हृदय रोग के क्या लक्षण हैं ? - letsdiskuss
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Sumil Yadav

Sales Manager... | पोस्ट किया |


हृदय रोग के क्या लक्षण हैं ?


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Student-B.Tech in Mechanical Engineering,Mit Art Design and Technology University | पोस्ट किया


- कभी भी किसी के सीने में अचानक से दर्द हो तो यह ह्रदय घात का कारण हो सकता है | जब भी ऐसा हो तो तुरंत डॉक्टर के जाएं |


- अचानक से कभी एक या फिर दोनो हाथों, कमर, गर्दन, जबड़े या फिर पेट में दर्द और बेचैनी महसूस हो तो यह भी ह्रदय से सम्बंधित बीमारी का कारण हो सकता है |

- सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना, अधिक चक्कर आना ये हार्ट अटैक को दर्शाता है |

- अगर आप प्रतिदिन व्यायाम या किसी प्रकार का शारीरिक श्रम करते हैं तो आपके सीने में दर्द होना लाज़मी है | अगर व्यायाम के समय दर्द हो तो इसे एनजाइना कहा जाता है, जो कि जीर्ण कोरोनरी धमनी की बीमारी (सी ए डी) का एक लक्षण होता है |

- अगर चलने में या किसी काम को करने में लगातार सांस टूटे तो यह ह्रदय घात हो सकता है |

ऐसा कुछ भी हो तो इसको नज़रअंदाज़ न करें |

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blogger | पोस्ट किया


ह्रदय रोग एक गंभीर समस्या है, जिसका समय रहता इलाज कराना ही बेहतर होता है। इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि हर साल 29 सिंतबर को विश्व ह्रदय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विश्व स्वास्थ संगठन के आंकडों के अनुसार हर साल 1 मिलियन लोगों की मौत ह्रदय रोग के कारण हो जाती है। यह आंकडें ह्रदय रोग की भयावह तस्वीर बयां करने के लिए काफी हैं और इसके साथ में यह इस बात भी संकेत हैं कि ह्रदय रोग (Heart Disease) की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए, ताकि वह इससे अपनी रक्षा कर सके।
दुर्भाग्यवश कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो ह्रदय रोग की संपूर्ण जानकारी से वंचित हैं। यदि आप भी ऐसे ही लोगों में शामिल हैं तो आपको इस लेख को जरूर पढ़ना चाहिए।       

अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़े   >>>>>>>>>Heart Disease in Hindi<<<<<<<<<<<<<<<


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student | पोस्ट किया


चूंकि दिल का दौरा घातक हो सकता है, इसलिए चेतावनियों को जल्द से जल्द पहचानना और आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

 

लक्षणों में शामिल हैं:

  • सीने में दबाव, जकड़न, दर्द, निचोड़ने या दर्द की भावना
  • दर्द जो बाहों, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलता है
  • छाती में कुचलने या भारीपन की भावना
  • नाराज़गी या अपच जैसी भावना
  • मतली और कभी-कभी उल्टी
  • चिपचिपा और पसीना महसूस करना
  • सांस लेने में कठिनाई
  • चक्कर आना या चक्कर आना
  • कुछ मामलों में, चिंता जो पैनिक अटैक के समान महसूस कर सकती है
  • खांसी या घरघराहट, अगर फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है


लक्षण उनके क्रम और अवधि में भिन्न हो सकते हैं - वे कई दिनों तक रह सकते हैं या अचानक आ और जा सकते हैं।

निम्नलिखित भी विकसित हो सकते हैं:

 

  • हाइपोक्सिमिया: इसमें रक्त में ऑक्सीजन का निम्न स्तर शामिल होता है।
  • पल्मोनरी एडिमा: इसमें फेफड़ों में और उसके आसपास द्रव जमा होता है।
  • कार्डियोजेनिक शॉक: इसमें रक्तचाप अचानक गिरना शामिल है क्योंकि हृदय शरीर के बाकी हिस्सों को पर्याप्त रूप से काम करने के लिए पर्याप्त रक्त की आपूर्ति नहीं कर सकता है।

