योग हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है | इसे करने से शारीरिक ओर मानसिक दोनों शांति मिलती है | दिन भर मन तरोताजा महसूस करता है | इससे शरीर कि प्रत्येक मांसपेशी मजबूत हो जाती है ओर रक्त का प्रवाह भी सुचारु रूप से होने लगता है | भारत का योग से पुराना संबंध माना जाता है | भारत के योगगुरुओ ने योग कि अहमियत ओर लाभ को सभी को समझाया | महर्षि पतंजलि को योग का जनक माना जाता है |
पौराणिक कथाओ मे भी योग के महत्व को बताया गया है | कहा जाता है कि भगवान शिव को पहला योगी याने आदि योगी कहा गया था | भगवान शिव ने ही सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया था |
डाबर का कथन है कि योग स्वस्थ्य ओर सुखमय जीवन जीने कि कला है |
"योग: कर्मसु कौशलम् " यह कथन भगवत गीता मे कहा गया है जिसका कि अर्थ है - हर काम को कुशलता और एकाग्रता से करना ही योग कहलाता है |
योग करने से बहुत सारे लाभ होते है जैसे -
मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है |
शारीरिक विकास मे वृद्धि होती है |
शरीर को रोगों से लड़ने कि ताकत मिलती है |
पाचनशक्ति मजबूत होती है ओर खुलकर भूख लगती है |
विभिन्न प्रकार कि बीमारियों जैसे मोटापा , उच्च रक्तचाप , मधुमेह मे नियंत्रण करने मे सहायता करता है |
योग कितना जरूरी है यह तो हमने जान लिया परंतु हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अन्तराष्ट्रिय योग दिवस 21 जून को ही क्यू मनाया जाता है ?? यह प्रश्न का जवाब अभी बाकी है |
माना जाता है कि 21 जून का दिन साल का सबसे बड़ा दिन होता है ओर इस दिन कि रात साल कि सबसे छोटी रात होती है | सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध मे सबसे अधिक समय तक रहता है | जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहते है | इसके बाद सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध मे प्रवेश कर लेता है | इसलिए इस दिन को खास माना जाता है |
सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 27 सितंबर 2014 मे संयुक्त राज्य सभा मे अपने भाषण मे 21 जून को योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा | इस पर विचार करते हुए संयुक्त राज्य सभा ने दिसंबर 2014 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी |
इसके बाद हर साल 21 जून को अन्तराष्ट्रिय योग दिवस मनाया जाने लगा | पहला अन्तराष्ट्रिय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था |
हर साल योग एक थीम पर आधारित होता है | 21 जून 2026 कि योग डे कि थीम " स्वस्थ्य आयु के लिए योग " थी |



