था। इसका आशय यह था कि गांधी जी सादा जीवन जीते थे, लेकिन उनकी यात्राओं, ठहरने, सुरक्षा, मिलने वालों की व्यवस्था और सार्वजनिक कार्यक्रमों को संभालने में काफी पैसा और मेहनत लगती थी।
यह बात उन्होंने तंज या मजाक में कही थी, ताकि यह दिखाया जा सके कि गांधी जी की प्रतीकात्मक सादगी के पीछे भी एक बड़ी व्यवस्था काम करती थी। यह कथन गांधी जी के विचारों पर सीधा हमला नहीं था, बल्कि उनकी सार्वजनिक छवि की विडंबना को बताने वाला एक चुटीला वाक्य था। यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह कथन प्रायः उद्धृत किया जाता है, लेकिन इसका सटीक अवसर हर स्रोत में एक जैसा नहीं मिलता।