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Content Writer | पोस्ट किया


मानव शरीर में सबसे महत्वपूर्ण होता है उसका ह्रदय जिसको हार्ट कहते हैं | मनुष्य का ह्रदय एक दिन में लगभग एक लाख बार और एक मिनट में 60-90 बार धड़कता है। ह्रदय ही हमारे पूरे शरीर का संचालन करता है, क्योकि अगर मनुष्य का ह्रदय धड़कना बंद हो जाए तो मनुष्य जीवित नहीं रह सकता | ह्रदय रोग होने के कई लक्षण है, जिसके बारें में हम आज आपको बता रहें हैं |
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ह्रदय रोग होने के लक्षण :-

- कभी अचानक से सीने में बहुत तेज दर्द उठना हार्ट अटैक होने की सम्भावना को जाता है | अगर अचानक सीने में दर्द हो तो इस बात को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत अस्पताल जायें |

- केवल सीने में ही नहीं बल्कि आपको दोनों हाथों में , कमर में, गर्दन में, जबड़े में ,और पेट में दर्द हो और बेचैनी महसूस हो तो यह भी हार्ट अटैक की सम्भावना होती है |

- अचानक सांस लेने में तकलीफ होना, पसीना आना और शरीर ठंडा पड़ जाना ये सब लक्षण ह्रदय रोग के हो सकते हैं |

- अगर आप व्यायाम करते हैं, या किसी भी प्रकार का शारारिक श्रम करने में आपके सीने में दर्द महसूस होना यह भी ह्रदय रोग का एक लक्षण माना जाता है |

लोग ह्रदय से जुड़े रोगों में केवल हार्ट अटैक या हार्ट ब्लॉकेज ही जानते हैं | कुछ ह्रदय से जुड़े रोग और भी हैं, जिनके बारें में अधिकतर लोग नहीं जानते |

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- Arrhythmia :-
एरिथमिया ह्रदय की ऐसी बीमारी है, जिसमें ह्रदय की धड़कन नियमित नहीं होती | इस रोग में दिल की धड़कन सामान्य रूप से बहुत तेज हो जाती है, या धीमी हो जाती है | एरिथमिया रोग तब होता है, जब ह्रदय को नियंत्रित करने वाले वेव्स सही तरह से काम नहीं करते | जब आपका ह्रदय सामन्य रूप से नहीं धकड़ता तो आप सीने , गले और गर्दन में दर्द महसूस करते हैं |

- Atherosclerosis :-
एथेरोस्क्लेरोसिस ऐसा ह्रदय रोग है, जिसके कारण आपके दिल में रक्त का संचार धीमा हो जाता है | आपके ह्रदय में सही और पर्याप्त मात्रा में रक्त का न पहुंचना आपको ह्रदय का रोग तो देता ही है, साथ ही आपको कई अन्य बीमरियों का शिकार भी बना देता है | एथेरोस्क्लेरोसिस रोग सामन्य रूप से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने, इंसुलिन हार्मोन के घटने, हाई ब्लड प्रेशर,कम शारीरिक मेहनत, बढ़ती उम्र, आपके ज्यादा धूम्रपान करने से हो सकता है |

- Coronary artery :-
कोरोनरी धमनी रोग ह्रदय के लिए गंभीर अवस्था है। यह रोग आपके ह्रदय में ऑक्सीजन और रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में प्लाक जम जाने के कारण होता है | जब आपके ह्रदय में रक्त के साथ-साथ पोषक तत्व और ऑक्सीजन सही मात्रा में नहीं पहुँचता, धमिनिया सिकुड़ जाती है | जिसके कारण कोरोनरी रोग होता है |

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Student | पोस्ट किया


आजकल के आधुनिक युग में एक और जहां हम टेक्नोलॉजी के माध्यम से दिन प्रतिदिन तरक्की कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हमारे खान-पान रहन-सहन व बढ़ते प्रदूषण के कारण हम नई-नई अनेकों बीमारियों के शिकार भी हो रहे हैं। दुनिया के लगभग हर घर में से कोई ना कोई सदस्य ऐसा है जिसे कोई बीमारी अवश्य है। और ऐसी अनेकों बीमारियों में से एक बीमारी है दिल की बीमारी।

