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Brij Gupta

Optician | पोस्ट किया |


वो कौन सी कुप्रथाएं हैं ,जो समाज को खोखला कर रही हैं ?


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Content Writer | पोस्ट किया


कौन-कौन सी कुप्रथाओं के बारें में बताएं आपको, समाज में इतना कुछ हो रहा हैं, कि अगर किसी एक ग़लती देखो तो दूसरा और बड़ी ग़लती कर के बैठा हैं, दूसरे की ग़लती देखो तो तीसरा उससे भी बड़ी ग़लती करने को तैयार बैठा होता हैं | किस-किस को रोकोगे आप, जहां तक आपकी नज़रें हैं समाज में बस गंदगी ही फैली हैं |


समाज की कुप्रथा :-

- बलात्कार :-

 ये हमारे समाज के सभी बड़ी और सबसे घिनौनी कुप्रथा हैं | आपको लग रहा होगा, ये कुप्रथा कैसे हो सकती हैं, ये तो गुनाह हैं | पर हम आपको बताते हैं ये कुप्रथा कैसे हैं | आप ही सोचिये हमारे समाज में आय दिन ऐसी घटना सुनने मिलती हैं, हम क्या करते हैं, या इस बात को लेकर सरकार क्या करती हैं | कुछ नहीं और आपने तो सुना ही होगा पकिस्तान में रेप के बाले रेप जैसी एक कुप्रथा का निर्माण किया गया |

आय दिन रेप होना एक प्रथा ही बन गया हैं, हमारे समाज में जो ऐसी कुप्रथा बन गई हैं, जो ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही | ये गुनाह होता तो शायद कब का बंद हो जाता हैं |

बाल मजदूरी :-

बाल मजदूरी एक ऐसी कुप्रथा हैं, जिसने समाज को खोखला कर दिया हैं | बाल मजदूरी एक प्रथा ही हैं | आज भी 15 करोड़ से अधिक बच्चे बाल मजदूरी करते हैं | अगर ये सवाल सरकार से किया जाये तो इस बात का कोई जवाब नहीं होगा किसी के पास | एक तरफ सरकार सिर्फ राजनीती और भ्रष्टाचार में फांसी हैं, और वही दूसरी तरफ बच्चो को जबरदस्ती मजदूरी में लाया जा रहा हैं | जिन बच्चों के हाथ में कलम होना चाहिए उन बच्चों एक हाथों में मजदूरी के लिए सामान थमा दिया जाता हैं |

Aaj Tak की एक रिपोर्ट के अनुसार 15 करोड़ से ज्यादा बच्चे बाल मजदूरी कर रहें हैं, जिनकी उम्र 5 से 17 वर्ष हैं |

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(Courtesy : Himachal Dastak )

बेटियों की शिक्षा पर रोक :-

ये समाज की सबसे बड़ी कुप्रथा बेटी की पढाई पर रोक लगाना | केवल बेटों को स्कूल भेजा जाता हैं पढ़ने पर बेटियों को स्कूल नहीं भेजा जाता उनसे सिर्फ घर के काम करवाए जाते हैं | अक्सर यही सवाल होता हैं, सबका बेटियां क्या कर लेंगी पढ़ लिख कर करना तो उन्होंने घर के काम ही हैं | बड़ी हुई तो कर दो शादी बस यही हैं समाज में और कुछ नहीं |
बस सरकार का यही कहना हैं, बेटी पढ़ाओ -बेटी बचाओं | पर कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जाता |


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