क्यों कोई हवाई जहाज तिब्बत के ऊपर से नहीं गुजरता? - Letsdiskuss
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पोस्ट किया 10 Jun, 2019 |

क्यों कोई हवाई जहाज तिब्बत के ऊपर से नहीं गुजरता?

Kandarp Dave

Blogger | | अपडेटेड 09 Sep, 2019

तिब्बत एक ऐसा मुल्क है जो की अपनी आध्यात्मिकता एवं भूगोल की वजह से विश्वभर में जाना माना है। इसके अलावा चीन के साथ के उसके रिश्ते इतने ख़ास है की शायद ही कोई ऐसा मुल्क हो जिसे इस भूभाग के बारे में पता न हो। कहा जाता है की तिब्बत के ऊपर से कोई प्लेन गुजर नहीं सकता।

सौजन्य: हिंदी समाचार 


शुरुआत में तो लोग इसे एक चमत्कार ही मान रहे थे पर एविएशन एक्सपर्ट्स ने सच का खुलासा कर बताया की इस भाग में हवामान इतना विषम होता है की एक प्लेन को यहां से उड़ा ले जाना मुश्किल होता है और इसीलिए कोई भी एयरलाइन यह रुट पसंद नहीं करती।

माऊंट एवेरस्ट के नजदीक होने से यहाँ हवा का दबाव ज्यादा होता है और ऑक्सीजन की मात्रा बिलकुल कम होती है। ऐसे में प्लेन में स्थित ऑक्सीजन प्रणाली पैसेंजर्स को 20 मिनट से ज्यादा सपोर्ट नहीं कर सकती। इतना ही नहीं यहाँ पर एयरपोर्ट की पट्टी भी इतनी संकीर्ण है की अब तक सिर्फ आठ ही पायलट ऐसे है जो यहाँ लैंड कर सके है। इन सब वजहों के चलते तिब्बत के ऊपर से प्लेन लेकर गुजरना खतरे से खाली नहीं होता। इस जोखिम को देखते हुए कोई भी प्लेन यहाँ से गुजरता नहीं है।





Anonymous

पोस्ट किया 10 Jun, 2019

इससे पहले कि हम कारणों पर ध्यान दें, हम तिब्बत के बारे में कुछ रोचक तथ्यों पर ध्यान देते है।

तिब्बत चीन का एक स्वायत्त (autonomous) क्षेत्र है। यह चीन के दक्षिण-पश्चिम भाग में है, और यह भारत के साथ पश्चिम में नेपाल, दक्षिण-पश्चिम में बर्मा, और दक्षिण-पूर्व में भूटान के साथ सीमा साझा करता है।

तिब्बती पठार दुनिया में सबसे ऊंचा है, और यह महान हिमालय का घर है। एवरेस्ट (8850 मीटर), कंचनजंगा (8586 मीटर), माउंट कैलाश (6638 मीटर), मकालू (8481 मीटर), चो ओयू (8201 मीटर) जैसे पर्वत तिब्बती भूमि में ऊंचे हैं। इस पर्वत श्रृंखला की औसत ऊँचाई 8000 मीटर है।