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Updated on Mar 19, 2026education

माइट्रोकांड्रिया को पावर हाउस क्यों कहाँ जाता है?

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Answered on Apr 26, 2023

क्या आप जानते हैं कि माइटोकॉन्ड्रिया को पावर हाउस क्यों कहा जाता है शायद आपको मालूम नहीं होगा तो चलिए हम आपको उसकी जानकारी देते हैं दोस्तों माइट्रोकांड्रिया पशु और पौधे दोनों की कोशिकाओं में पाया जाता है यह संरचना में दुइझिल्लीकर और छड़ के आकार के होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया किसी भी कोशिका के अंदर पाया जाता है जिसका काम हर कोशिकाओं के अंदर ऊर्जा पहुंचाना होता है इसी वजह से माइटोकॉन्ड्रिया को पावर हाउस कहा जाता है। अब तो आपको मालूम चल ही गया होगा कि माइटोकॉन्ड्रिया को पावर हाउस को क्यों कहा जाता है।

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Answered on Apr 26, 2023

माइटोकॉन्ड्रिया किसी भी कोशिका के अंदर पाया जा सकता है,जिसका मुख्य कार्य कोशिका के अंदर हर हिस्से में ऊर्जा पहुंचाना होता है, इसी वजह से माइटोकांड्रिया को कोशिका का पावर हाउस भी कहते है।

माइटोकॉण्ड्रिया की खोज सर्वप्रथम 1890 ई. में अल्टमेन नामक वैज्ञानिक द्वारा की गयी थी। अल्टमेन ने इसे बायोब्लास्ट तथा बेण्डा ने माइटोकॉण्डिया कहा गया था,जीवाणु तथा नील हरित शैवाल को छोड़कर शेष सभी सजीव पादप तथा जंतु कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में अनियमित रूप से बिखरे हुए दोहरी झिल्ली आबंध कोशिकांगों क़ो माइटोकॉण्ड्रिया कहते हैं। कोशिका के अंदर सूक्ष्मदर्शी की मदद से देखने में यह गोल, लम्बे या अण्डाकार रूप मे दिखायी देते हैं।

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Answered on Apr 27, 2023

आज हम आपको इस आर्टिकल बताते हैं कि माइट्रोकांड्रिया का पावर हाउस क्यों कहा जाता है माइक्रो कंडिया कोशिका जीवन की संरचनात्मक एवं कार्यात्मक इकाई है। माइट्रोकांड्रिया पशु और पौधों कोशिका दोनों में पाए जाते हैं। माइट्रोकांड्रिया सभी यूकैरियोटिक कोशिकाओ के कोशिका द्रव्य में मौजूद होता है. वे झिल्ली से बंधे हुए अंग है। और माइट्रोकांड्रिया एटीपी का उतपादन करते हैं जो कोशिका द्वारा उपयोग किए जाने वाला मुख्य ऊर्जा अणु है।Article image

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Answered on Mar 18, 2026

माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का पावर हाउस इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह ऊर्जा बनाने का मुख्य केंद्र होता है। हर जीवित कोशिका को काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है, और यही ऊर्जा माइटोकॉन्ड्रिया तैयार करता है।

ऊर्जा उत्पादन का केंद्र: माइटोकॉन्ड्रिया भोजन से प्राप्त पदार्थों को तोड़कर ऊर्जा बनाता है, जिसे ATP कहा जाता है।

ATP का निर्माण: ATP वह ऊर्जा है जिससे शरीर की सभी क्रियाएं जैसे चलना, सोचना और सांस लेना संभव होता है।

कोशिका की कार्यक्षमता बनाए रखना: अगर माइटोकॉन्ड्रिया ठीक से काम न करे, तो कोशिका भी सही से काम नहीं कर पाएगी।

इसलिए माइटोकॉन्ड्रिया को पावर हाउस कहा जाता है, क्योंकि यह कोशिका को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है और जीवन क्रियाओं को चलाने में मदद करता है।

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