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गोल - गोल घूमने के बाद हमे चक्कर क्यों आने लगता है ?

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@brijeshmishra8622Apr 22, 2019

अक्सर हमने देखा ही कि जब छोटे बच्चे खेलते है या शरारत करते है तो गोल गोल घूमते है , और उन्हें देख कर कभी कभी बड़े भी इसे आजमा ही लेते हैं लेकिन गोल घूमने में जितना मजा आता है उतनी ही परेशानी घूमना बंद करने पर होती है क्योंकि गोल घूमने के बाद, रुकने पर हमारा सिर चकराने लगता है और संतुलन बना पाना मुश्किल लगने लगता है। जिसकी वजह से कभी कभार कई परेशानियां भी होने लगती है |


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(courtesy-Jagruk)

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की गोल गोल घूमने के बाद हमें चक्कर क्यों आने लगते है, आपको यह बात मालुम नहीं होगी की हमारा सर सीधा कान से जुड़ा होता है इसलिए पहले कान के बारे में थोड़ी बात करते हैं।हमारे कान सिर्फ सुनने का काम ही नहीं करते हैं बल्कि शरीर को संतुलित करना भी इनका महत्वपूर्ण काम होता है।हमारे कान का बाहरी हिस्सा आवाज को कान के आतंरिक अंगों तक पहुँचाता है और आंतरिक हिस्सा आवाज को विद्युत सिग्नल में बदलकर दिमाग तक भेजता है।

इसलिए जब हम गोल गोल घूमते है तब तो हमारे कानों में मौजूद द्रव भी घूमने लगता है और ये द्रव ही हमारे दिमाग को नियंत्रित करता है। गोल घूमने के बाद अचानक जब हम रुक जाते हैं तब ये द्रव कुछ देर तक घूमता रहता है जिसके कारण हमारा सिर चकराने लगता है और जब थोड़ी देर बाद ये द्रव घूमना बंद हो जाता है तब हम सामान्य स्थिति में आ जाते हैं। यही कारण है जिसकी वजह से जब हम गोल - गोल घूमते है तो हमें चक्कर आने लगते है |


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@krishnapatel8792May 31, 2022

अक्सर हम बचपन में अपने दोस्तों के साथ खेलते थे और जब कभी हम घूमने वाला खेल खेलते थे तो घूमने में तो बहुत अच्छा लगता था पर उसके बाद जब रुकते थे तो ऐसा लगता था जैसे चक्कर आ गया और हम कहीं बे होश ना हो जाएं चक्कर आने का कारण यह है कि हमारा कानArticle image सीधा सर से जुड़ा है और कान का काम सिर्फ सुनने का नहीं है वह पूरे शरीर को मेंटेन करके रखता है। इसलिए जब हम गोल गोल घूमते हैं तो हमारे कान में जो द्रव होता है वह भी घूमने लगता है। और यह द्रव ही हमारे दिमाग को नियंत्रित करता है.। और जब हम गोल गोल घूमने के बाद रुक जाते हैं तो यह द्रव थोड़ी देर तक घूमते रहता है जिसकी वजह से हमें चक्कर आने लगता है।

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@aanyasingh3213Nov 16, 2023

दोस्तों क्या आपने कभी सोचा है कि जब भी हम कभी गोल-गोल घूमते हैं तो घूमने के बाद हमें चक्कर सा महसूस क्यों होता है। जब हम घूमते हैं तो बहुत अच्छा लगता है लेकिन घूमने के बाद जब थोड़ी देर के लिए रुकते हैं तो ऐसा लगता है कि जैसे हमें चक्कर आ गया हो और हम धरती पर गिर गए हों तो चलिए हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं। हम आपको बता दें कि जब हम गोल-गोल घूमते हैं तो इसका संबंध हमारे सीधे कान से होता है। हमारे कानों के अंदर द्रव्य होता है जब हम घूमते हैं तो यह द्रव्य भी घूमने लगता है। यह द्रव्य हमारे दिमाग को नियंत्रित करने का काम करता है। जब हम गोल-गोल घूमते हैं और कुछ देर के लिए रुक जाते हैं तो यह द्रव्य कुछ देर तक घूमते रहता है। और फिर थोड़ी देर बाद यह द्रव्य भी घूमना बंद कर देता है। और फिर हम समान्य स्थिति में आ जाते हैं। और फिर हमें चक्कर आना बंद हो जाता है।

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@kajalyadav3490Nov 16, 2023

असल में हमारे सर के घूमने का संबंध हमारे कान से होता है l हमारे कान सुनने के साथ शरीर का संतुलन भी करते हैं हमारे कान का बाहरी हिस्सा आवाज को हमारे कान के आंतरिक अंगों तक पहुंचाता है और आंतरिक है आवाज को विद्युत सिग्नल में बदलकर दिमाग तक भेजता है l आंतरिक काम की संरचना टेढ़ी-मेढ़ी होती है l जिसमें अनियमित आकार की नलिकाएं होती हैं इन नलिकाओं में लिक्विड भरा रहता है l यह द्रव हमारे शरीर को नियंत्रित बनाए रखने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है l

इसलिए जब हम गोल-गोल घूमते हैं तो हमारे कानों में मौजूद द्रव भी घूमने लगता है गोल गोल घूमने के बाद जब हम अचानक रुक जाते हैं तब यह है द्रव कुछ देर तक घूमता रहता है l जिसके कारण हमारा सर चकराने लगता है l और जब थोड़ी देर में यह द्रव घूमना बंद हो जाता है तब हम सामान्य अवस्था में आ जाते हैं l और हमें चक्कर नहीं आता है l

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