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shweta rajput· 6 साल पहले
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क्यों बोला जाता है पत्नी की भाई को साला ?

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जवाब दिया गया10/26/26

पत्नी के भाई को हिंदी में साला कहा जाता है, क्योंकि यह हिंदी भाषा में रिश्तों को पहचानने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक पारंपरिक शब्द है। भारतीय परिवार व्यवस्था में हर रिश्ते के लिए अलग-अलग संबोधन प्रचलित हैं। जैसे पति के भाई को देवर या जेठ, पति की बहन को ननद और पत्नी के भाई को साला कहा जाता है। यह शब्द मुख्य रूप से रिश्ते की पहचान बताता है, हालाँकि बोलचाल में इसका इस्तेमाल कभी-कभी मजाक या अपमान के रूप में भी किया जाता है।

साला शब्द का अर्थ क्या है?

साला शब्द का सामान्य अर्थ पत्नी का भाई होता है। विवाह के बाद पति और पत्नी के परिवारों के बीच नए रिश्ते बनते हैं। पत्नी के माता-पिता पति के सास-ससुर कहलाते हैं और पत्नी के भाई को साला कहा जाता है। इसी प्रकार पत्नी की बहन को साली कहा जाता है।

ये शब्द हिंदी और उत्तर भारतीय भाषाई परंपराओं में लंबे समय से प्रचलित हैं। इनका उपयोग परिवार के सदस्यों के बीच संबंध स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

पत्नी के भाई को साला कहने की परंपरा कैसे बनी?

भारतीय समाज में रिश्तों के लिए विशेष शब्दों का इस्तेमाल करने की परंपरा बहुत पुरानी है। परिवार और विवाह से जुड़े रिश्तों को अलग-अलग नाम दिए गए, ताकि यह समझना आसान हो कि कोई व्यक्ति परिवार में किस संबंध से जुड़ा है।

साला शब्द का सटीक ऐतिहासिक उद्गम और इसकी शब्द-व्युत्पत्ति सामान्य बोलचाल में बताई जाने वाली कहानियों से अलग विषय है। केवल प्रचलित मान्यता के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि इस शब्द की शुरुआत किसी एक घटना या विशेष परंपरा से हुई थी।

इसलिए इसका सबसे स्पष्ट और सामान्य अर्थ यही है कि पत्नी का भाई, पति का साला कहलाता है।

क्या साला शब्द गाली है?

साला शब्द अपने मूल अर्थ में रिश्ते को बताने वाला शब्द है। लेकिन इसका अर्थ बोलने के तरीके, परिस्थिति और बातचीत के संदर्भ के अनुसार बदल सकता है।

उदाहरण के लिए:

  • पारिवारिक संदर्भ में: “मेरे साले की शादी अगले महीने है।” यहाँ शब्द का सामान्य रिश्ते वाला अर्थ है।

  • मजाक में: कुछ दोस्त आपस में इस शब्द का इस्तेमाल हँसी-मजाक के लिए करते हैं।

  • गुस्से या अपमान में: यदि इसे किसी व्यक्ति को नीचा दिखाने के लिए कहा जाए, तो यह अपमानजनक लग सकता है।

इसलिए किसी शब्द का इस्तेमाल करते समय सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं और परिस्थिति का ध्यान रखना चाहिए।

साला और साली में क्या अंतर है?

साला और साली दोनों विवाह से जुड़े रिश्तों के नाम हैं, लेकिन इनमें अंतर है।

  1. साला: पत्नी का भाई।

  2. साली: पत्नी की बहन।

उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति की पत्नी का एक भाई और एक बहन है, तो पत्नी का भाई उसका साला और पत्नी की बहन उसकी साली कहलाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. पत्नी के भाई को क्या कहते हैं?

पत्नी के भाई को हिंदी में साला कहते हैं।

2. पत्नी की बहन को क्या कहते हैं?

पत्नी की बहन को साली कहा जाता है।

3. क्या साला शब्द का इस्तेमाल हमेशा अपमान के लिए होता है?

नहीं, इसका मूल अर्थ एक पारिवारिक रिश्ता है। हालाँकि, कुछ संदर्भों में यह अपमानजनक भी हो सकता है।

4. साला शब्द की शुरुआत कब हुई थी?

इस शब्द की शुरुआत की सटीक तारीख या एक निश्चित ऐतिहासिक घटना बताना कठिन है। यह हिंदी और संबंधित भाषाई परंपराओं में प्रचलित रिश्ते का शब्द है।

निष्कर्ष

पत्नी के भाई को साला इसलिए कहा जाता है क्योंकि हिंदी में यह उस पारिवारिक रिश्ते का पारंपरिक नाम है। इसी तरह पत्नी की बहन को साली कहा जाता है। मूल रूप से साला शब्द गाली नहीं, बल्कि रिश्ते की पहचान कराने वाला शब्द है। हालाँकि, बातचीत के संदर्भ और बोलने के तरीके के कारण इसका इस्तेमाल सम्मानजनक, मजाकिया या अपमानजनक हो सकता है। किसी भी रिश्ते में सम्मान और अच्छे व्यवहार का महत्व शब्दों से अधिक होता है।

