रक्त परिसंचरण तंत्र या ब्लड ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम मानव शरीर के अंगो का एक समूह होता है,जो बॉडी की सेल्स के बीच पोषक पदार्थों जैसे विटामिन और कार्बोहाइड्रेट आदि का परिवहन करता है। इससे हमारा शरीर रोगों से मुक्त रहता है। और हमारी बॉडी का टेंपरेचर और पीएच मान भी बैलेंस रहता है। इसके अतिरिक्त रक्त परिसंचरण तंत्र के द्वारा अमिनो अम्ल, गैसें, हार्मोन, रक्त कोशिकाएँ और नाइट्रोजन के वेस्ट प्रोडक्ट आदि रक्त परिसंचरण तंत्र के द्वारा यातायात पर या परिवहन किए जाते हैं।
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रक्त परिसंचरण तंत्र का मुख्य कार्य शरीर के सभी हिस्सों में खून के साथ-साथ पोषक तत्वों को पहुंचाना है। इसकी सहायता से ही हमारे दिल में शिरा से लौटकर ऑक्सीजन जाती है। अतः हम कह सकते हैं कि रक्त परिसंचरण तंत्र मानव शरीर का एक मुख्य तंत्र होता है। इस तंत्र के बिना मनुष्य जीवित नहीं रह सकता। अब सवाल यह आता है कि इस तंत्र की सबसे पहले खोज किसने की?

आपको बता दें परिसंचरण तंत्र या रक्त परिसंचरण तंत्र की खोज 1628 में की गई और जिस डॉक्टर ने इनकी खोज की उसका नाम है, सर विलियम हार्वे। यह एक इंग्लिश फिजिशियन भी है, इन्होंने अपने मोस्टली एक्सपेरिमेंट मानव शरीर में रक्त प्रवाह के सिस्टम पर ही किए। इसके अतिरिक्त हार्वे ने मनुष्य के हृदय और मस्तिष्क पर भी काफी एक्सपेरिमेंट किए थे।
महान डॉक्टर और इंग्लिश फिजीशियन विलियम हार्वे का जन्म यूनाइटेड किंगडम के फॉल्केस्टोन में 1 अप्रैल 1578 को हुआ और इनकी मृत्यु लंदन में 3 जून 1667 को हुई।
इन्होंने अपने यूनिवर्सिटी की एजुकेशन 1599 से 1602 के बीच यूनिवर्सिटी ऑफ padua में की।