भारत में वैसे तो सारे त्यौहार मनाए जाते हैं उन्हीं में से एक है अक्षय तृतीया का त्यौहार और इस त्योहार को मनाने के पीछे का कारण यह है कि यह दिन बहुत ही शुभ होता है इस दिन आप कुछ सामान खरीद सकते हैं शादी ब्याह कर सकते हैं। क्योंकि यह दिन बहुत ही शुभ होता है। अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहते हैं इस त्यौहार को भारतीय महीने वैशाख के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है भारतीय पौराणिक के अनुसार इस दिन हम जितना अधिक दान करते हैं उसका 4 गुना वापस लौट कर हमारे पास आता है। इसलिए इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है।
अक्षय तृतीया क्यों मनाई जाती है?
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हमारे भारत में धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के अनुसार संस्कृति भी अगल है| सभी देशों में अलग अलग त्यौहार अलग ढंग से मनाये जाते हैं| सभी धर्मों के अपने खास त्यौहार होते हैं, जिन्हें मानाने का उनका अपना अलग तरीका होता है और अपना ही उत्साह होता है| अगर बात हिन्दू धर्म की करें तो हिन्दू धर्म में हर महीने कोई न कोई पर्व जरुर होता है| लगभग सभी पुरे वर्ष कोई न कोई त्यौहार जरुर मनाये जाते हैं|
(इमेज - वेब दुनिया)
महीने को तिथियों के हिसाब से विभाजित किया गया है और हर महीने में 15 – 15 की दो तिथि होती है, जिसमें कई सारे पर्व आते हैं| जैसे वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ही देख लिजिये| यह ऐसी तिथि मानी जाती है जिसे बहुत ही सौभाग्यशाली कहा जाता है| इस तिथि को तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है|
इसके पीछे भी बहुत सारी मान्यता कही जाती है| इस त्यौहार से बहुत सारी कहानियाँ जुड़ी हुईं हैं| अक्षय तृतीया को भगवान परशुराम के जन्म दिन के रूप में भी मनाया जाता है| नर और नारायण के अवतार के लिए भी इस त्यौहार को मनाया जाता है| मान्यता है कि इस तिथि के बाद से ही त्रेता युग का आरम्भ हुआ था जिस युग में भगवान राम इस धरती में मनुष्य के रूप में जन्मे थे|
इस दिन जो व्रत लेता है, दान करता है उसको मनचाहा फल मिलता है| उसके भण्डार भरे रहते हैं, लक्ष्मी जी उसके घर सदेव बनी रहती है| क्योंकि यह ऐसा व्रत है कि इसका फल हमेशा के लिए होता है, इस व्रत का फल कभी कम नहीं होता, कभी नष्ट नहीं होता इसलिये इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है|
इस दिन सोने की कोई भी चीज़ खरीदना बहुत शुभ माना जाता है| मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से घर में समृद्धि आती है और इस दिन कुछ न कुछ दान जरुर करें|
इस साल 26 अप्रैल 2020 को अक्षय तृतीया पड़ रही है| पूजा मुहूर्त – सुबह 05:48 से दोपहर 12:19 मिनट तक|
सोना खरीदने का शुभ महूर्त : सुबह 05:48 से दोपहर 13:22 तक

