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Othersइंटरनैशनल वर्कर्स डे क्यों मानते हैं ?
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| Updated on January 28, 2022 | others

इंटरनैशनल वर्कर्स डे क्यों मानते हैं ?

2 Answers
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@adityasingla8748 | Posted on May 1, 2019

पूरे विश्व में 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस दिन की खास बात यह है कि इस दिन को पिछले 132 साल से मनाया जा रहा है और आज ही के दिन दुनिया भर के मजदूरों के अनिश्चित काम के घंटों को 8 घंटे में बदला गया था | जिससे इस बात को समझा गया जब भी कोई व्यक्ति किसी दुसरे के लिए काम करता है तो वह अनिश्चित काम कभी नहीं कर सकता है |
Article image (courtesy-hiveminer)

इंटरनैशनल वर्कर्स डे मनाने के पीछे साल 1877 में मजदूरों ने अपने काम के घंटे तय करने की अपनी मांग को लेकर एक आंदोलन शुरू किया , जिसके बाद एक मई 1886 को पूरे अमेरिका में लाखों मजदूरों ने एकजुट होकर इस मुद्दे को लेकर हड़ताल कर दी और इस हड़ताल में करीब 11 हजार फैक्ट्रियों के 3 लाख 80 हजार मजदूर शामिल हुए थे | वही दूसरी और हड़ताल के बाद साल 1889 में पेरिस में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय महासभा की दूसरी बैठक में फ्रेंच क्रांति को ध्यान में रखते हुए एक प्रस्ताव पास किया गया और इस प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाए जाने की बात स्वीकार की गई | इस प्रस्ताव के पास होते ही अमेरिका में सिर्फ 8 घंटे काम करने की इजाजत दे दी गई.
Article image (courtesy-CAPE - ACEP)
इसी के बाद से पूरे विश्व में काम करने की अवधि को अनिश्चित कर के केवल आठ घंटे किया गया और और इस दिन को इंटरनेशनल वर्कर्स डे के रूप में मनाया जाने लगा |

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@krishnapatel8792 | Posted on January 27, 2022

पूरे विश्व में 1 मई को इंटरनेशनल वर्कर्स डे के रूप में मनाया जाता है इस दिवस को मनाए जाने का पीछे का कारण यह है कि जब अमेरिका कि मजदूर यूनियनों ने काम का समय 8 घंटे से ज्यादा ना रखे जाने की हड़ताल की थी सन 1877में मजदूरों ने अपने काम के घंटे तय करने के लिए अपने काम को लेकर हड़ताल शुरू किया था जिसके बाद 1 मई 1886 में पूरे अमेरिका में लाखों मजदूर एकजुट होकर इस मुद्दे में हड़ताल की थी इस हड़ताल में लगभग 11हजार फैक्ट्रियों के मजदूर शामिल थे। और भारत में भी मद्रास के हाई कोर्ट के पास इस मुद्दा को लेकर हड़ताल किया गया तभी से मजदूरों को इस दिन छुट्टी का ऐलान किया गया तभी से माई मे 80 मुल्कों मैं यह दिवस मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।Article image

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