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राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) क्यों मनाया जाता है?

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Updated on Jun 5, 2026

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) भारत में हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के अधिकारों, उनकी शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाना है।

राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) द्वारा वर्ष 2008 में की गई थी। इसका उद्देश्य समाज में लड़कियों के प्रति होने वाले भेदभाव को समाप्त करना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है।

भारत में लंबे समय तक बेटियों को बेटों की तुलना में कम महत्व दिया जाता था। कई क्षेत्रों में कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, शिक्षा की कमी और लैंगिक भेदभाव जैसी समस्याएँ देखने को मिलती थीं। इन्हीं समस्याओं को खत्म करने और लोगों की सोच बदलने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।

इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में कई प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे:

  • बालिका शिक्षा पर भाषण और निबंध प्रतियोगिता
  • जागरूकता रैलियाँ
  • सेमिनार और कार्यशालाएँ
  • लड़कियों के अधिकारों पर चर्चा

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना होता है कि बालिकाएँ भी समाज और देश के विकास में उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं जितनी बालक।

सरकार ने बालिकाओं के विकास के लिए कई योजनाएँ भी शुरू की हैं, जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, जिसका उद्देश्य लड़कियों को सुरक्षित रखना और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाएँ भी लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए चलाई जा रही हैं।

राष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक संदेश भी है कि लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। चाहे शिक्षा हो, खेल हो, विज्ञान हो या राजनीति—हर क्षेत्र में बेटियाँ अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं।

यहां एक और दिलचस्प विषय है जिसका आप आनंद ले सकते हैं: मजदूर दिवस क्यों मनाया जाता है,बताइये?

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ABOUT THE AUTHORPari Deshmukh

Pari Deshmukh is a journalist with over 12 years of experience covering current affairs across print and digital media in India. She holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication from Pune University, bringing both academic grounding and extensive field experience to her reporting. Over her career, Pari has reported on national politics, policy developments, social issues, and breaking news events across India. Her work has appeared on platforms including The Print, Scroll.in, and Hindustan Times Digital, where she has built a reputation for factual, balanced, and timely reporting on stories that shape public discourse. With 12+ years in the field, she has covered major national events, conducted ground-level investigations, and interviewed policymakers, civil society leaders, and public figures. Her journalism is driven by one standard — verified facts reported without distortion, regardless of the pressure or pace of the news cycle. She has participated in press panels at the Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards and is a member of the Press Club of India. Her reporting continues to serve readers who need current affairs coverage they can trust.

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Updated on May 28, 2026

हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है । इसकी शुरुआत 2008 में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने की थी। इस दिन को मनाने के उद्देश्य देश में बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव के प्रति लोगों को जागरुक करना है। 2008 से यह दिन पूरे देश में मनाया जाने लगा। इस अवसर पर देश पर में बालिका बचाओं अभियान चलाए जाने लगे, इसके अलावा चाइल्ड सेक्स रेशो और लड़कियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण देने के लिए हर संभव कोशिश की जाती है। एक समय ऐसा भी आ गया था जब लड़कों की तुलना में लड़कियां न के बराबर हो गयी थी । ऐसे में साधारण शब्दों में यही कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के पीछे लड़कों और लड़कियों को सामान अधिकार दिलाना है।

इसी कारण महिलाओं के हित में कई कार्यक्रम चलाएं गए और महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 2015 में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरुआत की थी। सरकार का 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान लड़कियों के लिए चलाया गया एक बहुत अच्छा कदम है। इसके जरिए लड़कियों और महिलाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाता है।इन अभियानों से लोगों की मानसिकता को बदलने में मदद मिली है खासकर ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर काफी जागरुकता आई है।
 
नेशनल गर्ल चाइल्‍ड के दिन कई जगह ढेरों कार्यक्रमों का आयोजन होता है और इसमें लड़की बचाओ अभियान, सही लिंग अनुपात और लड़कियों के लिए स्‍वस्‍थ्‍य व सुरक्षित माहौल तैयार करने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इस सबका मकसद यही है की महिला को सशक्त और इंडिपेंडेंट बनाया जाएं और देश में सबको सामान अधिकार मिलें ।
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Henry Hoe
Answered on Jan 30, 2020
भारत में हर साल आज के दिन यानी 24 जनवरी को नेशनल गर्ल चाइल्ड डे ( National Girl Child Day ) मनाया जाता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 2008 में इसकी शुरुआत की थी।
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ABOUT THE AUTHORHenry Hoe

Henry Hoe is an e-commerce marketer, trainer and owner of multiple 6 and 7 figures businesses. His passion has been in email, content marketing and search engine optimization. However, he always has this desire to share his passion about e-commerce with the online marketing community.

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The Curious Introvert
Answered on Jan 24, 2020
राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) भारत में हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है. नेशनल गर्ल चाइल्ड डे मनाने का मकसद देश में लड़कियों के प्रति भेदभाव के प्रति एक अभियान चलाना है। साथ ही बेटियों के अधिकारों के प्रति लोगों को जागरुक करना है.
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