क्या लगता है वर्तमान मे शिक्षा एक व्यापार बनता जा रहा है,शिक्षा का क्या महत्व रह गया है ? - letsdiskuss
Official Letsdiskuss Logo
Official Letsdiskuss Logo

भाषा


Rohit Valiyan

Cashier ( Kotak Mahindra Bank ) | पोस्ट किया | शिक्षा


क्या लगता है वर्तमान मे शिक्षा एक व्यापार बनता जा रहा है,शिक्षा का क्या महत्व रह गया है ?


0
0




Content Writer | पोस्ट किया


नमस्कार रोहित जी,आपका सवाल तारीफ के काबिल है क्योकि वर्तमान समय मे सब जहा इतने व्यस्त है के किसी को किस से कोई मतलब नहीं वही आपके इस सवाल से शायद लोग कुछ समय निकल कर एक पल के लिए ये सोचे के पढाई आज के वर्तमान मे क्या और कितना महत्व रखती है | 

मानव जीवन मे वर्तमान समय मे शिक्षा का महत्व समझा पाना बहुत ही मुश्किल है क्योकि शिक्षा का मतलब आज के समय मे कुछ नहीं रह गया | आज कल के बच्चे पढाई ने नाम पर स्कूल मे सिर्फ मस्ती मजा करने जाते है | और वही शिक्षक भी ऐसे ही है जो पढाई ठीक से नहीं करवाते है और कही तो सरकारी स्कूल मे तो ये हाल है के वह के टीचर बच्चो से अपने व्यक्तिगत काम करवाते है | 

शिक्षा का महत्व बस वर्तमान  मे इतना है महंगा स्कूल,महंगी किताबे,महंगा स्कूल ड्रेस,बस एक फैशन बन गया है | पढाई के नाम पर दुनिया भर के विषय जोड़ दिए जाते है | जो विषय कभी किसी ने देखा नहीं सुना नहीं वो विषय जोड़ दिए जाते है | कैसे पढ़ेंगे बच्चे इनको ये समझ नहीं आता |
सबसे बड़ी परेशनी माँ-पिता को ये हो जाती है क जो विषयो  के नाम तक उनको नहीं पता वो उनके बच्चे का विषय है | अब उनको अपने बच्चो के लिए स्कूल के साथ साथ कोचिंग क्लास भी लगवाना जरुरी हो जाता है |

पहले ही स्कूल के इतने खर्च उस पर कोचिंग | उसके बाद जो शिक्षक स्कूल मे पड़ाता है वही उस विषय की क्लास घर मे देते है | स्कूल की फीस भी दे और कोचिंग की फीस भी | स्कूल के नाम पर व्यापर चला रहे है लोग |

उच्च स्तर के लोग वो चाहे अपने बच्चो को कही भी पढ़ा सकते है कितना भी पैसा लगा सकते है अपने बच्चो पर ,माध्यम स्तर  के लोग अपने और खर्चे रोक कर मैनेज करने की कोशिश करते है ,परन्तु  निम्न स्तर के लोग जिनको खाना भी बहुत मुश्किल है वो अपने बच्चो को कैसे पढ़ाये | स्कूल के नाम पर व्यापार चल रहा है | 


Letsdiskuss


3
0

Occupation | पोस्ट किया


आज कल की शिक्षा एक व्यापार बनती जा रही है, शिक्षा का कोई महत्व नहीं रह गया। क्योंकि आज कल प्राइवेट स्कूलो मे बच्चो की फीस इतनी ज्यादा लेते है कि लोग अपने बच्चो को पढ़ाने के लिए कितनी मेहनत से पैसा इकट्ठा करके फीस भरते है लेकिन स्कूलों सिर्फ फीस लेते है बच्चो को सही ठंग से पढ़ाते नहीं है सिर्फ मज़ाक मस्ती, खेल कूद करवाने मे ही समय बर्बाद कर देते है, ना तो बच्चे और ना ही शिक्षक दोनों शिक्षा कोई महत्व नहीं समझ रहे है।

Letsdiskuss


0
0

| पोस्ट किया


आज के समय में शिक्षा का कोई महत्व ही नहीं रह गया है लोग शिक्षा को व्यापार बना दिए हैं लोग शिक्षा के महत्व को पहचानने की कोशिश ही नहीं करते हैं बस उन्हें पैसों से मतलब होता है अक्सर  हम देखते हैं कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा का अच्छे से पढ़ाते नहीं हैं क्योंकि उनके मन में यह विचार रहता है कि हमें तो सैलरी मिल ही रही है चाहे बच्चों को ज्ञान मिले या ना मिले इससे हमें क्या लेना देना है और वहीं दूसरी और प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के माता-पिता से पैसा लिया जाता है बच्चों को पढ़ाने के लिए लेकिन इस स्कूल में होता क्या है की जब टीचर बच्चों को पढ़ाते हैं उनका मन यहां वहां की बातों में लगा कर टाइम पास कर लेते हैं और समय खत्म होने पर चले जाते हैं इस तरह में बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाता है। और शिक्षक का पड़ा लिखे होने का कोई महत्व नहीं होता है।Letsdiskuss


0
0

Picture of the author