आपने पूछा कि क्या शिक्षा प्रणाली बेरोजगारी के लिए जिम्मेदार है तो इसका उत्तर यह है कि शिक्षा प्रणाली भी थोड़ा बहुत जिम्मेदार है और आज के समाज की सोच भी जिम्मेदार है।
दरअसल आज की शिक्षा प्रणाली में कौशल शिक्षा यानी स्किल वाली शिक्षा पर उतर ध्यान नहीं दिया जाता है जितना जरूरत है। लेकिन नई शिक्षा नीति में इसमें ध्यान देने की बात कही गई है। वहीं दूसरी बात बता दे कि आज सभी लोग पढ़ाई को ही महत्व देते हैं जबकि कोई काम सीखना या कुशलता पर उतना महत्व नहीं देते इस कारण से ही बेरोजगारी भी बड़ी है।
पढ़ाई के साथ-साथ स्किल सीखना भी जरूरी
पढ़ाई के साथ-साथ आधुनिक स्किल भी सिखाना जरूरी हो जाता है इसके साथ ही हमें ट्रेडिशनल स्किल भी सीखना चाहिए जिससे कि रोजगार मिलने की संभावना ज्यादा हो जाती है।
आज के समय में कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ज्ञान भी जरूरी है जिसके बल पर रोजगार पाना आसान हो जाता है।
परंपरागत स्किल्स (Traditional Skills)
हस्तशिल्प और कला: मिट्टी के बर्तन बनाना (पॉटरी), बुनाई (Weaving), कढ़ाई-बुनाई और ब्लॉक प्रिंटिंग।
लकड़ी और धातु का काम: बढ़ईगीरी (Carpentry), लोहारी और पारंपरिक आभूषण बनाना।
कृषि और बागवानी: पारंपरिक खेती के तरीके, पशुपालन और घरेलू उपचार (आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की समझ)।
पारंपरिक कलाएं: लोक नृत्य, शास्त्रीय संगीत, चित्रकला (जैसे मधुबनी, वर्ली) और पाककला (पारंपरिक व्यंजन बनाना)।
आधुनिक स्किल्स (Modern Skills)
टेक्नोलॉजी और कोडिंग: पाइथन, जावा जैसी प्रोग्रामिंग भाषाएं, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और वेबसाइट डिजाइनिंग।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा: मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और एआई टूल्स का उपयोग।
स्वरोजगार पर ध्यान ना देना
अगर शुरू से स्वरोजगार की तरफ उन्हें प्रेरित किया जाए तो यही छात्र आगे चलकर कई लोगों को अपने नए स्टार्टअप में जॉब देने वाले बन सकते हैं।
कैसे हो सकता है सुधार
सबसे पहले बुनियादी शिक्षा में कुशलता वाली शिक्षा बच्चों में देना शुरू कर देना चाहिए। बच्चों को बागवानी, कार्पेंट्री, मशीन को बनाने और मरम्मत करने की ट्रेनिंग शुरुआत से देनी चाहिए। इसके साथ योग और खेल की शिक्षा भी उन्हें शुरू से देना चाहिए जिससे कि वह इसे करियर के तौर पर बना सके। कोई काम छोटा नहीं होता है। हाथ से किए जाने वाले काम भी बहुत जरूरी होता है।
मेरा मानना है कि आज के दौर में अच्छे प्लंबर, अच्छे मैकेनिक और अच्छे कारीगर मिलना बहुत मुश्किल है। इन कुशलताओं की ट्रेनिंग अगर स्कूलों में कौशल प्रशिक्षण के तौर पर दिया जाए तो यकीनन बेरोजगारी खत्म हो सकती है।
भारत सरकार की NEP pdf रिपोर्ट पढ़िए
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के आधिकारिक पीडीएफ (PDF) दस्तावेज में कारपेंट्री, पोट्री और अन्य व्यावसायिक कौशलों (Vocational Crafts) को मिडिल स्टेज (कक्षा 6 से 8) में शामिल किए जाने का उल्लेख पेज नंबर 23 (Chapter 4, Para 4.26) पर दिया गया है।
https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/NEP_Final_English_0.pdf?hl=hi-IN
World Economic Forum (WEF) रिपोर्ट: भविष्य की नौकरियों और स्किल्स के विश्लेषण के लिए WEF Future of Jobs Report पढ़ें।
https://www.weforum.org/publications/the-future-of-jobs-report-2023/4-skills-outlook?hl=hi-IN
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