महावीर जयंती क्यों मनाई जाती है - Letsdiskuss
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पोस्ट किया 06 Apr, 2020 |

महावीर जयंती क्यों मनाई जाती है

Ramesh Kumar

Marketing Manager | | अपडेटेड 16 Sep, 2020

आज महावीर जयंती है, इस दिन भगवान महावीर का जन्म हुआ था| महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की 13वीं तिथि को हुआ था। इसलिए जैन धर्म को मानने वाले इसी तिथि को महावीर जयंती के रूप में मनाते हैं| इस साल यह तिथि 6 अप्रैल सोमवार को है| भगवान महावीर की पूजा जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर के रूप में की जाती है| भगवान महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था।


(इमेज -गूगल)


आइये इनके बारें में कुछ जानते हैं:


- भगवान महावीर का जन्‍म एक क्षत्रिय राज परिवार में हुआ इनके पिता का नाम सिद्धार्थ और माता का नाम प्रियकारिणी था|


- भगवान महावीर ने अपनी तीस वर्ष की उम्र में ही राजमहल के वैभव का परित्याग कर दिया|


- इसके बाद वह साधना और तपस्या की राह पर चल दिए|


- अपनी कठोर तपस्या से उन्होंने जीवन की इच्छाओं पर जीत हासिल कि और तब वह वर्धमान से भगवान महावीर कहलाने लगे|


- परन्तु उनका सफ़र यहीं तक नहीं था, उन्‍होंने अपना पूरा जीवन जन कल्‍याण को समर्पित कर द‍िया|


- उन्होंने समाज की कई कुरीतियों को कई अन्धविश्वास को समाज से दूर कर दिया|


- भगवान महावीर के तीन आधारभूत सिद्धांत हैं, अहिंसा,सत्‍य और अनेकांत अस्‍तेय|


- उनके यह सिद्धांत लोगों को कैसा जीवन जीना चाहिए यह कला सिखाते हैं|


भगवान महावीर के अनुसार अहिंसा का मतलब सिर्फ जीवों या किसी प्राणी तक कोई तकलीफ न पहुचे ये नहीं होता बल्कि जिनको आपकी मदद की जररूत है उन तक अपनी मदद पहुँचाना भी होता है| अगर आप किसी की मदद नहीं करते तो यह एक हिंसा ही कहलाती है| महावीर के अनुसार एक सक्षम व्यक्ति को उन लोगों कि मदद करना चाहिए जिन्हें मदद की सच में जरूरत होती है|


भगवान महावीर के कुछ अनमोल वचन:


- जो व्यक्ति जीवित है, उसके प्रर्ति हमेशा दया की भावना रखनी चाहिए|


- किसी से भी घर्णा मत करो यह विनाश का कारण होती है|


- सभी मनुष्य अपने खुद के दोष से दुखी होते हैं , इसलिए उन्हें अपनी गलती सुधार लेना चाहिए इससे वह जीवन भर प्रसन्न रहेंगे|


- मनुष्य की आत्मा अकेले आती है और अकेले ही चली जाती है , न कभी कोई उसका साथ देता है और न ही कोई उसका मित्र बनता है|


- असली ज्ञान वह होता है जो सदेव सत्य को जानने में मदद करे, चंचल मन को स्थिर करे और आपकी आत्मा को शुद्ध कर सके|