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Updated on Sep 5, 2023education

टायर का रंग काला क्यों होता है?

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3 Answers

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Society & Culture Explorer
Answered on Jun 1, 2021

प्राकृतिक रूप में रबड़ का रंग स्लेटी होता है। परंतु टायर कीमजबूती के लिए इसमें कार्बन व सल्फर मिलाया जाता है। और उनका प्राकृतिक रंग काला होता है। इसलिए टायर का रंग भी काला हो जाता है। सामान्य तौर पर केवल रबर का टायर, कच्चा होता है। और वह 8000 किलोमीटर ही चल पाता है। परंतु एक कार्बन युक्त टायर इसकी तुलना में अधिक चलता है। वह एक लाख किलोमीटर तक चल जाता है।Letsdiskuss

और पढ़े- किसी भी वाहन के टायर की कैसे जांच की जाए की वह कितने दिन और चल सकता है?

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Answered on Jan 11, 2022

आप लोगों को यह पता ही होगा कि रबर का प्राकृतिक रंग सफेद होता है। टायर बनाने के लिए रबड़ में काला कार्बन मिलाया जाता है। जिससे रबड़ जल्दी नहीं घिसे अगर सादा रब्बर का टायर 10 हजार किलोमीटर चल सकता है तो कार्बन से बना टायर 1 लाख किलोमीटर या उससे अधिक चल सकता है अगर टायर में साधारण रबड़ लगा दिया जाए तो यह जल्दी घिस जाएगा और ज्यादा दिन नहीं चल पाएगा इसलिए इसमें काला कार्बन और सल्फर मिलाया जाता है। जिससे टायर काफी दिनों तक चलता है। टायर बनाते वक्त इसमें सल्फर भी मिलाया जाता है और कार्बन काला होने के कारण यह अल्ट्रावॉयलेट से भी बच जाता है। आपने किसी टायर को जलते हुए देखा हो तो शायद गौर किया हो तो उससे धुआं बहुत ही ज्यादा निकलता है उसका कारण भी यही ब्लैक कार्बन सल्फर होता है।Article image

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V
Answered on Sep 5, 2023

दोस्तों आप सभी को पता है कि आप किसी भी गाड़ी या वाहन के टायरों को देखें तो उनका रंग काला ही होता है आज इस पोस्ट में यही हम बताएंगे कि आखिर टायर का रंग काला ही क्यों होता है टायर को रबड़ से बनाया जाता है लेकिन रबर बहुत ही ज्यादा सॉफ्ट होता है इसीलिए टायर को हार्ड बनाने के लिए इसमें कुछ चीज मिलाई जाती हैं रबर में कार्बन और सल्फर को मिलाया जाता है जिसके चलते टायरों का रंग काला होता है।

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