दिमाग़ थककर चूर हो जाए और काम की सूची फिर भी लंबी हो, तो पाँच मिनट का विराम किसी जादू की तरह लग सकता है। अच्छी बात यह है कि इतने कम समय में भी मन को फिर से सक्रिय करने के सरल तरीके मौजूद हैं, और उन्हें अपनाने के लिए किसी ख़ास सामान की ज़रूरत नहीं होती।
गहरी साँसें लें
आराम से बैठकर धीरे-धीरे नाक से साँस लें और उतनी ही धीमी गति से बाहर छोड़ें। बॉक्स ब्रीदिंग में चार गिनती तक साँस लेना, चार तक रोकना, चार तक छोड़ना और चार तक रुकना शामिल होता है। इससे मन शांत होने का अनुभव होता है।
थोड़ा टहल लें
कुर्सी से उठकर कमरे या बालकनी में कुछ मिनट चलना शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है और मन को ताज़गी देता है। अगर संभव हो तो खिड़की के पास जाकर बाहर की हवा और रोशनी लें।
शरीर को खींचें
गर्दन, कंधे और कमर की हल्की स्ट्रेचिंग लंबे समय तक बैठने से आई अकड़न कम करती है। कुछ बार कंधों को गोल घुमाएँ और हाथों को ऊपर ले जाकर शरीर को खींचें।
पानी पिएँ
एक गिलास पानी पीना सबसे आसान क़दम है, क्योंकि हल्की निर्जलीकरण की स्थिति में भी थकान और सिरदर्द महसूस हो सकते हैं।
आँखों को आराम दें
स्क्रीन से नज़र हटाकर दूर की किसी वस्तु को देखें।
कुछ पल आँखें बंद करके हथेलियों की गर्माहट से उन्हें आराम दें।
पलकें झपकाना न भूलें, क्योंकि स्क्रीन पर देखते समय हम कम झपकते हैं।
धूप और खुली हवा
संभव हो तो कुछ मिनट धूप या खुली हवा में बिताएँ, क्योंकि प्रकृति का स्पर्श मन को हल्का कर देता है।
पसंदीदा संगीत सुनें
एक पसंदीदा गाना मन की दिशा बदल सकता है। हल्का या शांत संगीत चुनें, और अगर मन हो तो साथ-साथ गुनगुना लें।
सकारात्मक विचार लिखें
एक छोटी डायरी या फ़ोन के नोट में आज की तीन अच्छी बातें लिख लेना ध्यान को तनाव से हटाकर कृतज्ञता की ओर मोड़ता है।
क्या करने से बचें
इन पाँच मिनटों में सोशल मीडिया पर अंतहीन स्क्रॉल करना अक्सर मन को और थका देता है। ऐसे ब्रेक में फ़ोन से दूरी बनाना बेहतर रहता है।
नियमित आदत बनाएँ
हर एक-दो घंटे में छोटा ब्रेक लेने की आदत लंबे समय में एकाग्रता और उत्पादकता बढ़ाती है। यदि लगातार थकान, चिंता या उदासी बनी रहे तो किसी विश्वसनीय व्यक्ति या विशेषज्ञ से बात करना उचित है।
ताज़गी का छोटा नुस्ख़ा
पाँच मिनट की सही आदतें दिनभर की ऊर्जा बदल सकती हैं, इसलिए आज ही अपना पसंदीदा तरीका चुनें और धीरे-धीरे उसे दिनचर्या का हिस्सा बनाएँ।