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Madan Singh is an education consultant and content writer with 8+ years of experience advising students, parents, and educational institutions on academic pathways, career planning, and learning strategies. He holds a Master's degree in Education Management from Delhi University, a background that grounds his writing in structured pedagogical thinking rather than generic career advice. His work spans college admissions guidance, career counselling, study abroad pathways, and competitive exam preparation, with a focus on both Indian and international education systems. He writes for CollegeDekho, Shiksha.com, and Collegedunia, where his articles are aimed at students and families making academic decisions. Over the course of his consulting practice, Madan has advised 150+ students on admissions, scholarship applications, and career planning. He has published 80+ articles across education platforms during this time, covering topics from exam strategy to international study options. Madan's approach is practice-first: his writing reflects the questions he actually gets from students and parents, not templated advice. He does not claim to cover every education topic — his focus stays on admissions, career planning, and study-abroad guidance, where his consulting experience directly applies.

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जवाब दिया गया07/28/22

क्या आप जानते हैं कि पत्नी के भाई को साला क्यों कहा जाता है ऐसे बहुत से लोग होंगे जिन्हें या नहीं पता होता है कि आखिर इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है तो चलिए कोई बात नहीं आज हम आपको इसकी जानकारी दे ही देते हैं।दरअसल इसके पीछे एक पौराणिक कथा है कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन हुआ था तब उसमें 14 दिव्य रत्न मिले थे उन्हीं में से एक रत्न था शंख जिसे लक्ष्मी जी का भाई कहा गया तभी दैत्त और देवों ने कहा कि देखो माता लक्ष्मी जी का भाई शंख निकला है तभी से यह प्रचलन प्रारंभ हो गया कि जब भी कोई नवविवाहित बहू या धर्मपत्नी, जिसे सभी ग्रह लक्ष्मी भी कहते हैं उसके भाई को बहुत ही पवित्र नाम शंख यानी कि साला के नाम से पुकारा जाने लगा।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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अपडेट किया गया10/06/20
"साला" शब्द की रोचक एवं महत्वपूर्ण जानकारी...

हम प्रचलन की बोलचाल में साला शब्द को एक "गाली" के रूप में देखते हैं, साथ ही "धर्मपत्नी" के भाई/भाइयों को भी "साला"/"सालेसाहब" के नाम से इंगित करते हैं।
"पौराणिक कथाओं" में से एक "#समुद्र_मंथन" में हमें एक जिक्र मिलता है, मंथन से जो 14 दिव्य रत्न प्राप्त हुए थे वो थे:-

  • कालकूट (हलाहल),
  • ऐरावत,
  • कामधेनु,
  • उच्चैःश्रवा,
  • कौस्तुभमणि,
  • कल्पवृक्ष,
  • रंभा (अप्सरा),
  • लक्ष्मी,
  • शंख (जिसका नाम साला था!)*
  • वारुणी मदिरा,
  • चन्द्रमा,
  • शारंग धनुष,
  • गंधर्व,
  • और अंत में अमृत...
  • "लक्ष्मीजी" मंथन से "स्वर्ण" के रूप में निकली थी,


इसके बाद जब "साला शंख" निकला, तो उसे लक्ष्मी जी का भाई कहा गया!
दैत्य और दानवों ने कहा कि अब देखो लक्ष्मी जी का भाई साला (शंख) आया है..
तभी से ये प्रचलन में आया कि नवविवाहिता "बहु" या धर्मपत्नी जिसे हम "गृहलक्ष्मी" भी कहते है, उसके भाई को बहुत ही पवित्र नाम "साला" कहकर पुकारा जाता हैं!

समुद्र मंथन के दौरान "पांचजन्य साला शंख" प्रकट हुआl इसे भगवान विष्णु ने अपने पास रख लियाl इस शंख को "विजय का प्रतीक" माना गया है, साथ ही इसकी ध्वनि को भी बहुत ही शुभ माना गया हैl विष्णु पुराण के अनुसार माता लक्ष्मी समुद्रराज की पुत्री हैं तथा शंख उनका सहोदर भाई है। अतः यह भी मान्यता है कि जहाँ शंख है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है। इन्हीं कारणों से हिन्दुओं द्वारा पूजा के दौरान शंख को बजाया जाता हैl

जब भी धन-प्राप्ति के उपाय करो "शंख" को कभी नजर अंदाज ना करे, लक्ष्मी जी की फ़ोटो/प्रतिमा के नजदीक रखें।
जब भी किसी जातक का साला या जातिका का भाई खुश होता है तो ये उनके यहाँ "धन आगमन" का शुभ सूचक होता है और इसके विपरीत साले से संबंध बिगाड़ने पर जातक घोर दरिद्रता का जीवन जीने लगता है।
अतः सालेसाहब को सदैव प्रसन्न रखे!
लक्ष्मी स्वंय चलकर आपके घर दस्तक देगी।

धर्मो रक्षति रक्षितः



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