दोस्तों मच्छरों का काटना एक आम बात है घर में डेली सभी को मच्छर काटते हैं लेकिन मच्छरों के काटने से गंभीर बीमारियां होती हैं जैसे कि चिकनगुनिया डेंगू। ऐसे में मच्छरों के काटने से कैसे बचा जाए यह हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे। सोते समय सबसे ज्यादा मच्छर काटते हैं सोते समय डार्क रंग के कपड़े मत पहने क्योंकि डार्क रंग के कपड़े मच्छरों को ज्यादा आकर्षित करते हैं। हो सके तो आप पूरे कपड़े पहने जिससे आपका ज्यादा से ज्यादा शरीर ढका रहेगा। पंखे को तेज कर के सोइए मार्केट में ऐसी बहुत सी करें हमें है जिसका यूज करके आप मच्छरों से खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं।
मच्छरों के काटने से कैसे बचा जा सकता है?
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मच्छरों का काटना बहुत ही खतरनाक माना जाता है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैल जाती है। मच्छर के काटने से बचने के लिए कुछ उपाय बताना चाहते हैं।
पूरे कपड़े पहने सोते वक्त हमेशा कोशिश करें कि पूरे कपड़े पहनने जिनमें आपका शरीर ज्यादा ज्यादा ढाका हो इससे आप मच्छरों से अपने शरीर को ज्यादा से ज्यादा बचा सकते हैं। सोते वक्त पंखे को फुल स्पीड में चालू कर दें। इससे मच्छर एक जगह पर स्थित होकर आपको नहीं काट पाएंगे। बाजार में तमाम ऐसे क्रीम उपलब्ध है जीन्हे लगाकर आप मच्छरों से खुद को बचा सकते हैं।
अपने आप को मच्छर के काटने से बचाने के लिए फ़ास्ट कार्ड या मच्छर मारने वाली अगरबत्ती को जलाना चाहिए। क्योंकि मच्छर के काटने से हमें अनेक प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं जैसे डेंगू,चिकनगुनिया, मलेरिया आदि। मच्छर के काटने से बचने के लिए फैन ऑन करके सोना चाहिए। क्योंकि हवा चलने पर मच्छर जल्दी नहीं काट पाती हैं। इसके अतिरिक्त हमेशा अपने घर में साफ सफाई रखनी चाहिए क्योंकि मच्छर गंदगी के कारण अधिक फैलती हैं।
मच्छरो को खुद से काटने से बचने के लिए सोते समय फुल कपड़े पहनकर रखे जिससे आपके शरीर के किसी भी हिस्से मे मच्छर जल्दी नहीं काट पाते है।
इसके अलावा मच्छरो से खुद को काटने से बचने के लिए आपको अपने रूम का पंखा तेज चालू कर लेना है, जिससे आपके शरीर मे मच्छर जल्दी नहीं बैठ पाएंगे और एक भी मच्छर नहीं काटेंगे।
मच्छरो के काटने से बचने के लिए अपने रूम मे ऑलआउट लगाकर सोने से मच्छर जल्दी काट नहीं पाएंगे, क्योकि मच्छर ऑलआउट की सुंगन्ध से ही भाग जाते है।
हमारे शरीर को हेल्दी और फिट रहने के लिए अन्य पोषक तत्वों के साथ-साथ आयरन की भी जरूरत होती है। आयरन ही हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं ही शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का काम करती हैं।
हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में ऑक्सीजन पहुंचाता है। इसलिए आयरन की कमी से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है और हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसकी वजह से कमजोरी और थकान महसूस होती है, इसी स्थिति को एनीमिया कहते हैं।
इसकी लक्षण हैं:- चक्कर आना, थकान होना, त्वचा का पीला पड़ना, सीने में दर्द, तलवे और हथेलियों का ठंडा पड़ना, लगातार सिर में दर्द और शरीर में तापमान की कमी|
इससे बचने के लिए कोई खास दवाई नहीं हैं बस आपको अनपे खाने पीने पर धयान देना होगा, जैसे:-
चुकंदर- यह आयरन का अच्छा स्त्रोत है। इसको रोज खाने में सलाद या सब्जी के तौर पर शामिल करने से शरीर में खून की कमी नहीं होती।
हरी पत्तेदार सब्जी- पालक, ब्रोकोली, पत्तागोभी, गोभी, शलजम और शकरकंद जैसी सब्जियां सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं। वजन कम होने के साथ खून भी बढ़ता है। पेट भी ठीक रहता है।
सूखे मेवे- खजूर, बादाम और किशमिश का खूब प्रयोग करना चाहिए। इसमें आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है।
फल- खजूर, तरबूज, सेब, अंगूर, किशमिश और अनार खाने से खून बढ़ता है। अनार खाना एनीमिया में काफी फायदा करता है। प्रतिदिन अनार का सेवन करें।
मच्छरों का काटना बहुत ही खतरनाक माना जाता है क्योंकि इनके काटने से डेंगू चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल जाती है इसलिए इनके काटने से बचने के लिए हम आपको कुछ उपाय बताते हैं जिनको अपनाकर आप मच्छरों के काटने से बच सकते हैं।
सोते वक्त ज्यादा डार्क रंग के कपड़े पहनने से मच्छर ज्यादा आकर्षित होते है और जबकि हल्के रंग के कपड़े पहनने से मच्छर जल्दी पास में नहीं आ पाते हैं इसलिए जब भी आप सोने जाए तो हल्के रंग के कपड़े पहने।
आप रात को सोए तो सोते वक्त अपने बिस्तर मच्छरदानी लगाकर सोए क्योंकि मच्छरदानी लगाने से मच्छर आपके पास नहीं जा पाएंगे और आपको काट भी नहीं पाएंगे।
मच्छरों के काटना भले ही कुछ लोगों को आम बात लगें लेकिन इससे कई ऐसी बीमारियां होती है जिनके बारें में आप कभी सोच भी नहीं सकते है जो जानलेवा होती है | यही वजह है की 20 मई को विश्व मच्छर दिवस यानी World Mosquito Day के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे उद्देश्य मच्छरजनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
courtesy-Healthline




