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Jan 18, 2022education

बेहतर शिक्षा के लिए क्यों सिर्फ प्राइवेट स्कूल पर भरोसा किया जाता है ?

3 Answers
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Rama Anuj

@ramaanuj7870Sep 18, 2018

वर्तमान समय में जहां शिक्षा की बात आती है, वहाँ पर आज के समय में सरकारी स्कूल पर भरोसा करना बहुत मुश्किल हो जाता है | वही माता-पिता को थोड़ा बहुत भरोसा बचा हुआ है,तो वो सिर्फ प्राइवेट स्कूलों पर | क्योकि प्राइवेट स्कूल बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का दवा करते हैं, और साथ ही बच्चों को कई प्रकार की सुविधा भी provide कराते हैं |

अब आपके सवाल पर आते हैं, बेहतर शिक्षा के लिए वर्तमान समय में सिर्फ बच्चों के माता-पिता को प्राइवेट स्कूल पर ही भरोसा है | क्योकि सरकारी स्कूलों में शिक्षक केवल अपनी सैलरी के लिए जाते हैं, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि बच्चा पढ़ाई कर रहा है या नहीं | क्योकि सरकारी स्कूल में फीस बहुत कम लगती है | इसलिए वहाँ पर शिक्षकों को किसी बात की कोई जिम्मेदारी नहीं होती |
दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल को देखा जाएं, तो वहाँ बच्चे की एक महीने की फीस, साधारण नौकरी करने वाले की सैलरी से ज्यादा होती है | अगर स्कूल में बच्चों को बहुत अधिक सुविधा दी जा रही है, तो फीस के नाम पर माता-पिता पैसा पानी की तरह बहा देते हैं | अब इस बात से ये समझ आता है, कि जहां फीस के नाम पर कुछ न लगता हो उस स्कूल की पढ़ाई किस तरह होगी और जहां फीस साधारण सैलरी से ज्यादा हो वहाँ की पढ़ाई कैसी होगी |
वर्तमान समय में जहां हर क्षेत्र में प्रतियोगिता चलती रहती है, ऐसे में सभी माता-पिता अपने बच्चो को अच्छी और बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं | जिसके लिए सरकारी स्कूल पर भरोसा करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है | इसलिए माता-पिता अपने बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूल पर भरोसा करते है |
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें, केजरीवाल द्वारा सरकारी स्कूल में कुछ सुविधाएं प्रदान की गई हैं -
- 10000 क्लास रूम |
- कमजोर स्टूडेंट के लिए एक्स्ट्रा क्लास की सुविधा |
- एजुकेशन के लिए 10 लाख रूपए का लोन पास किया |
- smart class room बनवाई |
- बच्चों के माता-पिता और स्कूल के शिक्षकों को मिलाकर मैनेजमेंट कमिटी बनाई गईं हैं |
- 400 नए पुस्तकालय का निर्माण |
Letsdiskuss
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@setukushwaha4049Jan 18, 2022

जी हाँ बिल्कुल बेहतर शिक्षा के लिए सिर्फ प्राइवेट स्कूलों पर ही भरोसा कर सकते है, क्योंकि सरकारी स्कूलो पर बच्चो के माता -पिता शिक्षा पर भरोसा नहीं कर सकते है। क्योंकि सरकारी स्कूलो मे पढ़ाई ज्यादा नहीं होती है, वहां के शिक्षक यही सोचते है कि वह सरकारी पद पर है वह क्लास मे बच्चो को पढ़ाने जाये चाहे ना जाये उनको महीने की सैलरी पूरी ही मिलेगी, लेकिन प्राइवेट स्कूलों मे शिक्षक अपने बच्चो और अपने जीवन को लेकर बहुत चिंतित होते है, इसलिए वह बच्चो को बेहतर शिक्षा प्रदान करते है जिससे बच्चो का जीवन उज्जवल हो।

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@krishnapatel8792Jan 18, 2022

वर्तमान समय में ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में ही पढ़ाना चाहते हैं क्योंकि उनका मानना है कि उनके बच्चे प्राइवेट स्कूल मे पढ़ कर ही आगे चलकर अपने भविष्य मे कुछ कर सकते है क्योंकि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को मन लगाकर पढ़ाया जाता है उन्हें वहां पर हर चीज का ज्ञान दिया जाता है जो आगे चलकर उनके लिए बेहतर होगा बल्कि सरकारी स्कूलों में ना पढ़ने वाले बच्चों को भी पास कर दिया जाता है क्योंकि वहां के टीचरों के मन में ये बात रहती है कि बच्चे पढ़े या ना पढ़े हमारी सैलरी तो हमें मिलती ही है। जिसके कारण बच्चों का भविष्य खराब हो जाता है और आगे चलकर वह कुछ भी नहीं कर पाते हैं इसलिए सभी माता-पिता अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं Article image

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