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गीता पांडेय · 8 साल पहले
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21 जून को ही क्यों मनाया जाता हैं योग दिवस ?

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जवाब दिया गया10/24/26

योग हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है | इसे करने से शारीरिक ओर मानसिक दोनों शांति मिलती है | दिन भर मन तरोताजा महसूस करता है | इससे शरीर कि प्रत्येक मांसपेशी मजबूत हो जाती है ओर रक्त का प्रवाह भी सुचारु रूप से होने लगता है | भारत का योग से पुराना संबंध माना जाता है | भारत के योगगुरुओ ने योग कि अहमियत ओर लाभ को सभी को समझाया | महर्षि पतंजलि को योग का जनक माना जाता है |

पौराणिक कथाओ मे भी योग के महत्व को बताया गया है | कहा जाता है कि भगवान शिव को पहला योगी याने आदि योगी कहा गया था | भगवान शिव ने ही सप्तऋषियों को योग का ज्ञान दिया था |

डाबर का कथन है कि योग स्वस्थ्य ओर सुखमय जीवन जीने कि कला है |

"योग: कर्मसु कौशलम् " यह कथन भगवत गीता मे कहा गया है जिसका कि अर्थ है - हर काम को कुशलता और एकाग्रता से करना ही योग कहलाता है |

योग करने से बहुत सारे लाभ होते है जैसे -

  • मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है |

  • शारीरिक विकास मे वृद्धि होती है |

  • शरीर को रोगों से लड़ने कि ताकत मिलती है |

  • पाचनशक्ति मजबूत होती है ओर खुलकर भूख लगती है |

  • विभिन्न प्रकार कि बीमारियों जैसे मोटापा , उच्च रक्तचाप , मधुमेह मे नियंत्रण करने मे सहायता करता है |

योग कितना जरूरी है यह तो हमने जान लिया परंतु हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अन्तराष्ट्रिय योग दिवस 21 जून को ही क्यू मनाया जाता है ?? यह प्रश्न का जवाब अभी बाकी है |

माना जाता है कि 21 जून का दिन साल का सबसे बड़ा दिन होता है ओर इस दिन कि रात साल कि सबसे छोटी रात होती है | सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध मे सबसे अधिक समय तक रहता है | जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कहते है | इसके बाद सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध मे प्रवेश कर लेता है | इसलिए इस दिन को खास माना जाता है |

सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 27 सितंबर 2014 मे संयुक्त राज्य सभा मे अपने भाषण मे 21 जून को योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा | इस पर विचार करते हुए संयुक्त राज्य सभा ने दिसंबर 2014 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी |

इसके बाद हर साल 21 जून को अन्तराष्ट्रिय योग दिवस मनाया जाने लगा | पहला अन्तराष्ट्रिय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था |

हर साल योग एक थीम पर आधारित होता है | 21 जून 2026 कि योग डे कि थीम " स्वस्थ्य आयु के लिए योग " थी |

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komal Solanki
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जवाब दिया गया10/24/26

कैलेंडर में तीन सौ पैंसठ दिन होते हैं, फिर भी पूरी दुनिया ने योग के लिए 21 जून को ही चुना, और इसके पीछे केवल संयोग नहीं बल्कि खगोल, परंपरा और कूटनीति का एक दिलचस्प मेल छिपा है।

21 जून का खगोलीय महत्व

यह दिन उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति कहा जाता है। सूर्य की ऊर्जा अपने चरम पर होती है और प्रकृति में भरपूर रोशनी रहती है, इसलिए शरीर और मन को साधने वाले अभ्यास के उत्सव के लिए इसे प्रतीकात्मक रूप से उपयुक्त माना गया। दक्षिणी गोलार्ध में यही दिन सबसे छोटा होता है, पर संयुक्त राष्ट्र ने सभी देशों के लिए एक ही तारीख रखी।

भारतीय परंपरा से संबंध

भारतीय कालगणना में ग्रीष्म संक्रांति के आसपास सूर्य के दक्षिणायन में प्रवेश का समय माना जाता है। परंपरा के अनुसार इसके बाद आने वाली दूसरी पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा कहलाती है, जिसे आदियोगी शिव द्वारा योग का ज्ञान देने की शुरुआत से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि इस तारीख को आध्यात्मिक दृष्टि से भी अर्थपूर्ण माना गया।

संयुक्त राष्ट्र तक का सफ़र

  • सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा।

  • 11 दिसंबर 2014 को भारत के स्थायी प्रतिनिधि असोक मुखर्जी ने इसका मसौदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