शारीरिक कार्य के दौरान सांस फूलना तो आम बात है, परन्तु आराम करते समय सांस की परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। कुछ लोगो को तो सीधे लेटने पर भी ठीक से सांस लेने में परेशानी होती है। यह स्थिति तब होती है जब दिल तक पहुंचने वाले रक्त की मात्रा इतनी हो जाती है की दिल, रक्त को सही से पंप नहीं कर पाता। जिस कारण द्रव फेफड़ों में पहुंच जाता है और सास लेने मे तकलीफ होती है। 
  यदि कभी ऐसा महसूस हो की आपके पेट के आस-पास वजन बढ़ गया है। तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में द्रव जमा हो रहा है। ऐसा इस कारण होता है क्योंकि आपका दिल, खूब को सही से पंप नहीं कर पाता है और खून नसों के हार्ट पूल में वापस जाने मे असमर्थ हो जाता है, जिस वजह से सूजन आ जाती है।
थकावट- आप यदि प्रतिदिन किये जाने वाले कार्य करने में थक रहे हैं और वह भी आम कार्य जैसे झाड़ू लगाना या फिर घर का कोई छोटा- मोटा  सामान उठाना, तो यह समझ लें, कि आपके दिल के द्वारा आपके शरीर के सभी हिस्सों में रक्त सही प्रकार से संचालित नहीं हो पा रहा है। आपका दिल आपके शरीर की सभी मांस पेशियों को खून पहुंचाने में असमर्थ हो रहा है। तो ऐसी स्थिति में आप योगासन करें और डॉक्टर की सलाह ले। आज हम जिस दौर में जी रहे हैं उस दौर में हमें अधिकांश खाना उच्च गुणवत्ता का नहीं मिल पा रहा है।जिस कारण हमें इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
 याददाश्त कमजोर होना या सोचने में थोड़ा उलझना- यदि बीते कुछ दिनों से आपको सोचने में कुछ तकलीफ हो रही है या फिर आप पुरानी चीजों को ठीक से याद नहीं रख पा रहे हैं। तो यह लक्षण हो सकता है दिल की बीमारी का। हमारा दिल जो कि हमारे शरीर के लिए एक चार्जर का काम करता है और हमारा दिमाग जो एक प्रकार का स्टोरेज है। और यदि दिल हमारे शरीर में रक्त का सही तरह से संचरण नहीं कर पाता तो बीती बातें भूल जाना कोई नई बात नहीं है। इसका एक कारण हो सकता है शरीर में सोडियम की मात्रा कम या ज्यादा होना।
 कभी-कभी यदि आपको अच्छा महसूस ना हो या फिर आपको पेट भरा- भरा सा महसूस हो, तो ऐसे में यह स्थिति सामने आती है कि दिल के द्वारा पंप किया गया रक्त आपकी पाचन क्रिया तक नहीं पहुंच पा रहा है। यदि शरीर में हृदय संबंधी बीमारी होती है तो उसका सीधा- सा असर हमारी पाचन क्रिया पर भी पड़ता है। जिसके लक्षण भूख ना लगना, अजीब महसूस करना तथा पेट भरा -भरा सा महसूस करना होता है।
ब्लड प्रेशर का बढ़ना - यह स्थिति शरीर में तब आती है जब हृदय को रक्त  पंप करने में परेशानी आती है। और सही समय पर शरीर के सभी अंगों को रुधिर पहुंचाने के चक्कर में हमारा हृदय तेजी से रुधिर को पंप करने लगता है। और ऐसी स्थिति में हमारा हृदय 1 मिनट में 72 बार से ज्यादा धड़कने लगता है। जो हमारेेेेेेेेेेेेेेेे हृदय की औसत गति से ज्यादा है। 
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