  • 177 सदस्य देशों ने इसका सह-प्रायोजन किया, जो इस श्रेणी के किसी प्रस्ताव के लिए सर्वाधिक संख्या बताई जाती है, और इसे बिना मतदान के पारित कर दिया गया।

पहला योग दिवस

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया। नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में 84 देशों के 35,985 प्रतिभागियों ने 35 मिनट तक 21 आसन किए।

क्या योग केवल इसी दिन करना चाहिए

बिलकुल नहीं, क्योंकि यह दिन केवल एक छोटी याद दिलाने के लिए है। योग का असली लाभ रोज़ के अभ्यास से मिलता है, इसलिए पाँच-दस मिनट का सरल अभ्यास भी सप्ताह में एक बार किए गए लंबे अभ्यास से बेहतर साबित हो सकता है। किसी बीमारी या चोट की स्थिति में नए आसन शुरू करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग शिक्षक की सलाह लेना समझदारी है।

एक तारीख, कई अर्थ

इस प्रकार 21 जून का चुनाव प्रकृति की सबसे लंबी रोशनी, भारतीय परंपरा की गहराई और अंतरराष्ट्रीय सहमति का परिणाम है। यह दिन हमें हर वर्ष याद दिलाता है कि स्वस्थ रहने के लिए किसी महँगे उपकरण की नहीं, केवल नियमितता और थोड़ी सी दृढ़ इच्छाशक्ति की ज़रूरत होती है।

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अपडेट किया गया06/05/26

International Day of Yoga हर साल 21 जून को मनाया जाता है क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन (Summer Solstice) माना जाता है। भारतीय परंपराओं और योग दर्शन में इस दिन का विशेष आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व बताया गया है।

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, जिसे कई देशों का समर्थन मिला। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को International Yoga Day घोषित किया।

योग दिवस का उद्देश्य लोगों को योग, स्वास्थ्य, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। वास्तव में, आज यह दिन दुनिया के कई देशों में बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

 
 
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अपडेट किया गया05/29/26

सर्व प्रथम तो मेरी तरफ से योग दिवस की हार्दिक शुभकामना | जैसा की सभी जानते हैं,आज 21 जून अंतराष्ट्रीय योग दिवस हैं,इस दिवस को लेकर कहीं उत्साह का माहौल हैं तो कहीं ये बहस का | मुझे तो नहीं लगता की हर बात पर राजनीती करना अच्छी बात हैं | अगर राजनीति या धर्म हटाकर देखें तो हम सभी ये पाएंगे कि योग साधना हैं,एक ऐसा विषय हैं,जिसे आपको,हमको और प्रत्येक इंसान को समझना चाहिए।

अब आते हैं,आपके सवाल पर ,आप जानना चाहती हैं कि योग दिवस 21 जून को मनाने का क्या कारण हैं ? आपको बताते हैं कि योग दिवस आज के दिन ही क्यों मनाया जाता हैं | हमारें कैलेंडर के अनुसार यह वर्ष का सबसे बड़ा दिन हैया कहें कि हमारें 365 दिन के अनुसार आज का दिन 21 जून सबसे लंम्बा दिन होता हैं ,और योग भी मनुष्य को लंम्बा जीवन प्रदान करता है | इसलिए योग दिवस के लिए इस दिन चुना गया।
 
वैसे देखा जाए तो योग दिवस का क्रेज़ सिर्फ आज के दिन ही होता हैं | लोग बस आज के दिन ही योगा करते हैं,फोटो,व्हाट्सप्प,फेसबुक,और अपनी सारी सोशल मीडिया में साइड में फोटो और जानकारी शेयर करते हैं ,और जैसे ही आज का दिन गया लोग फिर अपनी दैनिक जीवन में व्यस्त | मेरा मानना हैं अगर योग दिवस मानना ही हैं तो हर दिन क्यों नहीं,सिर्फ एक ही दिन क्यों ? इंसान स्वस्थ जीवन तो जीना चाहता हैं ,परन्तु कुछ करना नहीं चाहता |
 
सिर्फ एक ही दिन "योग "आपके जीवन को स्वस्थ व दीर्घ नहीं बना सकता,क्योंकि वर्ष में 365 दिन होते हैं | सिर्फ एक दिन लंम्बा होने से जीवन लंम्बा नहीं होता ,इसलिए हर रोज योग दिवस हो तो आपका जीवन स्वस्थ होगा |
 
Avinash Kumar
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Ice in my veins. 🧊

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